सोनी सब का ‘गणेश कार्तिकेय’ लेकर आ रहा है अष्टविनायक यात्रा का पाली अध्याय, जहाँ भक्त बल्लालेश्वर बनेंगे क्रोधासुर के विरुद्ध आस्था का प्रतीक

मुंबई, जनवरी 2026: सोनी सब का पौराणिक धारावाहिक गाथा शिव परिवार की – गणेश कार्तिकेय भगवान गणेश (निर्णय समाधिया) की पावन अष्टविनायक यात्रा को दर्शकों के सामने जीवंत कर रहा है। आध्यात्मिक भव्यता के साथ पारिवारिक भावनाओं को पिरोते हुए यह शो प्रेम, कर्तव्य, आंतरिक संघर्ष और क्षमा की शक्ति की कथा कहता है।

आगामी एपिसोड में पाली गांव की कहानी सामने आएगी, जहां भलाल (हेत मकवाना) नाम का एक बालक अपने माता-पिता—इंदुमती (अंकिता पांडे) और कल्याण (शशांक डारने)—के साथ रहता है। सिंधु की भविष्यवाणी के अनुसार क्रोध का पाप ‘क्रोधासुर’ (यशमिंदर सिंह) का रूप ले लेता है, जो पूरे गांव में पीड़ा और दुख फैलाता है। भय और निराशा से टूटे गांववाले भगवान की पूजा त्याग देते हैं और मंदिर के द्वार बंद कर देते हैं।

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ऐसे कठिन समय में भलाल अपनी आस्था से डिगता नहीं। वह घोषणा करता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, वह गणेश का सच्चा भक्त बना रहेगा। उसके अडिग विश्वास से क्रोधित गांववाले—यहां तक कि उसका पिता भी—उसके विरुद्ध हो जाते हैं और उसे निर्ममता से पीटते हैं। फिर भी भलाल निर्भीक होकर प्रार्थना करता रहता है।

अपने भक्त के कष्ट को देखकर गणेश मानव रूप में ‘विनायक’ बनकर प्रकट होते हैं। गांववालों को उकसाया जाता है कि वे क्रोधासुर को बुलाएं और भलाल को दंड दें, ताकि कोई भी गणेश की पूजा न करे। घायल होने के बावजूद भलाल विनायक से कहता है कि जीवन-मरण कुछ भी हो, उसकी भक्ति अटल रहेगी। जब क्रोधासुर भलाल को यातनाएं देकर अंततः निगल लेता है, तो उसके भीतर की दिव्य ऊष्मा असहनीय हो जाती है—यह संकेत होता है कि गणेश स्वयं अपने भक्त के भीतर समाहित हो चुके हैं।

इसके बाद गणेश अपना विराट स्वरूप प्रकट करते हैं, क्रोधासुर का अंत करते हैं और गांव को क्रोध व दुख से मुक्त करते हैं। यही पावन भूमि भलाल की अटूट आस्था से उत्पन्न बल्लालेश्वर मंदिर के रूप में प्रतिष्ठित होती है। उधर, वासना के अगले पाप के उभार के साथ निष्ठा की नई परीक्षा शुरू होती है, और गणेश भटके हुए जनों को फिर से भक्ति के मार्ग पर लौटाने की तैयारी करते हैं।

भगवान गणेश की भूमिका निभा रहे निर्णय समाधिया कहते हैं,

“इस ट्रैक में गणेश केवल क्रोधासुर से नहीं लड़ते, बल्कि अपने भक्त के दर्द का उत्तर देते हैं। जब क्रोध फैलता है, तो लोग जल्दी विश्वास खो देते हैं। गणेश सजा देने नहीं, बल्कि यह याद दिलाने आते हैं कि सच्ची भक्ति विश्वास और धैर्य से जन्म लेती है। यह अध्याय दिखाता है कि कठिन से कठिन समय में भी अडिग आस्था आपकी रक्षा करती है।”

‘गणेश कार्तिकेय’ देखें हर सोमवार से शनिवार, रात 8 बजे—सिर्फ सोनी सब पर।

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