Bareilly News: बहन की डोली उठनी थी, भाई को बनना था दूल्हा… लेकिन पुणे में हादसे ने छीन ली हसीन की जिंदगी

बरेली। घर में खुशियों की तैयारियां जोरों पर थीं—एक जून को बहन की डोली उठनी थी, दो जून को छोटे भाई के सिर सेहरा सजना था। लेकिन इससे पहले कि ये सपने पूरे होते, महाराष्ट्र के पुणे में काम कर रहे हसीन अंसारी की दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को मातम में डुबो दिया। फर्नीचर के काम से लौटने की तैयारी कर रहे हसीन करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

सीबीगंज के गांव बंडिया निवासी 35 वर्षीय हसीन अंसारी पुणे में फर्नीचर का काम करते थे। वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए कम उम्र में ही घर छोड़कर मेहनत में जुट गए थे। हसीन ने अपने तीन छोटे भाइयों को भी पुणे बुलाकर रोजगार से जोड़ा था। लेकिन 23 मई की सुबह, जब वह बरेली लौटने की तैयारी में थे, बारिश से सामान को बचाने के लिए तिरपाल डालते वक्त करंट लगने से उनकी मौत हो गई।

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परिजनों के मुताबिक, हसीन का परिवार उनकी राह देख रहा था, लेकिन जब पुणे से उनके निधन की खबर आई, तो बरेली के बंडिया गांव में कोहराम मच गया। शादी की रौनक मातम में बदल गई। अब उसी घर से बहन की डोली और भाई की बारात के बजाय हसीन का जनाजा निकलेगा। शव को एंबुलेंस से बरेली लाया जा रहा है और रविवार दोपहर तक पहुंचने की संभावना है।

कम उम्र में उठाया जिम्मेदारी का बोझ

पांच भाइयों में सबसे बड़े हसीन न केवल खुद की जिम्मेदारी निभा रहे थे, बल्कि परिवार का भी सहारा बने हुए थे। वह शादीशुदा थे और उनके पांच बच्चे हैं। पुणे में रहकर वह न सिर्फ अपने बच्चों की परवरिश कर रहे थे, बल्कि भाइयों को भी काम सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहे थे।

गांव में पसरा मातम

हसीन की मौत की खबर ने पूरे बंडिया गांव को गहरे शोक में डाल दिया है। कल तक जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं, अब वहां मातम पसरा है। ग्रामीणों के चेहरे पर गम और आंखों में आंसू हैं। हर कोई यही कह रहा है—किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

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