Ballia News : दलित किशोरी की संदिग्ध मौत ने पकड़ा तूल, हत्या की आशंका, धरना और जांच की मांग तेज

बलिया (नरही) : नरही थाना क्षेत्र के टुटुवारी गांव में शुक्रवार को झोपड़ी में साड़ी के फंदे से लटकी मिली एक दलित किशोरी की मौत के मामले ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया है। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना को लेकर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता शनिवार सुबह पीड़ित परिवार के घर के बाहर धरने पर बैठ गए।

परिजनों का आरोप है कि किशोरी की हत्या की गई है क्योंकि वह SC/ST एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले की मुख्य गवाह थी। आरोप है कि आरोपियों की ओर से सुलह के लिए दबाव बनाया जा रहा था और धमकियां भी दी जा रही थीं। मृतका की मां ने गांव के चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। मामला 4 अक्टूबर 2024 को हुई छेड़खानी की घटना से जुड़ा है, जिसमें किशोरी ने गवाही दी थी।

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धरना दे रहे लोगों ने प्रशासन से हत्या का मुकदमा दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी, 50 लाख रुपये मुआवजा, आवास, और एक सरकारी नौकरी की मांग की है। मौके पर नरही थानाध्यक्ष नदीम अहमद फरीदी भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।

अपर पुलिस अधीक्षक बलिया दक्षिणी श्री कृपा शंकर ने बताया कि 4 जुलाई 2025 को डायल 112 पर सूचना मिली थी कि टुटुवारी गांव की एक किशोरी का शव उसके घर की झोपड़ी में लटका मिला है। सूचना पर नरही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पंचायतनामा भरकर फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल की जांच की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव ने भी मामले में सक्रियता दिखाई। वे पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि किशोरी को चश्मदीद गवाह होने की वजह से रास्ते से हटाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाने से पीछे नहीं हटेंगे।

इस मामले ने पूरे इलाके में उबाल ला दिया है और अब राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की नजरें इस पर टिकी हैं। पुलिस पर निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।

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