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बालिकाओं को बेहतर मेंस्ट्रुअल हाइजीन की जानकारी देने के लिए सीतापुर में शिक्षकों को किया जागरूक
सीतापुर, सितंबर 2026: गैर-लाभकारी ग्रासरूट शिक्षा पहल सीखो सिखाओ फाउंडेशन (एसएसएफ) ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के सहयोग से सीतापुर जिले में मेंस्ट्रुअल हाइजीन ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन किया। कार्यशाला में जिले के 20 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) और 4 सरकारी गर्ल्स इंटर कॉलेजों के शिक्षकों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बालिकाओं को दी जाएंगी गरिमा किट्स
इस पहल के तहत बालिकाओं को फैबपैड द्वारा तैयार की गई मेंस्ट्रुअल हाइजीन गरिमा किट्स उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक किट में 5 दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले कपड़े के पैड, 2 अंडरगारमेंट्स, 1 वॉशिंग सोप और एक इंस्ट्रक्शन बुकलेट शामिल है।
आयोजकों के अनुसार, री-यूजेबल पैड मेंस्ट्रुअल हाइजीन के लिए एक आसान और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराते हैं।
शिक्षकों को संवेदनशील संवाद और जागरूकता गतिविधियों की जानकारी
वर्कशॉप की अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक ने की। वहीं डॉ. गोरखनाथ पटेल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कीनोट स्पीकर के तौर पर प्रतिभागियों को संबोधित किया।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों और स्कूल प्रतिनिधियों को मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्हें बालिकाओं से इस विषय पर संवेदनशीलता और सम्मान के साथ संवाद करने तथा स्कूल स्तर पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के तरीकों के बारे में भी बताया गया।
इसके अलावा, मेंस्ट्रुअल हाइजीन किट्स के सही इस्तेमाल, पैड को धोने, सुखाने और सुरक्षित तरीके से रखने की जानकारी भी दी गई।
‘बालिकाओं को जरूरी मदद और संसाधन उपलब्ध कराना उद्देश्य’
सीखो सिखाओ फाउंडेशन के मैनेजर मनीष सिंह ने कहा कि फाउंडेशन इस पहल में सहयोग के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का आभार व्यक्त करता है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से बच्चों तक बेहतर शिक्षा पहुंचाने और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक एवं स्थायी बदलाव लाने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए फाउंडेशन का उद्देश्य बालिकाओं में मेंस्ट्रुअल हाइजीन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें जरूरी मदद और संसाधन उपलब्ध कराना है।
15 जिलों में काम कर रहा है एसएसएफ
सीखो सिखाओ फाउंडेशन (एसएसएफ) की शुरुआत जुलाई 2019 में हुई थी। संस्था का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में बेहतर शिक्षा पहुंचाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करना और शिक्षा व्यवस्था में मौजूद जरूरी कमियों को दूर करने में सहयोग करना है।
एसएसएफ मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में काम करता है—कॉम्पिटेंसी-बेस्ड एजुकेशन, कम्युनिटी की भागीदारी को मजबूत करना और रूरल यूथ फेलोशिप। संस्था के अनुसार, इन प्रयासों के जरिए सरकारी स्कूलों में दीर्घकालिक और व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने पर काम किया जाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 तक एसएसएफ उत्तर प्रदेश के 15 जिलों, 874 स्कूलों, 453 ग्राम पंचायतों और 44 ब्लॉक्स में काम कर रहा है।
