विझिंजम सीपोर्ट पर शुरू हुआ इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट ऑपरेशन, विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता होगी कम

तिरुवनंतपुरम, अगस्त 2026: केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूर्ण रूप से इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट (EXIM) ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। इससे भारत में आने वाले और देश से बाहर जाने वाले कंटेनर कार्गो को सीधे संभालने की सुविधा बढ़ेगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं के बीच ट्रांसशिपमेंट कार्गो के संचालन में भी पोर्ट की भूमिका बनी रहेगी।

EXIM ऑपरेशन की शुरुआत केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की मौजूदगी में हुई। कार्यक्रम में केरल के उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी, विधायक एम. विंसेंट और भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन के आईएएस अधिकारी श्याम जगन्नाथन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि विझिंजम अब दुनिया के लिए केरल का एक महत्वपूर्ण गेटवे बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार समुद्री मार्ग से मिलने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के साथ-साथ मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी तथा निजी निवेश पर भी जोर देगी। इसके लिए रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण पर ₹3,200 करोड़ खर्च किए जाने की बात कही गई।

विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता घटाने में मदद

विझिंजम में EXIM ऑपरेशन शुरू होने से भारत के समुद्री व्यापार को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता कम करने, ट्रांजिट टाइम घटाने और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

वर्तमान में भारत के 75 प्रतिशत से अधिक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों के जरिए संभाले जाते हैं। ऐसे में विझिंजम जैसे रणनीतिक रूप से स्थित बंदरगाह की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

विझिंजम प्रमुख ईस्ट-वेस्ट शिपिंग रूट के करीब स्थित है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से करीब 10 नॉटिकल मील की दूरी पर है। यहां प्राकृतिक रूप से 18 से 20 मीटर का ड्राफ्ट उपलब्ध है, जिससे पोर्ट बड़े अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (ULCVs) को संभाल सकता है।

₹30,000 करोड़ तक पहुंचेगा अदाणी ग्रुप का निवेश

विझिंजम परियोजना में दूसरे चरण के निवेश के बाद अदाणी ग्रुप का कुल निवेश करीब ₹30,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। अगले फेज में करीब ₹16,000 करोड़ का विस्तार प्रस्तावित है।

इस विस्तार के बाद पोर्ट की वार्षिक क्षमता बढ़कर 57 लाख TEUs हो जाएगी। इसके साथ करीब 1,200 मीटर कंटेनर बर्थ, स्थायी रेल कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क संपर्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

पूरे विस्तार को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अब तक 1,100 से ज्यादा जहाज संभाल चुका पोर्ट

विझिंजम में कमर्शियल ऑपरेशन 3 दिसंबर 2024 को शुरू हुए थे। इसके बाद से पोर्ट करीब 23 लाख TEUs से अधिक कार्गो और 1,100 से ज्यादा जहाजों को संभाल चुका है। इनमें 80 से अधिक अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स शामिल हैं।

EXIM ऑपरेशन का शुरुआती कैचमेंट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक रहेगा। इससे दक्षिण भारत के कारोबार और उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

बेंगलुरु, कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं कारोबारी केंद्रों को इससे लॉजिस्टिक्स लागत और समय के स्तर पर फायदा मिल सकता है। साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, फ्रेट फॉरवर्डिंग और संबंधित सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

कंपनी के अनुसार, परियोजना के विकास से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

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