10 साल बाद शांतिनिकेतन लौटी तुलसी, क्या फिर जुड़ पाएगा विरानी परिवार?

मुंबई। लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की कहानी अब एक बड़े और भावनात्मक मोड़ पर पहुंचने जा रही है। शो में 10 साल का लीप आने वाला है, जिसके बाद दर्शकों को टूटते रिश्तों, पारिवारिक संघर्ष और कई अनसुलझे सवालों से भरा नया अध्याय देखने को मिलेगा।

कहानी के अनुसार, एक दशक जेल में बिताने के बाद तुलसी विरानी की शांतिनिकेतन में वापसी होती है। हालांकि, जिस परिवार को उन्होंने कभी प्रेम, त्याग और एकता के सूत्र में बांधकर रखा था, वह अब बिखर चुका है। विरानी परिवार के दोनों बेटे करण और गौतम एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े नजर आएंगे, जिससे परिवार के भीतर भावनात्मक टकराव और रिश्तों की जटिलताएं और गहरी होती दिखाई देंगी।

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शो में करण का किरदार निभा रहे अभिनेता हितेन तेजवानी के लिए भी यह ट्रैक बेहद खास और चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है। तुलसी की वापसी करण के जीवन के कई पुराने जख्मों और अनकहे सवालों को फिर से सामने ले आती है। जहां एक ओर वह अपनी भावनाओं से संघर्ष कर रहा है, वहीं तुलसी को यह स्वीकार करना पड़ता है कि शांतिनिकेतन अब पहले जैसा नहीं रहा।

इस ट्रैक को लेकर हितेन तेजवानी ने कहा कि अपनी ‘तुलसी मां’ से यह कहना कि अब शांतिनिकेतन में उनके लिए कोई जगह नहीं है, करण के जीवन के सबसे कठिन क्षणों में से एक है। उनके अनुसार, यह केवल गुस्से की कहानी नहीं है, बल्कि एक ऐसे बेटे की भावनात्मक यात्रा है, जो टूटे विश्वास, निराशा और कई अनुत्तरित सवालों से जूझ रहा है।

आगामी एपिसोड्स में दर्शकों को भावनाओं से भरपूर घटनाक्रम देखने को मिलेगा, जहां करण और गौतम परिवार तथा तुलसी की भूमिका को लेकर अलग-अलग विचारधाराओं के साथ खड़े दिखाई देंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि क्या तुलसी एक बार फिर विरानी परिवार को एकजुट कर पाएंगी और शांतिनिकेतन की बिखरी कड़ियों को जोड़ सकेंगी?

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का प्रसारण प्रतिदिन रात 10:30 बजे स्टार प्लस पर किया जाता है। दर्शक इसे किसी भी समय जियोहॉटस्टार पर भी देख सकते हैं।

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