लखनऊ: चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन देवी मंदिरों में लगा भक्तों का तांता

जय माता दी के जयकारें से गूंज उठे मां के मंदिर

लखनऊ। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन उत्तर प्रदेश के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। मंदिरों में आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो इसका भी ख्याल स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रंबधन की ओर से किया गया है। मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गये हैं। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आरधना की जाती है। आज से नवरात्रि प्रारंभ हो गया है, जो 17 अप्रैल तक रहेगा। मां के प्रथम दिन शैलपुत्री की पूजा होती है।

इसी दिन महिलाएं घरों में घट स्थापना भी करती है। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश के तमाम शक्ति पीठों में बलरामपुर की पाटनदेवी मंदिर, मीरजापुर में विंध्यावासिनी देवी आदि सहित लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, सहारनपुर, बनारस समेत कई जिलों स्थापित देवी मंदिरों सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है। सुबह के वक्त मंदिर प्रबंधन की ओर से मां की मंगल आरती के बाद भक्तों के लिए पट खोल दिए गए। घर की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे अपने परिवार के साथ जगत जननी आदिशक्ति के प्रथम अवतार मां शैलपुत्री के दर्शन को पहुंच रहें। देवी शक्तिपीठ, मंदिरों भक्तों के संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारियां पहले से कर ली गई थी। मंदिर में दर्शन और परिसर के बाहर लगने वाले मेले में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद हैं।

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सीसीटीवी कैमरे से मेला परिसर और मंदिरों के प्रांगण पर नजर रखी जा रही है। मंदिरों में दर्शन को आने वाले भक्तों के लिए महिला और पुरूष के लिए अलग-अलग लाइन बनायी गई हैं ताकि सभी भक्त लाइन में लगकर बारी-बारी से मां के दर्शन कर सकें। गर्मी को देखते हुए पानी और ठहराव की व्यवस्था की गयी है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए भोर पहर से ही भक्तों की लाइन मंदिर प्रांगण में लग चुकी है। हाथों में नारियल, लाल चुनरी और प्रसाद लेकर भक्त लाइन में खड़े होकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच प्रेम से बोलो ह्यजय माता दीह्ण के जयकारें से मंदिर प्रांगण गूंज उठा।

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