- Hindi News
- मनोरंजन
- "सच्चा गुरु सिर्फ कौशल नहीं, बल्कि चरित्र और आत्मविश्वास भी गढ़ता है" : जितेन लालवानी
"सच्चा गुरु सिर्फ कौशल नहीं, बल्कि चरित्र और आत्मविश्वास भी गढ़ता है" : जितेन लालवानी
मुंबई। सोनी सब के पौराणिक शो 'हस्तिनापुर के वीर' में द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे अभिनेता जितेन लालवानी का कहना है कि एक सच्चा गुरु केवल शिक्षा नहीं देता, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, मूल्यों और आत्मविश्वास का निर्माण भी करता है। उन्होंने कहा कि इस किरदार को निभाना उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि 'हस्तिनापुर के वीर' में दर्शकों को द्रोणाचार्य का एक नया रूप देखने को मिलेगा। इस शो में वह महाभारत युद्ध के समय के नहीं, बल्कि पांडवों और कौरवों के बचपन के गुरु के रूप में नजर आते हैं। इसमें उनके धैर्य, करुणा, शिक्षण शैली और भविष्य के योद्धाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी को करीब से दिखाया गया है।
जितेन ने अपने अभिनय सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें वरिष्ठ कलाकारों और निर्देशकों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि महान अभिनेता दिलीप कुमार से जुड़ी प्रस्तुतियों में काम करने और उनसे सीधे अभिनय की बारीकियां सीखने का अनुभव उनके जीवन की सबसे बड़ी सीखों में शामिल है।
युवा कलाकारों के साथ अपने रिश्ते पर उन्होंने कहा कि सेट पर सभी बच्चों के साथ उनका रिश्ता स्वाभाविक रूप से गुरु-शिष्य जैसा बन गया है। वे जरूरत पड़ने पर उन्हें अभिनय के साथ-साथ अनुशासन, धैर्य और जमीन से जुड़े रहने की सलाह भी देते हैं।
अनुशासन को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताते हुए जितेन ने कहा, "प्रतिभा आपको अवसर दिला सकती है, लेकिन अनुशासन ही आपको लंबे समय तक सफल बनाए रखता है। समय की पाबंदी, तैयारी और टीम के प्रति सम्मान ही मेरे तीन दशक लंबे करियर की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि इस शो का सबसे बड़ा संदेश यही है कि बच्चों के व्यक्तित्व और मूल्यों की नींव बचपन में पड़ती है। माता-पिता और शिक्षक मिलकर केवल सफल नहीं, बल्कि अच्छे इंसान तैयार करते हैं।
'हस्तिनापुर के वीर' का प्रसारण सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ सोनी सब पर किया जाता है।
