Lucknow News: मौसेरे भाई ने की थी मिठाई विक्रेता की हत्या, माल पुलिस ने हत्यारोपी को किया गिरफ्तार

मलिहाबाद/लखनऊ: माल थानाक्षेत्र अन्तर्गत थावर गांव में हफ्ते भर पहले मिठाई विक्रेता अरूण यादव की हत्या किसी अन्य ने नहीं बल्कि उसके मौसेरे भाई सन्दीप ने की थी। वारदात को अन्जाम देने के बाद हत्यारोपी पुलिस के सामने आने से बचता रहा। शुक्रवार को माल पुलिस ने हत्यारोपी भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की तब उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया है।

गौरतलब है कि 17 जनवरी को माल के थावर गांव में रात 8:30 बजे अज्ञात हमलवारों ने मिठाई विक्रेता अरुण यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। भाई सनी यादव की लिखित शिकायत पर माल पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा रही पुलिस ने पुरानी दुश्मनी समेत अवैध सम्बन्ध से जुड़े कई पहलुओं पर जांच करते हुए 30 लोगों को हिरासत में उठाया था। बावजूद इसके पुलिस हत्यारोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

इसी बीच शक के घेर में आए मौसेरे भाई संदीप यादव को पुलिस ने उठाया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो वह इधर-उधर की बातें कर पुलिस का ध्यान भटकाने लगा। सख्ती से पूछताछ किए जाने पर संदीप ने अपना जुर्म स्वीकार किया। प्रभारी निरीक्षक राकेश त्रिपाठी के मुताबिक, हत्यारोपी ने बताया कि उनके पिता रामकुमार यादव की मिठाई की दुकान थी। अरुण उनके पिता के संग दुकान पर कामकाज करता था।

जबकि हत्यारोपी थावर गांव में मिठाई की दुकान संचालित करता था। शराब व जुए की लत ने उसे कर्जदार बना दिया था। जिसके चलते कुछ माह बाद उसे दुकान बंद करनी पड़ी। उधर, अरुण ने पिता रामकुमार के पास काम छोड़कर थावर गांव में अपनी दुकान खोल थी।

दिन-प्रतिदिन उसकी दुकान पर ग्राहकों की भीड़भाड़ होने लगी। जिससे वह अरुण से ईर्ष्या रखने लगा। हत्यारोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उनसे जमकर शराब पी, इसके बाद वह असलहा लेकर अरुण की दुकान पर पहुंचा। जहां उसने अरुण की गोली मारकर हत्या कर दी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि संदीप की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए 315 बोर का तमंचा एक खोखा व एक जिंदा कारतूस बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.