Rajouri Encounter : जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकवादियों से मुठभेड़ में आगरा निवासी कैप्टन शुभम गुप्ता शहीद

आगरा : जम्मू-कश्मीर में राजौरी जिले के बाजी माल इलाके में बुधवार (22 नवंबर) को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी के बाद दो अधिकारियों और एक आतंकवादी सहित सेना के चार जवान मारे गए हैं. सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में आगरा के कैप्टन शुभम गुप्ता भी शहीद हुए हैं. आगरा के ताजनगरी निवासी डीजीसी (District Government Counsel)क्राइम बसंत कुमार गुप्ता के हैं बेटे कैप्टन शुभम गुप्ता के देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने की जैसे ही खबर लोगों को मिल रही है वह शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं. कैप्टन शुभम गुप्ता को 2018 में सेना में कमीशन मिला था. वर्तमान में उनकी पोस्टिंग सेना की स्पेशल फोर्स 9 पैरा में थी.

जम्मू-कश्मीर में राजौरी जिले के  कालाकोट में चली मुठभेड़

सेना से मिली जानकरारी के अनुसार सुरक्षा बलों को इनपुट मिला कि जम्मू संभाग के राजौरी जिले के कालाकोट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बाजी गांव के जंगलों में 2 से 3 आतंकवादी छिपे हो सकते हैं. इस इनपुट के आधार पर, भारतीय सेना , जम्मू कश्मीर पुलिस एसओजी ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया. अधिकारियों ने बताया, ''तलाशी के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद उस इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई.स्थानीय निवासियों ने बताया कि इलाके में सक्रिय आतंकवादियों का पता लगाने के लिए रविवार से ही इलाके में घेराबंदी एवं तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. एक ग्रामीण ने पीटीआई-भाषा को बताया, "ऑपरेशन के कारण हमें घर पर ही रहने और बाहर न निकलने के लिए कहा गया था. हमारे बच्चे घर पर ही रहे और स्कूल नहीं गए." उन्होंने बताया कि गांव के नजदीक वन क्षेत्र में गोलीबारी जारी है.

रविवार से इलाके में घूम रहे थे विदेशी आतंकवादी

अधिकारियों ने कहा कि बाजीमाल में मुठभेड़ स्थल पर फंसे दोनों आतंकवादी विदेशी नागरिक प्रतीत होते हैं और रविवार से इलाके में घूम रहे थे.उन्होंने कहा कि उन्होंने एक पूजा स्थल पर भी शरण ली. राजौरी में नवीनतम मुठभेड़ 17 नवंबर को बुद्धल इलाके के बेहरोटे में हुई एक अन्य मुठभेड़ के ठीक बाद हुई है, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया था. इससे पहले 20 अप्रैल और 5 मई को पुंछ के मेंढर इलाके और राजौरी के कांडी जंगल में घात लगाकर किए गए हमलों में 10 सैनिकों की जान चली गई थी.अधिकारियों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक सीमावर्ती जिलों राजौरी और पुंछ और पास के रियासी जिले में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में 46 मौतें दर्ज की गई हैं. राजौरी में जहां सात आतंकवादियों और नौ सुरक्षाकर्मियों सहित 23 लोग मारे गए, वहीं पुंछ जिले में 15 आतंकवादी और पांच सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं.रियासी जिले में तीन आतंकी मारे गए.

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