लखनऊ : नर्सों ने आंदोलन की बनाई रणनीति, कहा- शासन की अनदेखी का हम नहीं जनता हो रही शिकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जनता को बेहतर इलाज देना हम सब की प्राथमिकता है। सरकार हमारी मांग को अनदेखा कर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने का रास्ता बना रही है। यह बातें राजधानी स्थित बलरामपुर अस्पताल में आयोजित बैठक के दौरान नर्सों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थीं। राजकीय नर्सेज संघ के पदाधिकारियों ने भी इन बातों पर अपनी सहमती जताई है।

दरअसल, राजकीय नर्सेज संघ की तरफ से मुख्यालय में मंगलवार को एक बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें नर्सों की करीब 10 सूत्रीय मांगों पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में ठेका प्रथा और निजीकरण की बात भी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि राजकीय नर्सेज संघ की तरफ से जारी मांग पत्र में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रही नर्सों को नियमित करने की मांग को भी रखा गया है। इसके साथ ही ठेका प्रथा को हमेशा के लिए खत्म करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है , लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर राजकीय नर्सेज संघ के सीनियर पदाधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि ठेका प्रथा की वजह से कार्य की गुणवत्ता पर फर्क पड़ रहा है। जिसका खामियाजा अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को उठाना पड़ रहा है। इस दौरान कई उदाहरण भी दिये गये।

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राजकीय नर्सेज संघ की प्रदेश अध्यक्ष शर्ली भंडारी ने कहा कि प्रदेश में नर्सेज़ अपने घर परिवार से दूर व्यक्तिगत परेशानियों से परे पूरे मनोयोग से मरीज़ों की सेवा में जुटी हैं विगत कई वर्षों से शासन से विनम्रता पूर्वक अपनी माँगों को पूर्ण होने की उम्मीद लगाये बैठी है पर शासन की तरफ से कोई भी सहमति न बनने से सभी में आक्रोश व्याप्त है। 

राजकीय नर्सेज संघ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि नर्सेज की गृह  जनपद तैनाती पर शासन स्तर पर सहमति बनने के बाद भी अभी तक शासनादेश नहीं जारी हुआ है जिसके कारण नर्सेज अभी भी अपने घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यदि हमारी मांगे पूरी नहीं होती हैं तो हमारे पास आन्दोलन ही एक रास्ता बचता है। हम केवल मरीजों को दिक्कत न हो इसलिए आंदोलन से बचते आ रहे हैं, लेकिन अब हमारे सामने कोई रास्ता नहीं बच रहा, सिवाय आंदोलन के। इसके लिए आज बैठक कर रणनीत बनाई गई है। उन्होंने बताया कि मांगे पूरी होती हैं तो इसका फायदा नर्सों के साथ सीधे तौर पर जनता को मिलेगा।

 नर्सों की प्रमुख मांगे

 1-गृह जनपद तैनाती
 2-पदनाम परिवर्तन एंव पदोन्नति 
3-  नर्सिंग एलाउंस/ बोर्डिंग एलाउंस, यूनिफॉर्म एलाउंस, वॉशिंग और शिक्षा भत्ता
 4- नर्सिंग काउंसिल में नर्स रजिस्टर की नियुक्ति नर्सिंग संवर्ग से किये जाने। 
5- नर्सिंग संवर्ग का पुनर्गठन किये जाने ।
6-महानिदेशालय स्तर पर पदों को तत्काल भरे जाने 
7- राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाली नर्सेज को अतिरिक्त 2 वर्ष का सेवा विस्तार दिया जाने । 
8-नर्सेज को पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग की भर्ती एमएससी नर्सिंग करने की भी अनुमति भी दी जाए जो लोग बीएससी करके सेवा मे आते हैं।

9- संविदा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य करने वाले नर्सिंग संवर्ग को नियमित किया जाए एवं आउटसोर्स संविदा खत्म किया जाए।

10- पूर्व की भांति नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज में नर्सेज के पदों पर पूर्व की भांति नर्सेज को बरकरार रखा जाए जैसा अन्य मेडिकल कॉलेज मे व्यवस्था है .

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