प्रतापगढ़: किशोरी के साथ दरिंदगी कर गला रेतने वाले दो दोषियों को आजीवन कारावास, अर्थदण्ड

प्रतापगढ़: अपनी नानी के यहां रह कर पढ़ाई कर रही किशोरी को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म करने व गला रेत कर मार डालने का प्रयास करने वाले दो दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश आलोक द्विवेदी ने सख्त सजा सुनाई है। 

सामूहिक दुष्कर्म, जानलेवा हमले के आरोप में दोषी पाते हुए विकास यादव  व साहिल उर्फ अमित यादव निवासीगण पुरे सुखदेव थाना जेठवारा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास( जो उसके शेष प्राकृतिक जीवन काल तक) व प्रत्येक को 50 - 50 हजार रूपये अर्थदण्ड  से दंडित किया। अर्थदण्ड की राशि एक लाख रूपया पीड़िता को प्रदान की जाएगी।

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 वादी मुकदमा पीड़िता के अनुसार उसकी पुत्री जेठवारा थाना क्षेत्र में अपनी नानी के यहां रहकर पढ़ाई करती थी। कक्षा 10 की छात्रा थी,3 जुलाई 2017 शाम पांच बजे उसे मोबाइल पर सूचना मिली कि उसकी पुत्री के साथ अप्रिय घटना घटित हुई है। 

वह जब अपने ससुराल पहुंचा तो देखा कि उसकी पीड़िता पुत्री का गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था, उसके मस्तक और हाथ में भी घाव के निशान मिले, जिससे खून बह रहा था। लड़की चारपाई पर बेहोश पड़ी थी। उसे तत्काल उठाकर गाड़ी से अस्पताल ले गया और दवा इलाज के पश्चात  जब उसे होश आया तो उसने रो रो कर आप बीती बताई। 

पीड़िता ने कोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि 2 जुलाई 2017 को वह घर में अकेली थी उसकी नानी का पैर टूट गया था। रात को घर का दरवाजा बंद करके वह सो रही थी तभी 12 बजे विकास और अमित छत के खपड़े तोड़कर कमरे में आ गए। विकास ने उसका मुंह दबा दिया और अमित ने उसे खाट पर बांध दिया, फिर दोनों ने उसके साथ रेप किया। 

उसके बाद विकास ने चाकू से गला काट दिया फिर दोनों उसे मरा समझ कर छोड़ कर चले गए। वहीं उक्त मामले में  उच्च न्यायालय द्वारा निर्देशित किया गया था कि जिला जज प्रत्येक मासिक मीटिंग में प्रगति की समीक्षा करें व एसपी प्रत्येक तिथि पर गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित करें,साथ में जून 2024 तक मामले का निस्तारण किया जाय।

न्यायालय द्वारा चार माह पूर्व ही विचारण को पूर्ण कर लिया। अभियोजन की तरफ से 9 गवाहों को पेश करके अभियोजन का पक्ष रखा गया। अभियुक्त गण द्वारा भी चार गवाहों को पेश किया। राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेश चंद्र त्रिपाठी व अशोक त्रिपाठी ने की।

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