बलिया डीएम ने की स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बलिया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ समिति की बैठक हुई।

बलिया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ समिति की बैठक हुई। इसमें हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, टीकाकरण, डिस्टिक हेल्थ बोर्ड, एचआरपी चिन्हांकन, जननी सुरक्षा योजना, फर्स्ट रेफरल यूनिट, मैटरनल डेथ रिपोर्ट, परिवार नियोजन के अंतर्गत फीमेल स्टेरलाइजेशन और मेल स्टरलाइजेशन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी।

टीकाकरण में डिप्थीरिया और टीबी जैसे रोगों का टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में ज़िलाधिकारी ने सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि टीकाकरण के मामले में जहां भी आंकड़े खराब है, वहां जल्दी से टीकाकरण करके प्रगति रिपोर्ट दिया जाए। आरसीएच के अंतर्गत सरकारी और निजी हॉस्पिटल में पैदा होने वाले बच्चों के आंकड़े आरसीएच पोर्टल पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसमें बांसडीह और चिलकहर ब्लॉक का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, जिसमें सुधार लाने की चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना में नगरा ब्लाक में कम भुगतान होने पर ब्लॉक लेखा प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। बैठक में डीपीएम डा आरबी यादव ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्म से शारीरिक अंगों से विक्षिप्त बीस बच्चों की सर्जरी करवाई गई है।

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इसके साथ ही यूपी हेल्थ डैशबोर्ड में जनपद के 3 ब्लॉक रतसड़, बैरिया और बैना के क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान आने पर जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया। गड़वार ब्लाक के अधीक्षक को प्रशस्ति पत्र और ₹2100 का पुरस्कार दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी ब्लॉक के बीपीसीएम से संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा, सीएमओ जयंत कुमार, डीपीओ के एम पांडे सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की समीक्षा

जिलाधिकारी ने दस्तक अभियान, जो 17 जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा,के अंतर्गत संचारी रोग जैसे डेंगू ,मलेरिया और दिमागी बुखार के साथ-साथ क्षय रोग, कुष्ठ रोग ,फाइलेरिया एवं कालाजार के लक्षण युक्त मरीजों को आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से चिन्हित किया जाए। उनका नाम और पता ई कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसके अंतर्गत घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना जरूरी है।

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