राजधानी में राष्ट्र सेविका समित ने नव वर्ष का बजाया बिगुल

स्वयं सेविकाओं ने नववर्ष के आगमन पर दिये सुझाव

लखनऊ। राजधानी में स्वयं सेविकाओं ने चैत्र शुक्ल प्रतिप्रदा यानी नववर्ष के आगमन पर भारतीय संस्कृति के बारे में जानकारी साझा की। सोमवार को कैसरबाग के राजाराम पार्क में राष्ट्र सेविका समिति समाज व संगठन से जुड़े अन्य लोगों ने भारतीय काल गणना के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिप्रदा के उपलक्ष्य में हर्षोल्लास के साथ मनाया । बता दें कि राष्ट्र सेविका समिति समय-समय पर संगठन ,समाज के साथ मिलकर भारतीय पर्व उत्सव मनाते हुए वर्ष का पहला उत्सव जो विश्व की सबसे प्राचीन कालगणना जो सूर्य व चंद्र की गति पर आधारित मनाया गया।

जिसमें सभी सेविकाएं अपना कर्तव्य समझते हुए समिति गणवेश में ध्वज, प्रार्थना व नववर्ष  के महत्त्व के विचार को साझा किया। वहीं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आर्यावर्ती सरोज शामिल रही उन्होंने बताया कि भारतीय नववर्ष विश्व का कल्याण करने वाला उत्सव है,इस दिन ब्रह्मांड की रचना हुई थी चारों तरफ खुशहाली का दिन होता है। इसी क्रम में अवध प्रांत की प्रांत संचालिका रत्नम ने बताया कि भारतीय नव वर्ष के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक के संस्थापक हेडगेवार का जन्मदिन  हुआ था और इसी दिन राजा विक्रमादित्य ने हिंदू सामराज्य की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को जगाने के लिए राष्ट्र सेविका समिति लगातार कार्य कर रही है।
 
उन्होंने कहा कि भारत को राजा विक्रमादित्य जैसा  मार्गदर्शक चाहिए,भारत को विवेकानंद जैसा नेतृत्व चाहिए लक्ष्मीबाई जैसा साहस शौर्य चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसे ही गतिविधियों के माध्यम से अनेकों लोगों को जोड़ते हैं और संस्कारित मातृशक्ति राष्ट्र को समर्पित करती रहती हैं। ऐसे कार्यो से देश को बचा सकती है और देश को विश्व गुरु बना सकती हैं। कार्यक्रम में प्रांत कार्यकारिणी विभाग कार्यकारिणी भाग कार्यकारिणी नगर के सभी दायित्व बहने मौके पर मौजूद रही।
 

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