अस्पताल में दुल्हन को गोद में उठाकर लिए सात फेरे, प्यार और समर्पण की मिसाल बनी ये शादी

MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में अक्षय तृतीया के दिन एक अनोखी शादी देखने को मिली, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती दुल्हन से शादी करने पहुंचे दूल्हे ने जब उसे गोद में उठाकर सात फेरे लिए, तो वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। यह शादी सच्चे प्यार, समर्पण और रिश्तों की गहराई की मिसाल बन गई है।

ब्यावरा की परमसिटी कॉलोनी निवासी जगदीश सिंह सिकरवार के भांजे आदित्य सिंह की शादी कुंभराज की नंदनी से 1 मई 2025 को तय थी। विवाह का शुभ मुहूर्त अक्षय तृतीया पर रखा गया था, लेकिन शादी से ठीक पांच दिन पहले नंदनी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। टायफाइड के चलते उन्हें पंजाबी नर्सिंग होम में भर्ती करना पड़ा और डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम की सलाह दी।

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हालात कठिन थे, लेकिन दोनों परिवारों ने परंपराओं से ऊपर उठकर अनोखा फैसला लिया—शादी टालने की बजाय अस्पताल को ही विवाह स्थल बना दिया गया। डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की अनुमति से एक कमरे में मंडप सजाया गया। तय समय पर आदित्य बैंड-बाजे और बारात के साथ अस्पताल पहुंचे।

शादी की रस्में अस्पताल में ही पूरी हुईं। लेकिन सबसे भावुक क्षण तब आया, जब आदित्य ने अपनी बीमार दुल्हन नंदनी को गोद में उठाकर सात फेरे लिए। यह नजारा देख वहां मौजूद डॉक्टर, नर्सें, मरीज और परिजन अपनी भावनाएं रोक नहीं पाए।

यह शादी सिर्फ एक सामाजिक रस्म नहीं रही, बल्कि यह उन जज्बातों की कहानी बन गई, जहां प्यार ने हर परिस्थिति को मात दी। अब यह कहानी सोशल मीडिया पर भी खूब साझा की जा रही है, जहां लोग इसे "प्यार की सच्ची तस्वीर" बता रहे हैं।

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