राष्ट्रीय बालिका दिवस: बेटियों को सशक्त बनाने और अधिकार दिलाने का संकल्प, जागरूकता रैली आयोजित

मुरादाबाद। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय से 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का संदेश लेकर एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने किया। इसका उद्देश्य समाज में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बेटियों के अधिकारों को लेकर लोगों को संवेदनशील बनाना था।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिंह ने कहा कि आधुनिकता के बावजूद भारत में लैंगिक असमानता आज भी एक बड़ी समस्या है। कई लड़कियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, और समानता जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित होना पड़ता है। यह स्थिति समाज के लिए चिंता का विषय है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना, उनकी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य बेटियों को सशक्त बनाना, उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के महत्व को रेखांकित करना है। इस दिवस की शुरुआत 2008 में हुई थी।

नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी, डॉ. भारत भूषण ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस केवल बेटियों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता के लिए भी खास है। बेटियां सृष्टि का आधार हैं, और उनमें ही विश्व को बेहतर बनाने की ताकत है। उन्होंने कहा, "यदि बेटा अंश है, तो बेटी वंश है।"

इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल, प्रमोद कुमार, अजीजुर रहीम, पुनीत कुमार, अंकित शर्मा सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

खबरें और भी हैं

Latest News

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.