बलिया में जातिगत जनगणना के विरोध में पूर्वांचल क्रांति पार्टी का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

बलिया। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित जातिगत जनगणना के खिलाफ बुधवार को बलिया में पूर्वांचल क्रांति पार्टी (पूक्रांपा) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए घातक करार देते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम प्रतिनिधि को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि भारत जैसे विविधता भरे देश में जाति आधारित जनगणना सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देगी और संविधान में निहित समानता के सिद्धांतों पर कुठाराघात है। प्रदर्शनकारियों ने जाति नहीं, आर्थिक आधार पर जनगणना की मांग उठाई और कहा कि आरक्षण तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी आर्थिक स्थिति के आधार पर ही तय होना चाहिए।

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पूक्रांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशिकांत पांडे उर्फ बिट्टू ने कहा कि आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है कि हर ज़रूरतमंद तक सहायता बिना जाति और धर्म देखे पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि इस संवेदनशील विषय में हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार को पुनर्विचार का निर्देश दें।

इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रंजन स्वामी, राष्ट्रीय सचिव अखिलेश पांडे, प्रियतोष पांडे, अजीत सिंह, नागेंद्र सिंह, विजय पाठक, सोनू गुप्ता, नितेश सिंह, मोहित पांडे, आशीष विपाठी, आयुष सिंह, प्रियांशु, अंकित सैनी और विक्रम गुप्त शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

जातिगत जनगणना का प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए।

गणना आर्थिक आधार पर की जाए, जिससे सभी जरूरतमंदों को समान अवसर मिल सके।

सरकारी योजनाओं का लाभ सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को समान रूप से मिले।

पूर्वांचल क्रांति पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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