- Hindi News
- उत्तर प्रदेश
- बहराईच
- बहराइच: पांच वर्षीय मासूम को भेड़ियों ने बनाया निशाना, तीन महीनों में 9 हमलों से गांवों में दहशत का
बहराइच: पांच वर्षीय मासूम को भेड़ियों ने बनाया निशाना, तीन महीनों में 9 हमलों से गांवों में दहशत का माहौल
बहराइच। बहराइच जिले के एक गांव में भेड़ियों के हमले में पांच वर्षीय बालक की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त सूचना के अनुसार, कैसरगंज तहसील के मल्लहन पुरवा गांव में शुक्रवार शाम रोशन कुमार का पांच वर्षीय पुत्र स्टार घर के बाहर खेल रहा था तभी दो भेड़िए आए और एक ने बच्चे को जबड़े में उठा लिया। पड़ोसियों ने बच्चे को उठाकर ले जाते देखकर शोर मचाया, लाठी डंडे लेकर उसके पीछे भागे।
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी पड़ोस में रहने वाले राजेंद्र ने बताया, ‘‘बच्चा अपने घर के दरवाजे पर खेल रहा था, परिवार व आसपास के घरों की महिलाएं, बच्चे व पुरूष भी वहीं मौजूद थे। लेकिन सबकी आंखों के सामने दो भेड़ियों ने बच्चे पर हमला किया। मैंने भी इसे अपनी आंखों से देखा। एक भेड़िये ने उसकी गर्दन दबोची और दूसरे ने हाथ अपने मुंह में दबाया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने शोर मचाया तो दोनों जानवर बच्चे को लेकर खेत की ओर भागे। मैं और बाकी लोग भी लाठी-डंडे लेकर पीछे भागे। हमने शोर मचाकर भेड़ियों को हांका तो गन्ने के खेत में बच्चे को छोड़कर दोनों भेड़िए भाग गए।’’
बच्चा बेहोश था, भेड़िए उसके दोनों हाथों की हथेलियां खा चुके थे, बायें पैर का पंजा भी बुरी तरह जख्मी था। एक ग्रामीण ने बताया कि जिस स्थान पर बच्चा मिला था, वहां जब हम पहुंचे तो भेड़िए बच्चे को खा रहे थे, एक भेड़िया बच्चे का हाथ नोच रहा था। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राम सिंह यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना घाघरा नदी से थोड़ी दूरी पर स्थित मल्लहनपुरवा गांव में एक गन्ने के खेत में हुई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम पांच से छह बजे के बीच भेड़िये बच्चे को उठाकर ले गये थे, जो गन्ने के खेत में बेहोशी की हालत में ग्रामीणों को मिला था। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद देर रात इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय बच्चे की मौत हो गई है।
उन्होंने बताया, ‘‘बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सरकार द्वारा आर्थिक सहायता दी जाएगी।’’ डीएफओ ने बताया कि जिस स्थान पर घायल बच्चा मिला था, वहां भेड़िए के पदचिन्ह मिले हैं। हमने शाम से ही ड्रोन व विशेषज्ञों से लैस कई टीम लगाकर उन्हें पकड़ने की कार्रवाई तेज कराई है। दिन रात गश्त कर भेड़िए की तलाश की जा रही है। ग्रामीणों को घर से बाहर निकलते समय सतर्क रहने तथा बच्चों को अकेला नहीं छोड़ने की सलाह लगातार दी जा रही है।
डीएफओ ने बताया कि बहराइच जिले की कैसरगंज व महसी तहसील के गांवों में नौ सितंबर से शुरू हुए भेड़ियों के हमलों से शुक्रवार की घटना को मिलाकर सात बच्चों व एक बुजुर्ग दंपति सहित नौ लोगों की मौत हो चुकी हैं, इन हमलों में 32 लोग घायल हुए हैं। गौरतलब है कि हमलों के बाद 27 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां पहुंचकर हवाई सर्वेक्षण कर भेड़िए को सुरक्षित पकड़ने तथा पकड़े ना जाने पर उसे देखते ही गोली मारने के निर्देश दिए थे। दूसरे जिलों व अन्य राज्यों से बचाव विशेषज्ञ व शूटर बुलाकर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। 28 सितंबर से अब तक चार भेड़िए मारे जा चुके हैं।
