- Hindi News
- भारत
- संघ के सौ वर्षों में छवि और वास्तविकता के बीच अंतर दुर्भाग्यपूर्ण: नितिन गडकरी
संघ के सौ वर्षों में छवि और वास्तविकता के बीच अंतर दुर्भाग्यपूर्ण: नितिन गडकरी
मुंबई, फरवरी 2026। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छवि और उसकी वास्तविक भूमिका के बीच लंबे समय से अंतर बना रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोगों से संघ की विचारधारा और उसके सामाजिक योगदान को समझने की अपील की है।
गडकरी ने कहा, “एक स्वयंसेवक के रूप में मुझे कई बार लगता है कि संघ की छवि और हकीकत के बीच फर्क रहा है। लोगों की धारणा और जमीन पर किए गए कार्यों के बीच अंतर देखने को मिलता है। संघ के स्वयंसेवकों ने आदिवासी क्षेत्रों में सेवा, शिक्षा, सहकारी संस्थाओं और सामाजिक कार्यों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”
उन्होंने कहा कि देश के विकास में संघ की भूमिका उल्लेखनीय रही है और लाखों स्वयंसेवकों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है। गडकरी ने कहा कि संघ की सौ वर्षों की यात्रा को देश को समझना चाहिए और उसे एक ऐतिहासिक पड़ाव के रूप में देखना चाहिए।
संघ की विचारधारा पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना जगाई है। मुझे गर्व है कि मैं भी उन स्वयंसेवकों में से एक हूं, जिन्हें यह प्रेरणा मिली है। अभी बहुत काम बाकी है और हमारा लक्ष्य भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाना है।”
उन्होंने कहा कि संघ दलितों, वंचितों और गरीबों के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। गडकरी के अनुसार, “हिंदुत्व न तो जातिवादी है और न ही सांप्रदायिक। यह किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। सभी धर्मों के लोग भारतीय हो सकते हैं और भारतीय पहचान हमारी संस्कृति, इतिहास और परंपरा से जुड़ी है।”
फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा, उससे जुड़ी भ्रांतियों, सामाजिक कार्यों और सौ वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। यह फिल्म 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
