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कॉलेज दोस्तों को ट्रीट देने से लेकर मां को पहली कमाई सौंपने तक, सोनी सब के कलाकारों ने याद किया अपना पहला पेचेक
मुंबई, सितंबर 2026: पहला पेचेक मिलने का उत्साह और खुशी कुछ अलग ही होती है। रकम कितनी भी हो, अपनी मेहनत से कमाई पहली राशि स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और उपलब्धि का एहसास कराती है। सोनी सब के कलाकार मनीष वाधवा, मुकुल हरीश, इकबाल खान, आभास मेहता और गुलकी जोशी ने अपने पहले पेचेक और उससे जुड़ी खास यादों को साझा किया।
मनीष वाधवा ने पहला पेचेक मां को सौंपा
सोनी सब के ‘हस्तिनापुर के वीर’ में भीष्म पितामह का किरदार निभा रहे मनीष वाधवा ने बताया कि उन्हें पहला पेचेक 1998 में एक टीवी सीरियल में काम करने के लिए मिला था।
उन्होंने कहा, “मुझे मेरा पहला पेचेक 1998 में एक टीवी सीरियल में किए गए रोल के लिए मिला था। मुझे याद है कि मैंने पूरा पेचेक अपनी मां को दे दिया था। यह बहुत साधारण पल था, लेकिन अपनी पहली कमाई उन्हें देने का एहसास बेहद अच्छा था। आज भी मेरे लिए वह याद और मेरा पहला पेचेक बहुत खास है।”
मुकुल हरीश ने एक ही बार में खर्च कर दिया पूरा पेचेक
सोनी सब के ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में टाइगर की भूमिका निभा रहे मुकुल हरीश के लिए पहला पेचेक अपनी कमाई का जश्न मनाने का मौका था। उन्होंने बताया कि वह उस समय बॉम्बे में थे और उन्होंने लगभग पूरा पेचेक एक ही बार में खर्च कर दिया।
मुकुल ने कहा, “मेरा पहला पेचेक बहुत बड़ी रकम नहीं था, लेकिन उसे पाना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। मैं बॉम्बे में था और जश्न मनाने के लिए उत्साहित था, इसलिए मैंने खुद को ट्रीट देने का फैसला किया और लगभग पूरा पेचेक एक ही बार में खर्च कर दिया।”
उन्होंने कहा कि आज पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि कुछ पैसे बचा लेने चाहिए थे, लेकिन उस अनुभव ने उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख दी—उपलब्धि का आनंद लेने के साथ भविष्य के लिए बचत करना भी जरूरी है।
इकबाल खान को मिले थे 3,500 रुपये
सोनी सब के ‘यादें’ में डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे इकबाल खान ने बताया कि उनका पहला पेचेक कॉलेज के दिनों में एक पैंट्स ब्रांड के लिए किए गए शूट से मिला था।
उन्होंने बताया कि उन्हें इसके लिए 3,500 रुपये मिले थे। मजेदार बात यह थी कि ब्रांड को सिर्फ पैंट्स की तस्वीरें चाहिए थीं और उनके चेहरे की जरूरत भी नहीं थी।
इकबाल ने कहा कि उस समय उन्हें 3,500 रुपये बहुत बड़ी रकम लगती थी। उन्होंने इस पैसे से किराया और ग्रॉसरी का खर्च निकाला और निरुलाज में फास्ट फूड खाया। उनके मुताबिक, शुरुआत भले ही साधारण थी, लेकिन पहली कमाई का एहसास आज भी उन्हें याद है।
आभास मेहता ने मां के साथ साझा की पहली कमाई
सोनी सब के ‘हस्तिनापुर के वीर’ में जरासंध की भूमिका निभा रहे आभास मेहता ने भी अपने पहले पेचेक की याद साझा की। उन्होंने बताया कि पहली कमाई मिलने पर वह बेहद खुश थे और सबसे पहले उन्होंने वह पैसा अपनी मां को दिया।
आभास ने कहा, “अपनी पहली कमाई उनके साथ साझा करना और उनकी खुशी देखना मेरे लिए बेहद खास था। यह याद मैं हमेशा संजोकर रखूंगा।”
गुलकी जोशी ने कॉलेज के दोस्तों को दी सैंडविच पार्टी
सोनी सब के ‘यादें’ में डॉ. सृष्टि अग्रवाल का किरदार निभा रहीं गुलकी जोशी ने बताया कि उन्हें पहला पेचेक तब मिला, जब वह 19 साल की थीं और कॉलेज में पढ़ रही थीं।
दूरदर्शन के एक शो के लिए उन्हें करीब 5,000 रुपये मिले थे। गुलकी ने बताया कि पहली कमाई मिलने की खुशी में उन्होंने कॉलेज के अपने सभी दोस्तों को सैंडविच खिलाने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, “पीछे मुड़कर देखती हूं, तो वह रकम भले ही छोटी थी, लेकिन उस उम्र में खुद कमाना और दोस्तों के साथ उसे सेलिब्रेट करना बहुत खास था।”
पहली कमाई की ये कहानियां बताती हैं कि पहला पेचेक सिर्फ पैसे की रकम नहीं होता, बल्कि मेहनत, आत्मनिर्भरता और सपनों की शुरुआत से जुड़ी एक ऐसी याद होती है, जिसे कलाकार लंबे समय तक अपने साथ रखते हैं।
सोनी सब पर ‘यादें’, ‘हस्तिनापुर के वीर’ और ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ देखना न भूलें।
