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बरेली में फर्जी एयरफोर्स अफसर गिरफ्तार : पत्नी को खुश करने को बना पायलट, युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगी
बरेली में फर्जी एयरफोर्स अफसर गिरफ्तार किया गया है। वह पत्नी को खुश करने के लिए "पायलट" बना था। आरोपी ने युवाओं से नौकरी के नाम पर की ठगी की।

Bareilly news : शहर की इज्जतनगर थाना पुलिस ने मंगलवार को एक फर्जी एयरफोर्स (वायुसेना) अफसर को गिरफ्तार किया है। वह युवाओं से एयरफोर्स में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में इज्जतनगर थाने के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने एयरफोर्स के मास्टर वारन्ट अफसर सहायक सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र सिंह यादव से फोन पर जानकारी की। इसमें मामला फर्जीवाड़े का मिला। पुलिस को इन्दर कुमार ने वायुसेना में फ्लाईट लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होना बताया। इसके बाद आईडी कार्ड, अन्य कागजात चैक किए। यह फर्जी मिले। इसके बाद एयरफोर्स के सहायक सुरक्षा अधिकारी योगेन्द्र सिंह यादव की तहरीर पर इज्जतनगर थाने में अपराध संख्या 0071/2024 में धारा 420, 467,468,471,170 आईपीसी और, धारा 6 आधिकारिक अधिनियम 1923 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पत्नी को खुश करने को बना अफसर
आरोपी इन्दर कुमार माली ने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से बलिया जनपद के उभाँव थाना क्षेत्र के बहुतचक उपाध्याय गांव का निवासी है। पिछले 3 वर्ष पूर्व वह हल्द्वानी चला गया। अपनी पत्नी से झूठ बोला कि वह एयरफोर्स में पायलट अफसर है, और आस पास के लोगों में यह प्रचार करने लगा कि वह एयरफोर्स में अधिकारी है। वहाँ पर उसकी सांठ-गांठ है, और नौकरी भी लगवा देगा। इस प्रकार नई जगह पर मौहल्ले के सभी लोग एयरफोर्स अधिकारी के रूप में जानने लगे।
युवाओं से की ठगी
आरोपी ने बताया कि पवन मेहता, ज्योति मेहता, और एक अन्य लडके से उनके समस्त शैक्षिक अभिलेख ले लिए। इन सभी से प्रति कैन्डिडेट 1.50 लाख रुपये तय हुए थे। उसने अपनी यूनिफॉर्म, और आई कार्ड बरेली से लिए थे। जिससे हल्द्वानी में लोगो को शक न हो। खुद को यह एयर फोर्स भवाली में तैनात होना बताता था।
वर्दी, और शूज खरीदने आया था बरेली
आरोपी बरेली एयरफोर्स के गेट के पास अपने जूते, और अन्य सेना के सामान लेने के लिए आया था। पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर गिरफ्तार किया। उसके पास से तीन आधार कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, एक सेना का फर्जी आई कार्ड, सेना की लोगो लगी डस्टर कार, दो मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, और अन्य कागजात किए हैं।
डस्टर कार 08 माह पहले श्रीराम फाईनेन्स से किश्तों पर ली गई है। गाड़ी इसलिए खरीदी थी,जिससे लोग उसे सेना का अफसर समझे।गाड़ी में सेना की वर्दी, और कैप हमेशा टांग कर रखता था। दुकानदारों से रौब जमाकर डिस्काउंट कराकर कम रुपये देता था। अभियुक्त के पास से बरामद मोबाइल नम्बरों की विस्तृत पूछताछ व जाँच की जा रही है। इसको लेकर सुरक्षा एजेन्सियों को भी सूचना दे दी गयी है। वह भी पूछताछ करेंगी।