माधुली के गहरे रहस्यों का सुराग मिलने पर सच्चाई की तलाश में निकलेंगे पांडव

मुंबई, सितंबर 2026: सोनी सब का शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ पांडवों और कौरवों के बचपन की अनकही कहानियों को पर्दे पर पेश कर रहा है। शो में महाभारत के युद्ध से पहले की उन घटनाओं और रिश्तों को दिखाया जा रहा है, जिन्होंने आगे चलकर इन राजकुमारों की नियति को प्रभावित किया।

हस्तिनापुर लौटने के बाद पांडवों को माधुली (प्राची ठाकुर) के व्यवहार में कुछ ऐसा नजर आता है, जिससे उनके मन में उसके प्रति संदेह पैदा होने लगता है। माधुली राजकुमारी दुशाला की म्यूजिक टीचर है और धीरे-धीरे राजपरिवार के करीब अपनी जगह बना चुकी है। हालांकि, उसके इस शांत और भरोसेमंद नजर आने वाले व्यक्तित्व के पीछे एक बड़ा रहस्य छिपा हुआ है।

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हस्तिनापुर तक पहुंच चुका है खतरा

आने वाले एपिसोड्स में कहानी एक नए और रोमांचक मोड़ पर पहुंचने वाली है। जरासंध (आभास मेहता) से बढ़ते खतरे को देखते हुए भीष्म पितामह (मनीष वधवा) युवा राजकुमारों को उनकी सुरक्षा के लिए हस्तिनापुर वापस लाने का फैसला करते हैं। उन्हें लगता है कि राजकुमारों को मगध से दूर रखना ही उन्हें सुरक्षित रखने का सबसे बेहतर तरीका है।

लेकिन भीष्म इस बात से अनजान हैं कि खतरा पहले ही हस्तिनापुर तक पहुंच चुका है।

हस्तिनापुर लौटने के कुछ समय बाद ही पांडवों को माधुली की गतिविधियां असामान्य लगने लगती हैं। दरअसल, माधुली कोई साधारण संगीत शिक्षिका नहीं, बल्कि जरासंध द्वारा भेजी गई विषकन्या है। उसे राजा धृतराष्ट्र (संदीप मोहन) के खिलाफ एक खतरनाक मिशन को अंजाम देने के लिए हस्तिनापुर भेजा गया है।

जैसे-जैसे माधुली राजपरिवार के बीच अपनी जगह मजबूत करती जाती है, उसके कुछ व्यवहार पांडवों के शक को और गहरा कर देते हैं। उसकी असली पहचान और मंशा से अनजान पांडव अब उसके बारे में सच्चाई पता लगाने का फैसला करते हैं। लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं है कि उनकी यह पड़ताल उन्हें महल के भीतर छिपे एक बड़े और खतरनाक रहस्य के बेहद करीब ले जा रही है।

क्या पांडव बचा पाएंगे धृतराष्ट्र को?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पांडव माधुली की असली पहचान और उसके खतरनाक मिशन का पता लगा पाएंगे? क्या वे उसकी साजिश को अंजाम तक पहुंचने से पहले रोक सकेंगे?

आने वाले ट्रैक के बारे में भीष्म पितामह का किरदार निभा रहे मनीष वधवा ने कहा, “भीष्म राजकुमारों को हस्तिनापुर वापस लाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि मगध में जरासंध के खतरे के बीच वे यहां ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं होता कि खतरा पहले ही माधुली के रूप में हस्तिनापुर तक पहुंच चुका है।”

उन्होंने आगे कहा कि एक संरक्षक के तौर पर भीष्म हमेशा बच्चों को हर तरह के खतरे से दूर रखना चाहते हैं। ऐसे में यह उनके लिए बेहद चिंता की बात है कि राजकुमार अनजाने में उसी खतरे के करीब पहुंच रहे हैं, जो पहले से ही हस्तिनापुर के भीतर मौजूद है।

‘हस्तिनापुर के वीर’ सोमवार से शनिवार रात 9 बजे सोनी सब पर प्रसारित होता है।

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