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धमाके एक चेतावनी
रविवार की सुबह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम में केरल में ईसाई धार्मिक सभा में तीन धमाके हुए। विस्फोटों में एक महिला की मौत हो गई और 36 लोग घायल हो गए। विस्फोट कलामासेरी में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में हुए जहां यहोवा के साक्षियों के सैकड़ों अनुयायी तीन दिवसीय प्रार्थना सभा के समापन के दिन एकत्र हुए थे। विस्फोट के समय कन्वेंशन सेंटर में लगभग दो हजार लोग थे।
उत्तर प्रदेश में एसटीएफ और सभी जिलों की पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। साथ ही इजराइल-फलस्तीन से जुड़े विरोध प्रदर्शन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों ने इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अलर्ट जारी किया था जिसमें जिक्र किया गया था कि भारत के यहूदी स्थल आतंकवादियों के निशाने पर हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को ही केरल के मल्लापूरम में एक कार्यक्रम में हमास का आतंकी खालिद मशाल वर्चुअली शामिल हुआ था। इसकी जानकारी के बाद केरल भाजपा अध्यक्ष ने चिंता जताई थी। ये विस्फोट देश के लिए एक चेतावनी भी हैं। इसलिए चौंकाने वाली इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है।
पुलिस के मुताबिक बाद में यहोवा के साक्षी समूह से होने का दावा करने वाले व्यक्ति ने विस्फोटों की जिम्मेदारी लेते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। अफसोसजनक है कि घटना को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस खतरनाक राजनीति कर रही है।
कांग्रेस ने इन विस्फोटों के पीछे केरल की विविधता को तोड़ने की साजिश बताया है। हालांकि यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह एक आतंकवादी कृत्य था या नहीं। वास्तव में सभ्य समाज में हिंसा और खून-खराबे की कोई जगह नहीं हो सकती। ऐसी कायराना हरकतों के खिलाफ देश को एकजुटता दिखानी होगी।
इसकी गंभीरता से जांच करने की जरूरत है। घटना को बहुत गंभीरता से देखा जा रहा है। यह एक निंदनीय कृत्य है और जिन्होंने भी यह साजिश रची है उनका पर्दाफाश करने के लिए मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
