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अलाव की चटक और उत्सव की खुशी: सोनी सब कलाकारों ने की अपनी लोहड़ी परंपराओं के बारे में बात
मुंबई, जनवरी 2026: जैसे-जैसे सर्दियों की रातें अलाव की चटक से और उजली हो जाती हैं और वातावरण लोकगीतों, हँसी और स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू से भर जाता है, लोहड़ी अपने साथ गर्माहट, कृतज्ञता और एकजुटता का भावपूर्ण उत्सव लेकर आती है। फसल के मौसम और लंबे दिनों के आगमन का प्रतीक यह पर्व आशा, समृद्धि और नए आरंभ का संदेश देता है। इस लोहड़ी पर, सोनी सब के प्रिय कलाकार अविनेश रेखी, गौरव चोपड़ा और परी भट्टी साझा कर रहे हैं कि यह त्यौहार उनके लिए क्या मायने रखता है। वे बचपन की यादों, पारिवारिक परंपराओं और उन सरल खुशियों को याद कर रहे हैं, जो लोहड़ी को समुदाय और उल्लास का उत्सव बनाती हैं।

गौरव चोपड़ा, जो पुष्पा इम्पॉसिबल में प्रोफेसर शास्त्री की भूमिका निभा रहे हैं, साझा करते हैं, “मेरे लिए लोहड़ी परिवारिक मिलन, हँसी और अलाव के चारों ओर की अद्वितीय ऊर्जा से जुड़ी यादों में गहराई से रची-बसी है। ठंड में खड़े होकर आग के पास हाथ सेंकने और बुजुर्गों से परंपराओं और फसल की बातें सुनने में एक अद्भुत सुकून था। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि जो हमारे पास है, उसके लिए हम आभारी रहें और नए आरंभ का स्वागत आशावाद के साथ करें। आज भी लोहड़ी मनाना मुझे वही खुशी और स्थिरता का अहसास कराता है।”
परी भट्टी, जो पुष्पा इम्पॉसिबल में स्वरा की भूमिका निभा रही हैं, साझा करती हैं, “लोहड़ी हमेशा जीवन की सरल खुशियों का उत्सव जैसा लगा है। मुझे शाम के अलाव का उत्साह, ढोल की लयबद्ध थाप और पड़ोसियों व दोस्तों के साथ मिठाइयाँ बाँटने की खुशी याद है। यह त्यौहार हमें कृतज्ञता और एकजुटता के महत्व की याद दिलाता है। आज भी, चाहे घर पर हो या सेट पर, लोहड़ी मनाना वातावरण को तुरंत ही सकारात्मकता और गर्माहट से भर देता है।”
देखिए गणेश कार्तिकेय और पुष्पा इम्पॉसिबल हर सोमवार से शनिवार केवल सोनी सब पर।
