फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने वाला प्रधानाध्यापक गिरफ्तार, 29 साल बाद हुआ खुलासा

बलरामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। प्राथमिक विद्यालय शेखापुर के प्रधानाध्यापक विजय कुमार मिश्र को फर्जी दस्तावेजों के सहारे 29 वर्षों तक नौकरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल की

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला के अनुसार, विजय कुमार मिश्र ने 10 जनवरी 1996 को तुलसीपुर शिक्षा क्षेत्र में सहायक अध्यापक के रूप में नौकरी शुरू की थी। फर्जी अंकपत्रों और प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाले मिश्र को बाद में प्रोन्नति देकर हरैया सतघरवा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शेखापुर में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात किया गया।

पुलिस ने गांव से किया गिरफ्तार

पुलिस ने विजय कुमार मिश्र को उनके गांव विगिहा थाना मोतीगंज, गोंडा से गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

घोटाले की ओर इशारा

यह मामला बलरामपुर के शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर हुई अनियमितताओं को उजागर करता है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की साख पर भी बट्टा लगा है।

जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.