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लखनऊ में नकली करेंसी गिरोह का भंडाफोड़, 13.95 लाख रुपये के जाली नोटों के साथ तीन गिरफ्तार
लखनऊ : राजधानी लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली करेंसी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 13.95 लाख रुपये मूल्य के 500 और 100 रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजमगढ़ जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के गंभीरवन निवासी आलोक सिंह (21), मुबारकपुर थाना क्षेत्र के रामपुर मुबारक पट्टी वनकट निवासी सोनू गोंड उर्फ गोलू (25) तथा सिधारी थाना क्षेत्र के सारगढ़ निवासी वृजेश विश्वकर्मा (35) के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 500 रुपये के 1,402 जाली नोट और 100 रुपये के 6,946 जाली नोट बरामद किए। बरामद नकली करेंसी की कुल कीमत 13 लाख 95 हजार 600 रुपये आंकी गई है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि तीनों आरोपी आजमगढ़ निवासी मंजीत नामक व्यक्ति से नकली नोट प्राप्त करते थे और उन्हें विभिन्न स्थानों पर खपाने का काम करते थे। आरोपियों ने बताया कि एक लाख रुपये के बदले उन्हें तीन लाख रुपये मूल्य की नकली करेंसी उपलब्ध कराई जाती थी।
पुलिस के अनुसार आलोक सिंह और वृजेश विश्वकर्मा बैंक लोन दिलाने का कार्य करते थे, जबकि सोनू गोंड चाय की दुकान संचालित करता है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी लखनऊ में नकली नोट किसे देने आए थे और अब तक कितनी जाली करेंसी बाजार में खपा चुके हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद नोटों की कागज गुणवत्ता और सुरक्षा फीचर्स में अंतर है, लेकिन आम व्यक्ति के लिए इन्हें पहचानना आसान नहीं है। नोटों पर लगी धातु की सुरक्षा पट्टी भी अलग तरीके से तैयार की गई है। बरामद नकली करेंसी को विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है।
