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गोंडा में सामने आया ‘ज्योति मौर्या’ जैसा मामला, पत्नी को पढ़ाकर एएनएम बनाया, अब साथ रहने से इनकार का आरोप
गोंडा। जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी तुलना लोग चर्चित “ज्योति मौर्या प्रकरण” से कर रहे हैं। मोतीगंज थाना क्षेत्र के एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसने मजदूरी कर, भैंस और गन्ना बेचकर पत्नी की पढ़ाई पूरी कराई और उसे एएनएम का कोर्स कराया, लेकिन नौकरी लगने के बाद पत्नी अब उसके साथ रहने को तैयार नहीं है।
मामला मोतीगंज थाना क्षेत्र के चपरतल्ला कौरहे गांव निवासी 28 वर्षीय राजेश कुमार वर्मा का है। राजेश का आरोप है कि वह पंजाब में मजदूरी और लोहे की पल्लेदारी कर अपनी पत्नी रेनू वर्मा की पढ़ाई का खर्च उठाता रहा। इसके लिए उसने दो भैंसें और गन्ना तक बेच दिया तथा करीब डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन भेजे।
राजेश के अनुसार पत्नी ने एएनएम का कोर्स पूरा कर लिया है और अब अस्पताल में काम कर रही है, लेकिन नौकरी मिलने के बाद वह उसके साथ घर आने से इनकार कर रही है।
राजेश ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2001 में पिपरा लालच गांव निवासी राम उजागर की पुत्री रेनू वर्मा से हुई थी। वर्ष 2018 में गौना होने के बाद रेनू कुछ समय तक ससुराल में रही और फिर एएनएम कोर्स करने की इच्छा जताई। पति का कहना है कि उसने हरसंभव आर्थिक मदद कर पत्नी का सपना पूरा किया।
पीड़ित का आरोप है कि अब पत्नी और ससुराल पक्ष उस पर माता-पिता को छोड़कर अलग रहने का दबाव बना रहे हैं। राजेश ने बताया कि उसकी मां दृष्टिबाधित हैं और पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, इसलिए वह उन्हें छोड़कर अलग नहीं रह सकता।
राजेश का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने समझौते के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की है। साथ ही पत्नी शादी और गौना के समय मिले जेवर भी अपने पास रखे हुए है।
इस संबंध में राजेश कुमार वर्मा ने सीओ शिल्पा वर्मा को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। उसने अधिकारियों से खर्च किए गए पैसे और जेवर वापस दिलाने के साथ उचित न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
