19 घंटे बाद हुआ रिटायर्ड जवान अमरेश का अंतिम संस्कार, आरोपियों के एनकाउंटर की मांग पर अड़ा था परिवार

बलिया: उभांव थाना क्षेत्र के दोथ सोनाडीह गांव में पड़ोसियों के हमले में मारे गए रिटायर्ड सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह (45) का अंतिम संस्कार करीब 19 घंटे बाद शनिवार को किया गया। आरोपियों के एनकाउंटर और अन्य मांगों को लेकर मृतक की पत्नी और बेटियां अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं थीं। परिवार को मनाने के लिए एडीएम अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और काफी देर तक बातचीत की।

परिवार की मांग पर एडीएम ने मृतक की पत्नी कंचन सिंह की परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से फोन पर बात कराई। मंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया कि दो दिन के भीतर वह उनसे मुलाकात करेंगे और उनकी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत कराएंगे। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ।

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शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अमरेश के शव को सरयू नदी के घाट पर ले जाया गया, जहां उनके 12 वर्षीय भतीजे रुद्र प्रताप ने मुखाग्नि दी। रुद्र, हमले में गंभीर रूप से घायल अमरेश के भाई मंजेश सिंह का बेटा है।

परिवार ने रखीं कई मांगें

शुक्रवार शाम मऊ से अमरेश सिंह का शव उनके घर पहुंचने के बाद परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एडीएम अनिल कुमार परिवार से बातचीत करने पहुंचे।

मृतक की पत्नी कंचन सिंह ने मांग की कि हत्या के आरोपियों गिरीश चंद्र और रामकरण सिंह का एनकाउंटर किया जाए और आरोपियों के मकान पर बुलडोजर चलाया जाए। इसके अलावा उन्होंने अपने और घायल देवर के परिवार को 20-20 लाख रुपये मुआवजा, दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग की।

परिवार ने यह भी मांग रखी कि डीएम की मौजूदगी में मुख्यमंत्री से उनकी बातचीत कराई जाए। एडीएम ने परिवार से उनकी मांगों से संबंधित पत्र लिया। इसके बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने फोन पर अमरेश की पत्नी से बातचीत की और सभी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से बात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ।

क्या है पूरा मामला?

रिटायर्ड जवान अमरेश बहादुर सिंह के परिवार में पत्नी कंचन सिंह और तीन बेटियां कृतिका (21), रितिका (18) और रोशनी (16) हैं। उनके भाई मंजेश सिंह (35) भी साथ रहते थे। दोनों भाई घर के पास डेयरी फार्म चलाते थे।

बताया जा रहा है कि गुरुवार को अमरेश डेयरी फार्म पर थे। इसी दौरान पड़ोसी गिरीश सिंह अपनी पत्नी शीला, दो बेटों करन और सूरज तथा बेटी खुशी के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि पूरे परिवार ने अमरेश पर हमला कर दिया।

आरोप है कि हमलावरों ने अमरेश को गिराकर पीटा और चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। भाई मंजेश उन्हें बचाने पहुंचे तो उन पर भी हमला किया गया। गंभीर हालत में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां अमरेश की मौत हो गई। वहीं मंजेश की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका वाराणसी के बीएचयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर इलाज चल रहा है।

तीन आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

घटना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों में गिरीश की पत्नी शीला सिंह, बेटी खुशी और बेटे सूरज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गिरीश और उसका बेटा करन अभी फरार बताए जा रहे हैं।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की हैं। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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