- Hindi News
- मनोरंजन
- ज़ी सिनेमा पर ‘बॉर्डर 2’ के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर से पहले वरुण धवन से खास बातचीत
ज़ी सिनेमा पर ‘बॉर्डर 2’ के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर से पहले वरुण धवन से खास बातचीत
मुंबई, अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘बॉर्डर 2’ ज़ी सिनेमा पर अपने वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के लिए तैयार है। फिल्म में एक सैनिक की भूमिका निभा रहे वरुण धवन ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभव, सनी देओल के साथ काम करने और स्वतंत्रता दिवस पर फिल्म के टेलीविजन प्रीमियर को लेकर अपने विचार साझा किए।
वरुण धवन: मैं सच में इससे बेहतर मौका नहीं सोच सकता। स्वतंत्रता दिवस वह समय है, जब हर भारतीय हमारे सशस्त्र बलों के जवानों के बलिदान के बारे में सोचता है और ‘बॉर्डर 2’ भी इसी जज़्बे को सलाम करने वाली कहानी है।
कई लोगों ने इस फिल्म को थिएटर में देखा है, लेकिन टेलीविजन का अपना एक अलग अंदाज है, जो पूरे परिवार को एक साथ लाता है। माता-पिता, दादा-दादी और बच्चों के साथ घर पर फिल्म देखना इन जज़्बातों को और खास बना देता है।
मुझे हमेशा ज़ी सिनेमा पर अपनी फिल्मों के जरिए दर्शकों का इतना प्यार मिला है, इसलिए ऐसी फिल्म के साथ उनके बीच वापस आना मेरे लिए बहुत खास है, जो मेरे दिल के बेहद करीब है। मैं खुश हूं कि ज़ी सिनेमा ‘बॉर्डर 2’ को इतने खास दिन दर्शकों तक लेकर आ रहा है और उम्मीद करता हूं कि हर परिवार इस कहानी में दिख रहे गर्व, साहस और एकजुटता को महसूस करेगा।
2. ‘बॉर्डर 2’ का हिस्सा बनने के दौरान आपके लिए सबसे यादगार अनुभव क्या रहा?
वरुण धवन: मेरे लिए सबसे खास हिस्सा फिल्म से जुड़े लोग रहे। सनी सर के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए गर्व की बात थी, क्योंकि वो ‘बॉर्डर’ की विरासत को बहुत गरिमा के साथ आगे लेकर चलते हैं।
दिलजीत और अहान के साथ काम करने से यह सफर और भी मजेदार रहा, क्योंकि शूटिंग के दौरान हमारी सच में अच्छी बॉन्डिंग हो गई। इसके अलावा, एक सैनिक का किरदार निभाना अपने साथ बहुत बड़ी जिम्मेदारी लेकर आता है। हम पूरी ईमानदारी के साथ अपने सशस्त्र बलों के जज़्बे को सलाम करना चाहते थे और यह ऐसी बात है, जिस पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा।
3. इस स्वतंत्रता दिवस ज़ी सिनेमा पर ‘बॉर्डर 2’ देखने के बाद आप चाहते हैं कि दर्शक क्या महसूस करें?
वरुण धवन: मैं चाहता हूं कि ‘बॉर्डर 2’ देखने के बाद लोगों के दिल में शुक्रगुज़ारी का एहसास हो। हम अक्सर आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन यह फिल्म हमें उन लोगों की याद दिलाती है, जो हर दिन हमारी इस आजादी को मुमकिन बनाते हैं।
यदि एक साथ फिल्म देख रहे परिवारों के मन में हमारे जवानों के लिए गर्व और बढ़े और वे उनके साथ-साथ उनके परिवारों के बलिदान को भी समझें, तो मेरे लिए इससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी।
