पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित होंगे रजिस्ट्री कार्यालय, सीएम योगी ने दिए निर्देश

लखनऊ : मुख्यमंत्री ने स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जनसुविधा केंद्रित बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और पंजीकरण प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी तथा सुगम बन सके।

सोमवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से निवेश और शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में पंजीकरण व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, अभिलेखों के डिजिटाइजेशन, जियो-टैगिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणालियों को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्तियों के मूल्यांकन में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। इससे स्टाम्प शुल्क चोरी पर प्रभावी रोक लगेगी, विवादों में कमी आएगी और राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी।

उन्होंने कॉरपोरेट पुनर्गठन, विलय एवं अधिग्रहण, सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी), आवासीय सहकारी समितियों तथा रेरा से जुड़े मामलों में स्टाम्प शुल्क व्यवस्था को समयानुकूल बनाने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों की सर्वोत्तम व्यवस्थाओं का अध्ययन कर निवेश और कारोबार को प्रोत्साहित करने वाला प्रभावी कानूनी ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए।

10 वर्षों में तीन गुना बढ़ी विभागीय आय

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016-17 में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की आय 11,613.84 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 32,598.49 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसी अवधि में पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या 28.25 लाख से बढ़कर 49.34 लाख हो गई है।

हर वर्ष 2.4 करोड़ लोगों का होता है संपर्क

समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों में हर वर्ष लगभग 2.4 करोड़ लोगों का प्रत्यक्ष संपर्क होता है। इसे देखते हुए हेल्प डेस्क, टोकन एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, आधुनिक प्रतीक्षालय, महिला एवं शिशु कक्ष तथा डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को रजिस्ट्री कार्यालयों में अनावश्यक प्रतीक्षा और असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाया जाए।

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