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सिद्धार्थ रांदेरिया से अमिताभ बच्चन और इरफान खान तक: पर्दे पर पिता के 5 यादगार किरदार
मुंबई, सितंबर 2026: पिता और बच्चों का रिश्ता प्यार, उम्मीदों, मतभेदों और त्याग से भरा होता है। हिंदी और गुजराती सिनेमा ने इस रिश्ते के अलग-अलग रंगों को पर्दे पर उतारा है। कहीं पिता अपने बच्चे के सपनों के लिए संघर्ष करता है, तो कहीं दोनों के बीच पीढ़ियों का अंतर रिश्ते में तनाव पैदा करता है। ऐसी ही पांच फिल्में पिता और बच्चों के रिश्ते को अलग-अलग नजरिए से दिखाती हैं।
सिद्धार्थ रांदेरिया अभिनीत ‘जिंदगी वन्स मोर’ पिता और बेटे के रिश्ते को एक अलग नजरिए से देखती है। फिल्म में बेटा अपने पिता को सिर्फ पिता के रूप में नहीं, बल्कि एक अलग व्यक्तित्व और अपनी इच्छाओं वाले इंसान के तौर पर समझने की कोशिश करता है।
धर्मा प्रोडक्शंस की पहली गुजराती फिल्म का निर्देशन जयमिन ने किया है। सिद्धार्थ रांदेरिया ने पिता के किरदार में सहजता, अपनापन और हास्य का मेल दिखाया है। फिल्म इस सवाल के जरिए आगे बढ़ती है कि जब बच्चे अपने माता-पिता को एक इंसान के रूप में जानने लगते हैं, तो रिश्ते को देखने का नजरिया कैसे बदल सकता है।
2. पीकू (2015) – सोनी लिव
अमिताभ बच्चन का भास्कोर बनर्जी का किरदार पिता के उस रूप को दिखाता है, जो परेशान भी करता है और हंसाता भी है। बेटी पीकू के साथ उसकी लगातार नोकझोंक के बावजूद दोनों के बीच गहरा लगाव दिखाई देता है।
दीपिका पादुकोण और अमिताभ बच्चन के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की खासियत है। कहानी दिखाती है कि करीबी रिश्तों में नाराजगी और प्यार एक साथ मौजूद हो सकते हैं।
3. 102 नॉट आउट (2018) – प्राइम वीडियो
अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर की जोड़ी वाली ‘102 नॉट आउट’ में पिता और बेटे के रिश्ते को उम्र के एक अलग पड़ाव पर दिखाया गया है। अमिताभ बच्चन ने 102 वर्षीय ऐसे पिता का किरदार निभाया है, जो जिंदगी को पूरी तरह जीना चाहता है, जबकि ऋषि कपूर 75 वर्षीय बेटे के रूप में अपनी आदतों और रोजमर्रा की जिंदगी में बंधे नजर आते हैं।
फिल्म में पिता ही अपने बेटे को उम्र के इस पड़ाव पर जिंदगी को खुलकर जीने का नजरिया देता है।
4. अंग्रेजी मीडियम (2020) – जियो हॉटस्टार
इरफान खान का चंपक बंसल का किरदार एक ऐसे पिता की कहानी है, जो अपनी बेटी के विदेश में पढ़ाई करने के सपने को पूरा करने के लिए हर संभव कोशिश करता है।
इरफान ने हास्य, चिंता और बेटी के प्रति प्यार को बेहद सहज अंदाज में पेश किया है। राधिका मदान के साथ उनके दृश्यों में पिता-बेटी का रिश्ता स्वाभाविक और भावनात्मक नजर आता है।
5. उड़ान (2010) – जियो हॉटस्टार
‘उड़ान’ में पिता और बेटे का रिश्ता बाकी फिल्मों से ज्यादा तनावपूर्ण रूप में सामने आता है। रोनित रॉय ने सख्त पिता भैरव सिंह का किरदार निभाया है, जबकि रजत बरमेचा रोहन की भूमिका में हैं, जो लेखक बनना चाहता है लेकिन पिता की अपेक्षाओं के दबाव में है।
फिल्म पिता के प्यार और बच्चे की आजादी की अलग-अलग परिभाषाओं के बीच पैदा होने वाले टकराव को दिखाती है। यही तनाव कहानी को भावनात्मक गहराई देता है।
