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“यादें ज़िंदगी से जुड़ी एक ऐसी कहानी है, जिनसे लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे”: सहज राजपूत
मुंबई, अक्टूबर 2026: सोनी सब का शो ‘यादें’ हास्य, भावनाओं, पारिवारिक रिश्तों और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हल्के-फुल्के मेडिकल रहस्यों को एक साथ पेश करता है। शो में डॉ. देव (इक़बाल खान) अपने परिवार के साथ किल्लारी गांव में आकर बसते हैं, जिसके बाद जिया (सहज राजपूत) की जिंदगी में कई नए रिश्ते और चुनौतियां सामने आती हैं।
जिया के किरदार को लेकर सहज कहती हैं, “कम उम्र में ही कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद जिया एक समझदार, प्यारी और संवेदनशील लड़की है। वह हमेशा अपने परिवार को एकजुट रखने की कोशिश करती है। मल्हार से मिलने के बाद वह अपने व्यक्तित्व के ज्यादा चंचल और बेफिक्र पहलू को फिर से खोजती है। दोनों की कहानी बहुत मासूम और प्यारी है।”
अपने किरदार को पर्दे पर उतारने की प्रक्रिया के बारे में सहज ने बताया कि शुरुआत में उन्हें चिंता थी कि वह जिया के साथ न्याय कर पाएंगी या नहीं। लेकिन शूटिंग शुरू होने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे उसके व्यक्तित्व को समझा। उनके मुताबिक जिया अपने माता-पिता को फिर से करीब लाना चाहती है और इसी कोशिश में कहीं न कहीं अपने बचपन को खुलकर जीना भूल गई है।
अभिनय में वह इन दिनों ठहराव, स्थिरता और सहजता पर काम कर रही हैं। सहज के अनुसार जिया शांत और संयमित किरदार है, इसलिए उसे निभाने के लिए उन्हें अपने अभिनय की गति को धीमा करना पड़ा।
इक़बाल खान और गुलकी जोशी के साथ काम करने के अनुभव को लेकर सहज ने कहा कि दोनों से वह लगातार सीख रही हैं। उन्हें सबसे ज्यादा यह बात प्रभावित करती है कि लंबे अनुभव और कई अलग-अलग किरदार निभाने के बावजूद दोनों बेहद विनम्र और शांत रहते हैं। उनके मुताबिक एक कलाकार के लिए अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना और शांत दिमाग बनाए रखना बेहद जरूरी है।
शूटिंग से पहले अपनी दिनचर्या के बारे में सहज ने बताया कि वह ध्यान और थोड़ी एक्सरसाइज के लिए समय निकालने की कोशिश करती हैं। करीब 20 मिनट की तेज दौड़ या स्ट्रेचिंग उन्हें पूरे दिन के लिए सक्रिय और तरोताजा महसूस कराती है।
किल्लारी ट्रैक ने दिया नया अनुभव
गांव के माहौल में शूटिंग को लेकर सहज ने कहा कि उनके लिए पूरा अनुभव नया रहा। आउटडोर शूटिंग में कलाकार को आसपास के वातावरण और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। उनके अनुसार गांव पर आधारित कहानी का हिस्सा बनने से उन्हें भारतीय जड़ों और संस्कृति से और गहराई से जुड़ने का मौका मिला।
जिया और उसके सौतेले भाई ध्रुव के रिश्ते को भी सहज खास मानती हैं। उनके मुताबिक जिया ध्रुव को अपने सगे भाई की तरह प्यार करती है। वहीं अपने माता-पिता के साथ उसका रिश्ता भी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई मायनों में जिया अपने माता-पिता की देखभाल करने वाली बन जाती है।
आने वाले एपिसोड में दर्शकों को जिया और मल्हार के बीच कई मजेदार पल देखने को मिलेंगे। दोनों अलग-अलग पृष्ठभूमि से आते हैं—जिया शहर से है, जबकि मल्हार गांव का रहने वाला है। दोनों की सोच और नजरिए में अंतर उनके रिश्ते को और दिलचस्प बनाएगा।
सहज के मुताबिक, “यादें” जिंदगी से जुड़ी ऐसी कहानी है, जिसमें अपनापन और भावनाएं हैं और जिसके कई पल दर्शकों को अपनी जिंदगी से जुड़े हुए महसूस होंगे।
‘यादें’ देखना न भूलें, हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।
