अश्वत्थामा की ईर्ष्या से अर्जुन-द्रोणाचार्य के रिश्ते पर पड़ेगा असर, दोस्ती की होगी पहली बड़ी परीक्षा

मुंबई, अगस्त 2026: सोनी सब का पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ पांडवों और कौरवों के बचपन की उन घटनाओं को सामने ला रहा है, जिन्होंने आगे चलकर उनके रिश्तों और व्यक्तित्व को आकार दिया। गुरुकुल में गुरु द्रोणाचार्य के मार्गदर्शन में युवा राजकुमारों का प्रशिक्षण जारी है, लेकिन अब अर्जुन और अश्वत्थामा की दोस्ती एक नई चुनौती का सामना करने वाली है।

आने वाले एपिसोड्स में दर्शक देखेंगे कि अर्जुन (उर्वा सवालिया) और अश्वत्थामा (धवल त्रिपाठी) गुरुकुल में साथ प्रशिक्षण लेते हुए अपनी दोस्ती को मजबूत बनाए रखते हैं। अर्जुन की मेहनत, एकाग्रता और धनुर्विद्या के प्रति समर्पण देखकर गुरु द्रोणाचार्य (जितेन लालवानी) को विश्वास हो जाता है कि अर्जुन में महान धनुर्धर बनने की असाधारण क्षमता है।

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हालांकि, द्रोणाचार्य का अर्जुन पर बढ़ता ध्यान उनके बेटे अश्वत्थामा के मन में असुरक्षा और ईर्ष्या पैदा करने लगता है। उसे लगने लगता है कि उसके पिता उसकी क्षमताओं को अर्जुन जितना महत्व नहीं देते। वहीं, दुर्योधन के प्रभाव से उसकी सोच और भी बदलती जाती है। धीरे-धीरे अश्वत्थामा अर्जुन से दूरी बनाने लगता है और दोनों की दोस्ती पहली बड़ी परीक्षा में पड़ जाती है।

द्रोणाचार्य की प्राथमिकता शिष्य का विकास

गुरु द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे जितेन लालवानी ने कहा, “एक पिता के रूप में द्रोणाचार्य चाहते हैं कि अश्वत्थामा मज़बूत और आत्मविश्वासी बने। उन्होंने कभी नहीं चाहा कि उनका बेटा खुद की तुलना किसी से करे या खुद को कम समझे।”

उन्होंने आगे कहा कि इस समय द्रोणाचार्य पूरी तरह अपने शिष्यों को प्रशिक्षित करने और अर्जुन को उसकी पूरी क्षमता तक पहुंचाने पर केंद्रित हैं। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं है कि उनके व्यवहार का उनके बेटे पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

अर्जुन को समझ नहीं आएगा दोस्ती में आया बदलाव

अर्जुन की भूमिका निभा रहीं उर्वा सवालिया ने कहा कि अर्जुन के लिए अश्वत्थामा हमेशा उसका दोस्त रहा है। इसलिए जब वह अचानक उससे दूरी बनाने लगता है तो अर्जुन को समझ नहीं आता कि आखिर उनके बीच क्या बदल गया।

उनके मुताबिक, अर्जुन अश्वत्थामा से प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहता और उसे सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि उसका दोस्त अब उसके साथ पहले जैसा व्यवहार नहीं कर रहा। अर्जुन बस यह जानना चाहता है कि उनके बीच क्या हुआ और उम्मीद करता है कि उनकी दोस्ती दोबारा पहले जैसी हो जाए।

क्या अश्वत्थामा की ईर्ष्या उसे अर्जुन से हमेशा के लिए दूर कर देगी? क्या द्रोणाचार्य अपने बेटे के मन में उठ रहे भावों को समझ पाएंगे?

देखिए ‘हस्तिनापुर के वीर’, सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।

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