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आजमगढ़ में पत्नी और दो पुरोहितों की हत्या का आरोपी एनकाउंटर में ढेर, बच्चों को कमरे में लेकर हुआ था बंद
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पत्नी और दो पुरोहितों की हत्या के बाद बच्चों को कमरे में लेकर बंद हुए आरोपी अरविंद सिंह की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। करीब आठ घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात पुलिस और एटीएस की कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चों को कमरे में लेकर हुआ बंद
फायरिंग के बाद आरोपी अपने आठ वर्षीय बेटे शौर्य, नौ वर्षीय बेटी परी और छह माह की बच्ची को लेकर मकान के एक कमरे में बंद हो गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
सूचना मिलने पर डीआईजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। मकान को चारों तरफ से घेरकर पुलिस ने आरोपी से दरवाजा खोलने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बातचीत शुरू की। बच्चों के अंदर होने के कारण पुलिस ने बेहद सावधानी बरती।
पूजा को लेकर चल रहा था विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, अरविंद की मां शमला देवी और पत्नी बबीता घर में शांति के लिए पांच दिवसीय पूजा करा रही थीं। अरविंद इसका विरोध कर रहा था। मंगलवार को पूजा के चौथे दिन शाम करीब छह बजे वह घर लौटा और पूजा होते देखकर नाराज हो गया।
आरोप है कि उसने पूजा करा रहे पुरोहितों से विवाद किया और बाद में पत्नी से मारपीट करने लगा। इसी दौरान पुरोहितों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाए जाने पर अरविंद घर में रखी लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर आया और कथित तौर पर पत्नी तथा दोनों पुरोहितों को गोली मार दी।
फायरिंग के दौरान 20 वर्षीय हिमांशु मिश्रा शोर मचाते हुए घर से बाहर निकल गया। पूजा में मौजूद अरविंद की भतीजी वर्षा सिंह, 17 वर्षीय रिया और उसकी मां शमला देवी भी बाहर निकलने में सफल रहीं।
देर रात करीब 12:55 बजे पुलिस और एटीएस की टीम के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें अरविंद को गोली लगी। पुलिस उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उसकी मौत हो गई।
