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“राजा जरासंध सिर्फ शक्ति नहीं, बुद्धि के लिए भी जाने जाते हैं”: आभास मेहता
मुंबई, सितंबर 2026: सोनी सब का पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ दर्शकों को महाभारत की घटनाओं से पहले की दुनिया में ले जा रहा है। शो में उन कहानियों, रिश्तों और महत्वाकांक्षाओं को सामने लाया जा रहा है, जिन्होंने आगे चलकर महाभारत के घटनाक्रम को आकार दिया।
एक विशेष बातचीत में आभास मेहता ने पौराणिक दुनिया का हिस्सा बनने, जरासंध की भूमिका निभाने, किरदार के लुक और युवा कलाकारों के साथ अपने रिश्ते समेत कई पहलुओं पर बात की।
जरासंध का किरदार निभाना क्यों रहा खास?
आभास मेहता ने कहा कि जरासंध की अपार शक्ति और महाभारत की कहानी में उनका महत्वपूर्ण स्थान इस किरदार को उनके लिए खास बनाता है। उनके मुताबिक, महाभारत से जुड़ी कहानी का हिस्सा बनना अपने आप में एक विशेष अवसर है और जरासंध जैसे शक्तिशाली किरदार को निभाने से उन्हें इस चरित्र को अलग-अलग स्तरों पर समझने का मौका मिला।
महाभारत से पहले की कहानी ने दिया अलग नजरिया
‘हस्तिनापुर के वीर’ में महाभारत से पहले की घटनाओं को दिखाया जा रहा है। आभास के मुताबिक, यही शो की खासियत है, क्योंकि इससे दर्शकों को परिचित किरदारों को एक अलग दृष्टिकोण से देखने का मौका मिलता है।
उन्होंने कहा कि इस शो के जरिए उन्हें जरासंध के उन पहलुओं को सामने लाने का अवसर मिला है, जिन्हें दर्शक शायद पहले से नहीं जानते और उनकी यात्रा को ज्यादा गहराई से समझ सकते हैं।
“जरासंध में शक्ति के साथ बुद्धि भी है”
जरासंध को उनकी ताकत और शक्ति के लिए जाना जाता है, लेकिन आभास मेहता उनके किरदार में बुद्धि को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
उन्होंने कहा, “जरासंध एक ऐसा किरदार है, जिसमें शक्ति और बुद्धि दोनों हैं। वे सिर्फ एक मजबूत राजा नहीं हैं, बल्कि चीजों को समझते हैं और सोच-समझकर कदम उठाते हैं। मुझे लगता है कि यही पहलू उन्हें और भी रोचक बनाता है।”
किरदार के मानवीय पहलू को दिखाना चाहते हैं
आभास ने कहा कि वह जरासंध को सामान्य पौराणिक किरदारों, खासकर विरोधी पात्रों, से अलग अंदाज में पेश करना चाहते हैं।
उनके मुताबिक, ‘हस्तिनापुर के वीर’ हर किरदार के मानवीय पहलू और उसके फैसलों के पीछे की वजहों को सामने लाता है। उनका प्रयास है कि दर्शक जरासंध के भीतर मौजूद भावनाओं और उसके फैसलों के पीछे की सोच को भी समझ सकें।
लुक ने किरदार में ढलने में की मदद
जरासंध के लुक को लेकर आभास ने बताया कि कॉस्ट्यूम, गहने, मेकअप और प्रॉप्स पहनते ही उन्हें किरदार में प्रवेश करने का एहसास होने लगता है।
उन्होंने कहा कि जरासंध का लुक काफी अनोखा और आकर्षक है। उनके बाल, कॉस्ट्यूम, मेकअप और प्रॉप्स उनकी मजबूत शख्सियत को दर्शाते हैं। यह लुक उनकी बॉडी लैंग्वेज, हावभाव और यहां तक कि दृश्यों को देखने के नजरिए को बदलने में भी मदद करता है।
युवा कलाकारों के साथ ऑफ-स्क्रीन बॉन्ड
हालांकि आभास युवा कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा नहीं करते, लेकिन उन्होंने बताया कि ऑफ-स्क्रीन उनके साथ उनकी अच्छी बातचीत होती है।
उन्होंने कहा कि सभी बच्चे बेहद ऊर्जावान हैं और उनके साथ समय बिताना मजेदार होता है। बच्चों का उत्साह, सीखने की इच्छा और अपने प्रदर्शन में बेहतर करने की कोशिश उन्हें अच्छी लगती है।
“शक्ति का सही इस्तेमाल करना जरूरी”
जरासंध की यात्रा से आज के दर्शकों को मिलने वाली सीख के बारे में आभास ने कहा कि शक्ति का इस्तेमाल बेहद सावधानी से किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अगर वह अपनी शक्ति का सही इस्तेमाल नहीं करता तो उसका पतन हो सकता है। उनके मुताबिक, सही मूल्यों और मार्गदर्शन के साथ शक्ति का इस्तेमाल करना जरूरी है, क्योंकि गलत दिशा में इस्तेमाल की गई शक्ति विनाशकारी हो सकती है।
देखना न भूलें ‘हस्तिनापुर के वीर’, सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ सोनी सब पर।
