Ballia News : शादी का पहला बसंत भी नहीं देख सकीं थी रानी, 16 माह बाद मिला न्याय

Ballia News : पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान OPERATION CONVICTION के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक बलिया एस. आनन्द के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन शाखा द्वारा की गयी प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया। वहीं, आरोपी सास को 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा मिली। अर्थदंड न देने पर दोनों को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

वादी मुकदमा श्रीकृष्ण चौधरी (निवासी ताजपुर खुर्द थाना दिलदारनगर जिला गाजीपुर) ने अपनी बेटी रानी की शादी जयराम चौधरी पुत्र स्व. जयशंकर चौधरी (निवासी सराय कोटा, कालीघाट नरही) के साथ 26 अप्रैल 2021 को किया था। आरोप है कि पति जयराम चौधरी और सास सांझा देवी उसकी पुत्री को दहेज के लिए परेशान करने लगे। जयराम चौधरी और सांझा देवी रानी को मारते पीटते थे। दोनों ने 20 अप्रैल 2022 को गला दबाकर हत्या कर दी। नरही पुलिस ने धारा 498ए, 304बी, 302 भादवि व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोपी जयराम चौधरी पुत्र स्व. जयशंकर चौधरी व सास संझा देवी पत्नी स्व. जयशंकर चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

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अभियुक्त जयराम चौधरी और सांझा देवी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में विवेचक ने प्रेषित किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों को देखने और संजीव कुमार सिंह जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने सास व पति के खिलाफ दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई गई। धारा 304बी भादवि में अभियुक्त जयराम चौधरी को दोषसिद्ध पाते हुये आजीवन कारावास तथा अभियुक्ता संझा देवी को 07 वर्ष का सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।

वहीं, धारा 498ए भादवि में दोषसिद्ध पाते हुये अभियुक्त व अभियुक्ता दोनों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर दोनों को 06-06 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। धारा ¾ डीपी एक्ट में दोषसिद्ध पाते हुये अभियुक्त व अभियुक्ता दोनों को 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने पर दोनों को 06-06 माह का अतिरिक्त कारावास से भोगना पड़ेगा। 

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