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बरेली में कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के ठिकानों पर ईडी की 40 घंटे तक जांच, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल उपकरण खंगाले
बरेली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मोबाइल कारोबार से जुड़े प्रमुख कारोबारी और आईफोन शोरूम संचालक आशुतोष अग्रवाल के आवास एवं गोदाम पर 40 घंटे से अधिक समय तक सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान ईडी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप और वित्तीय लेनदेन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की तथा कुछ डिजिटल उपकरण और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं।
पंजाब कनेक्शन के बाद रडार पर आए कारोबारी
जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजीव अरोरा पर मोबाइल कारोबार से जुड़े कथित जीएसटी अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मिले कुछ इनपुट के आधार पर आशुतोष अग्रवाल का नाम भी जांच के दायरे में आया।
इसके बाद ईडी ने पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और बरेली में एक साथ कार्रवाई शुरू की। बरेली में मंगलवार सुबह शुरू हुई जांच बुधवार देर रात तक जारी रही।
घर और गोदाम में खंगाले गए रिकॉर्ड
ईडी की टीम ने मारवाड़ीगंज स्थित आशुतोष अग्रवाल के आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। तलाशी के दौरान परिसर में आवाजाही पर भी प्रतिबंध रखा गया और किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन, कारोबार की प्रकृति, टर्नओवर और कर भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कारोबार में किसी प्रकार की कर अनियमितता या जीएसटी चोरी तो नहीं हुई।
कई बड़े ब्रांड्स से जुड़ा है कारोबार
आशुतोष अग्रवाल बरेली के प्रमुख कारोबारियों में गिने जाते हैं। वह शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में आईफोन शोरूम संचालित करते हैं। इसके अलावा उनका नाम कई प्रतिष्ठित कंपनियों के वितरण नेटवर्क से भी जुड़ा बताया जाता है। वे विभिन्न राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय ब्रांड्स के डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में सक्रिय हैं।
व्यापारिक जगत में बढ़ी हलचल
ईडी की कार्रवाई के बाद बरेली और आसपास के व्यापारिक क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कारोबारी वर्ग इस मामले पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि आशुतोष अग्रवाल का व्यापारिक नेटवर्क कई अन्य व्यवसायियों और कंपनियों से जुड़ा हुआ माना जाता है।
सूत्रों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मिलते हैं, तो जांच का दायरा और भी विस्तृत किया जा सकता है।
लेनदेन और कारोबारी नेटवर्क की पड़ताल जारी
ईडी अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कारोबारी नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के बीच कितना वित्तीय लेनदेन हुआ है। साथ ही घोषित कारोबार, वास्तविक टर्नओवर और कर भुगतान के आंकड़ों का मिलान कर संभावित अनियमितताओं की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल जांच जारी है और ईडी की ओर से मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
