लखनऊ : प्रिसिजन मेडिसिन और इंटेंसिव केयर कॉन्फ्रेंस में बोले डिप्टी सीएम- केजीएमयू की हर प्रकार से करेंगे मदद

लखनऊ:  किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय हमेशा से चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी रहा है। हम एक नये विभाग को शुरू करने जा रहे हैं। यह खुशी का विषय है। आईसीयू में प्रिसिजन मेडिसिन आधारित चिकित्सा सेवा शुरू होने से मरीजों को निश्चित तौर पर स्वास्थ्य लाभ होगा। यह कहना है उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। वह गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में आयोजित प्रिसिजन मेडिसिन और इंटेंसिव केयर कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। 

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि केजीएमयू नित्य नये अविष्कारों के साथ नये आयाम गढ़ रहा है। इसमें यहां डॉक्टरों का अहम योगदान है। आप सभी ने केजीएमयू के नाम को आगे बढ़ाया है। सरकार की तरफ से हर प्रकार का सहयोग केजीएमयू को दिया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने सोसाइटी ऑफ प्रिसिजन मेडिसिन एंड इंटेंसिव केयर का लोगों भी लांच किया।

बेल्जियम से आये डॉ. जीन लुईस विंसेंट ने कहा कि प्रिसिजन मेडिसिन एक जरूरी विधा है। इससे संबंधित जानकारी को चिकित्सा क्षेत्र में प्रसार करने की जरूरत है। जिससे इसका लाभ हर किसी को मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक डॉक्टर को हर तरह के मरीज की जानकारी रखनी होगी। साथ ही उसका इलाज करना होगा। यानी की पेट के डॉक्टर को दूसरी बीमारियों से परेशान मरीजों का इलाज करना चाहिए। उसके बारे में जानकारी करनी चाहिए। केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग प्रिसिजेन मेडिसिन को लेकर आगे बढ़ रहा है। इसका सीधा फायदा मरीजों को होगा।

क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अविनाश अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक मरीज की रोगों से लड़ने की अपनी क्षमता होती है। प्रत्येक मरीज पर बीमारी के हमले का तरीका अलग होगा। ऐसे में मरीज का इलाज एक जैसा नहीं होना चाहिए। प्रत्येक मरीज के लक्षण और शारीरिक क्षमताओं को देखकर ही इलाज तय करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रिसिजन मेडिसिन में नये कोर्स शुरू करेंगे।

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