होमटाउन की परंपराओं से मुंबई के भव्य जश्न तक, सोनी सब के सितारों ने साझा कीं गणेश चतुर्थी की यादें

मुंबई, सितंबर 2026: गणेश चतुर्थी ऐसा त्योहार है, जो परिवार, दोस्तों और पूरे समुदाय को एक साथ जोड़ता है। भक्ति, उत्साह और उमंग से भरे इस पर्व के दौरान मुंबई का नजारा देखते ही बनता है। हालांकि, अपने शहर और परिवार से दूर रहकर त्योहार मनाने वाले कलाकारों के लिए यह मौका अपने घर की पुरानी परंपराओं और बचपन की यादों को फिर से जीने का भी होता है।

इस गणेश चतुर्थी पर सोनी सब के कलाकारों गुलकी जोशी, करुणा पांडे, चंदन आनंद, तोरल रसपुत्रा और सरिता जोशी ने बप्पा से जुड़ी अपनी यादें और त्योहार मनाने के अनुभव साझा किए। कलाकारों ने बताया कि उन्हें अपने होमटाउन में परिवार के साथ गणेश उत्सव मनाने की कौन-सी बातें याद आती हैं और मुंबई की गणेश चतुर्थी में उन्हें सबसे ज्यादा क्या पसंद है।

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गुलकी जोशी: उकडीचे मोदक का रहता है इंतजार

‘यादें’ में डॉ. सृष्टि का किरदार निभा रहीं गुलकी जोशी के लिए गणेश चतुर्थी का खास जुड़ाव है। आधी महाराष्ट्रीयन होने के कारण यह त्योहार उनके परिवार में हमेशा से खास रहा है।

गुलकी ने कहा कि इंदौर में परिवार के साथ गणेश उत्सव मनाने की यादें उनके दिल के करीब हैं, लेकिन मुंबई की गणेश चतुर्थी का अपना अलग आकर्षण है। उन्हें खास तौर पर उकडीचे मोदक का इंतजार रहता है। उनका कहना है कि पूरे शहर को बप्पा के स्वागत के लिए एकजुट होते देखना बेहद खूबसूरत लगता है। उनके लिए परिवार के साथ इन पलों को साझा करना ही त्योहार की सबसे बड़ी खुशी है।

करुणा पांडे: मुंबई में देखा गणेश उत्सव का अलग रंग

‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की भूमिका निभा रहीं करुणा पांडे उत्तराखंड से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में त्योहार मनाने की परंपराएं महाराष्ट्र की भव्य गणेश चतुर्थी से काफी अलग हैं।

मुंबई आने के बाद उन्हें यह देखकर बेहद अच्छा लगा कि लोग बप्पा को अपने घर लाकर पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ उनका स्वागत करते हैं। करुणा को खास तौर पर अपने दोस्तों को गणपति की स्थापना करते देखना पसंद है।

उन्होंने बताया कि गणेश पूजा से उनके बचपन की भी एक खास याद जुड़ी है। उनके घर में हर पूजा की शुरुआत गणेश जी की पूजा से होती थी। उनके मुताबिक, बचपन से ही उन्होंने यही सुना है कि गणेश जी के आशीर्वाद के बिना कोई भी शुभ काम पूरा नहीं होता।

चंदन आनंद: मुंबई की ऊर्जा करती है आकर्षित

‘हस्तिनापुर के वीर’ में शकुनि का किरदार निभा रहे चंदन आनंद दिल्ली से हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें घर पर परिवार के साथ त्योहार मनाने की याद आती है, लेकिन मुंबई में गणेश चतुर्थी का उत्साह बिल्कुल अलग अनुभव देता है।

चंदन के मुताबिक, बप्पा को घर लाने से लेकर ढोल-ताशों, शोभायात्राओं और अलग-अलग उत्सवों तक पूरा मुंबई इस दौरान एक अलग ही ऊर्जा से भर जाता है। उनका कहना है कि घर से दूर होने के बावजूद मुंबई के गणेश उत्सव का हिस्सा बनना उन्हें अपनेपन और समुदाय से जुड़े होने का एहसास कराता है।

सरिता जोशी: बप्पा को घर लाना हमेशा खास

‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में राधा का किरदार निभा रहीं सरिता जोशी के लिए गणेश चतुर्थी बेहद खास त्योहार है। मराठी परिवार से आने वाली सरिता जोशी ने बताया कि वडोदरा में बचपन के दिनों में गणेश उत्सव मनाने की यादें आज भी उनके दिल के बेहद करीब हैं।

उन्होंने बताया कि पहले वह सात दिनों तक घर में बप्पा का स्वागत करती थीं। ये दिन परिवार और दोस्तों के साथ खुशियां बांटने और साथ समय बिताने से भरे रहते थे।

सरिता जोशी के मुताबिक, अब मुंबई में गणेश चतुर्थी के भव्य समारोहों का हिस्सा बनना भी उन्हें बेहद पसंद है। उनका कहना है कि इस दौरान पूरा शहर भक्ति और उत्साह से जीवंत हो उठता है। चाहे परिवार के साथ घर में बप्पा का स्वागत करना हो या मुंबई की सड़कों पर त्योहार की ऊर्जा महसूस करना, उनके लिए गणेश चतुर्थी हमेशा खुशी और अपनापन लेकर आती है।

सोनी सब पर ‘यादें’, ‘हस्तिनापुर के वीर’ और ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ देखना न भूलें।

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