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पाकिस्तान की हरकत
पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के सांभा जिले के रामगढ़ सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अकारण गोलीबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तान की इस गोलीबारी में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया। इससे पहले 18 और 26 अक्टूबर को पाकिस्तान ने अरनिया सेक्टर में गोलीबारी करके संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था।
वह भारतीय सुरक्षा बलों का ध्यान भटकाकर आतंकवादियों की घुसपैठ कराना चाहता है। टीआरएफ जम्मू-कश्मीर में सक्रिय एक आतंकवादी संगठन है। धारा 370 को निरस्त किए जाने और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद करने के बाद टीआरएफ की शुरुआत लश्कर की एक शाखा के रूप में हुई थी। बाद में टीआरएफ लश्कर के अलावा तहरीक-ए-मिल्लत इस्लामिया और गजनवी हिंद सहित विभिन्न संगठनों का मिश्रण बनता गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक साल 2022 में घाटी में मारे गए आतंकवादियों में से सबसे अधिक (108) टीआरएफ या लश्कर के थे। उसके बाद जैश के 35 आतंकी मारे गए। इसके अलावा, आतंकवाद की राह पकड़ने वाले 100 लोगों में से 74 टीआरएफ में शामिल हुए। आरोप लगते रहे हैं कि पाकिस्तान की जमीन से लश्करे तैयबा और जैश ए-मोहम्मद जैसे संगठन भारत में अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं।
भारत से आर्थिक, भौगोलिक, सैनिक, तौर पर पिछड़े पाकिस्तान में कहां से ऐसी हिम्मत आती है कि वह बार-बार भारत को उकसाने की कार्रवाई करता रहता है। इसके जवाब दोनों देशों के आजाद होने, पाकिस्तान बनने, पाकिस्तान के टूटकर बांग्लादेश बनने और पाकिस्तान और भारत दोनों की राजनीति में छिपे हुए हैं।
उसकी हरकतों से साफ होता है कि वह किसी खास मंशा से भारत को उकसाने की कोशिश कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएं भी ऐसी हरकतों के खिलाफ चेतावनी जारी कर चुकी हैं। युद्ध विराम उल्लंघन की कोशिशों से पाकिस्तान की हताशा समझी जा सकती है। पाकिस्तान की हरकतों से पता लगता है कि उसे अंतर्राष्ट्रीय नियम-कायदों की कोई परवाह नहीं है।
