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                <title>Top News  - Parakh Khabar</title>
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                <title>अबू धाबी पहुंचे पीएम मोदी, यूएई के साथ कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अबू धाबी</strong> : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान स्वयं उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति की उपस्थिति में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। इनमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़ा समझौता भी शामिल है।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/pm-modi-reaches-abu-dhabi-many-important-agreements-signed-with/article-32856"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-05/0210.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अबू धाबी</strong> : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान स्वयं उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति की उपस्थिति में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। इनमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से जुड़ा समझौता भी शामिल है।</p>
<p>प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई द्वारा किए गए विशेष स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार यूएई वायुसेना के विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया, वह भारत की जनता के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने हाल ही में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के प्रति यूएई द्वारा जताई गई संवेदनाओं के लिए भी धन्यवाद दिया।</p>
<p>मध्य-पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यूएई को निशाना बनाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। कठिन परिस्थितियों में यूएई नेतृत्व द्वारा दिखाए गए संयम और साहस की उन्होंने सराहना की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति का असर पूरे विश्व पर पड़ रहा है। भारत हमेशा विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देता आया है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को मुक्त, सुरक्षित और खुला बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन अनिवार्य है।</p>
<p>पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी यूएई के राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि वे ऊर्जा, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत बनाने को लेकर उत्साहित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News </category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 15:11:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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                <title>मंडल बनाम कमंडल : तीन दशकों में बदला भारतीय राजनीति का चेहरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय राजनीति के इतिहास में 1990 का दशक एक ऐसे दौर के रूप में दर्ज है, जिसने देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा को गहराई से प्रभावित किया। इसी कालखंड में ‘मंडल’ और ‘कमंडल’ की राजनीति सामने आई, जिसने भारतीय लोकतंत्र और सत्ता समीकरणों को नई परिभाषा दी।</p>
<p>मंडल राजनीति की शुरुआत 1979 में गठित से हुई, जिसकी सिफारिशों को तत्कालीन प्रधानमंत्री ने 7 अगस्त 1990 को लागू करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की। इस फैसले ने देशभर में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया पैदा की। एक ओर पिछड़े वर्गों में राजनीतिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/mandal-vs-kamandal-the-face-of-indian-politics-changed-in/article-32838"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-05/img-20260513-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><p>भारतीय राजनीति के इतिहास में 1990 का दशक एक ऐसे दौर के रूप में दर्ज है, जिसने देश की सामाजिक और राजनीतिक दिशा को गहराई से प्रभावित किया। इसी कालखंड में ‘मंडल’ और ‘कमंडल’ की राजनीति सामने आई, जिसने भारतीय लोकतंत्र और सत्ता समीकरणों को नई परिभाषा दी।</p>
<p>मंडल राजनीति की शुरुआत 1979 में गठित से हुई, जिसकी सिफारिशों को तत्कालीन प्रधानमंत्री ने 7 अगस्त 1990 को लागू करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की। इस फैसले ने देशभर में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया पैदा की। एक ओर पिछड़े वर्गों में राजनीतिक चेतना मजबूत हुई, वहीं दूसरी ओर उच्च जातियों और छात्रों के बीच विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।</p>
<p>इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुत्व और राम मंदिर आंदोलन को प्रमुखता देते हुए ‘कमंडल’ राजनीति को धार दी। की 1990 में निकली सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ यात्रा भारतीय राजनीति का बड़ा मोड़ साबित हुई। बिहार के समस्तीपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा आडवाणी की गिरफ्तारी के बाद मंडल और कमंडल की राजनीति का सीधा टकराव सामने आया और अंततः वी.पी. सिंह सरकार गिर गई।</p>
<p>इसके बाद उत्तर भारत की राजनीति में क्षेत्रीय दलों का प्रभाव तेजी से बढ़ा। , , और लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं ने सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों की राजनीति को मजबूत आधार दिया।</p>
<p>वर्ष 1992 में मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को संवैधानिक वैधता प्रदान की, हालांकि 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा और क्रीमी लेयर जैसी शर्तें भी जोड़ी गईं।</p>
<p>वर्तमान दौर में भारतीय राजनीति में मंडल और कमंडल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है। केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाती नजर आती है। वहीं विपक्ष जातीय जनगणना और सामाजिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों के जरिए मंडल राजनीति को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।</p>
<p>भारतीय लोकतंत्र के इस लंबे राजनीतिक सफर ने यह स्पष्ट किया है कि देश में सामाजिक न्याय, पहचान और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दे साथ-साथ चलते रहेंगे और यही इसकी लोकतांत्रिक जीवंतता की सबसे बड़ी पहचान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 09:42:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ का तीसरा संस्करण होगा और बड़ा, देशभर से चुने जाएंगे 21 बदलावकर्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>इंदौर।</strong> समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले अनसुने और अनदेखे लोगों को सम्मानित करने वाली पहल ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ अपने तीसरे संस्करण के साथ फिर शुरू होने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा, भूखमुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है।</p><p>यह पहल  द्वारा शुरू की गई है, जो सतत विकास लक्ष्यों को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्य कर रही है।</p><p>संस्था के अनुसार, पहले संस्करण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के क्षेत्र में काम करने वाले आठ लोगों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>इंदौर।</strong> समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले अनसुने और अनदेखे लोगों को सम्मानित करने वाली पहल ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ अपने तीसरे संस्करण के साथ फिर शुरू होने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा, भूखमुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है।</p><p>यह पहल  द्वारा शुरू की गई है, जो सतत विकास लक्ष्यों को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्य कर रही है।</p><p>संस्था के अनुसार, पहले संस्करण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के क्षेत्र में काम करने वाले आठ लोगों को सम्मानित किया गया था। वहीं, दूसरे संस्करण में शिक्षा, भूखमुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत 15 बदलावकर्ताओं को सम्मान दिया गया।</p><p>तीसरे संस्करण में देशभर से 21 लोगों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। संस्था ने बताया कि अब तक सात राज्यों तक सीमित रही यह पहल इस बार पूरे देश में विस्तार कर रही है, ताकि विभिन्न राज्यों में समाज के लिए काम कर रहे लोगों की कहानियां राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।</p><p>ने कहा कि देश केवल नीतियों से नहीं बदलता, बल्कि उन लोगों से बदलता है, जो दूसरों के लिए जीना जानते हैं। उन्होंने कहा कि ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ ऐसे ही वास्तविक नायकों को सामने लाने का प्रयास है।</p><p>संस्था का मानना है कि वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकारों के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। इसी सोच के तहत उन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/top-news/this-will-be-the-third-edition-of-golden-impact-achiever/article-32803</link>
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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 05:26:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तमिलनाडु में नई राजनीतिक शुरुआत : अभिनेता विजय आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चेन्नई।</strong> तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से कायम द्रविड़ दलों के वर्चस्व के बीच अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। फिल्म अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक जोसेफ विजय रविवार सुबह 10 बजे राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।</p>
<p>शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित देश के कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है। समारोह में करीब 5,000 अतिथियों के पहुंचने को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/new-political-beginning-in-tamil-nadu-actor-vijay-will-take/article-32782"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(6)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>चेन्नई।</strong> तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से कायम द्रविड़ दलों के वर्चस्व के बीच अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। फिल्म अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक जोसेफ विजय रविवार सुबह 10 बजे राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।</p>
<p>शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित देश के कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है। समारोह में करीब 5,000 अतिथियों के पहुंचने को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।</p>
<h2>टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी</h2>
<p>हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सामने आई। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 से कुछ सीटें पीछे रह गई, लेकिन कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य सहयोगी पार्टियों के समर्थन से विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने पांच, सीपीआई और सीपीआई(एम) ने चार, वीसीके ने दो तथा आईयूएमएल ने दो विधायकों का समर्थन दिया है। इस तरह विजय के पास कुल 120 विधायकों का समर्थन पहुंच गया है।</p>
<h2 style="text-align:left;">राज्यपाल ने दिया सरकार बनाने का न्योता</h2>
<p>शनिवार को विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया। यह राज्यपाल से उनकी चौथी मुलाकात थी। समर्थन पत्रों की जांच के बाद राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया और 13 मई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने का समय दिया है।</p>
<h2>मंत्रिमंडल में दिखेंगे नए चेहरे</h2>
<p>विजय के साथ उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। संभावित मंत्रियों में केए सेंगोट्टइयन, आधव अर्जुना, एन आनंद, अरुण राज, निर्मल कुमार, राज मोहन और वेंकटरमणन जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीएमके और एआईएडीएमके के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के बाद टीवीके के रूप में तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक शक्ति उभरकर सामने आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                            <category>Top News </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 15:03:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>बुंदेलखंड की बदहाली बदलने के लिए जरूरी है ठोस कार्ययोजना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वीरता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की पहचान रहा बुंदेलखंड आज गरीबी, बेरोजगारी और पलायन की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। कभी अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अब विकास की दौड़ में लगातार पिछड़ता जा रहा है। गाँवों में भुखमरी, जल संकट और बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन सरकारों की योजनाएं अभी तक जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव नहीं ला सकी हैं।</p>
<p>नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अनुसार उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश देश के सबसे गरीब राज्यों में शामिल हैं, और इन राज्यों के अंतर्गत आने वाले बुंदेलखंड के जिले गरीबी की मार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/concrete-action-plan-is-necessary-to-change-the-plight-of/article-32732"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-05/img-20260506-wa0018.jpg" alt=""></a><br /><p>वीरता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की पहचान रहा बुंदेलखंड आज गरीबी, बेरोजगारी और पलायन की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। कभी अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अब विकास की दौड़ में लगातार पिछड़ता जा रहा है। गाँवों में भुखमरी, जल संकट और बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन सरकारों की योजनाएं अभी तक जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव नहीं ला सकी हैं।</p>
<p>नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अनुसार उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश देश के सबसे गरीब राज्यों में शामिल हैं, और इन राज्यों के अंतर्गत आने वाले बुंदेलखंड के जिले गरीबी की मार सबसे अधिक झेल रहे हैं। चित्रकूट, बाँदा और टीकमगढ़ जैसे क्षेत्रों में बड़ी आबादी आज भी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है। ऐसे में बुंदेलखंड को केवल राजनीतिक घोषणाओं की नहीं, बल्कि एक ठोस और समग्र विकास मॉडल की आवश्यकता है।</p>
<p>सबसे पहले सरकार को क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद परिवारों का पारदर्शी और सटीक डेटाबेस तैयार करना चाहिए। जब तक अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की वास्तविक जरूरतों की पहचान नहीं होगी, तब तक सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा। आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं को एकीकृत कर ऐसा तंत्र विकसित करना जरूरी है, जिससे कोई भी पात्र परिवार वंचित न रहे।</p>
<p>रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देना भी बुंदेलखंड के विकास की सबसे बड़ी जरूरत है। क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें प्रशिक्षण और अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। सरकार को स्थानीय जरूरतों के अनुसार कौशल विकास केंद्र स्थापित करने चाहिए, जहां प्रशिक्षण के साथ रोजगार की गारंटी भी सुनिश्चित हो। डेयरी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन जैसे व्यवसायों को सहकारी मॉडल पर बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।</p>
<p>इसके साथ ही किसानों और कारीगरों को बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए मजबूत सहकारी समितियों का निर्माण आवश्यक है। बुंदेलखंड के विशेष उत्पादों को ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़कर उत्पादकों को सीधा लाभ दिलाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर की फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना भी रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।</p>
<p>स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष सुधार की आवश्यकता है। कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करना होगा और मातृ-शिशु पोषण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। वहीं गरीब और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए छात्रवृत्ति तथा सुपर-30 जैसे कोचिंग सेंटर स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि आर्थिक अभाव किसी की प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने।</p>
<p>महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लाड़ली बहना जैसी योजनाओं का दायरा बढ़ाना भी जरूरी है। यदि महिलाओं को पर्याप्त आर्थिक सहयोग और रोजगार के अवसर मिलें, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है।</p>
<p>कुल मिलाकर बुंदेलखंड का विकास किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक समन्वित और मिशन मोड में चलने वाली कार्ययोजना की मांग करता है। इसकी नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर होनी चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।</p>
<p>अब समय आ गया है कि सरकार बुंदेलखंड के विकास को प्राथमिकता दे और इस क्षेत्र को गरीबी और पलायन से मुक्त करने के लिए ठोस राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाए। यदि सही दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएं, तो बुंदेलखंड एक बार फिर विकास और स्वाभिमान की नई पहचान बन सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 06:06:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Trump on Strait of Hormuz : ईरान से समझौते तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखेगा अमेरिका : ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="agency_feed">
<p><strong>वाशिंगटन, अप्रैल 2026</strong> : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि जब तक ईरान कोई समझौता नहीं करता, तब तक अमेरिका Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। उन्होंने साफ कहा कि इस अहम तेल मार्ग को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, “इस पर हमारा पूरा नियंत्रण है। यह रास्ता तभी खुलेगा, जब वे कोई समझौता करेंगे या फिर कोई और सकारात्मक स्थिति बनेगी।”</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रास्ते को बंद रखने का मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालना है। ट्रंप बोले, “अगर हम यह रास्ता खोल देते</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/trump-on-strait-of-hormuz-america-will-control-the-strait/article-32537"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-04/202604243762026.jpg" alt=""></a><br /><div class="agency_feed">
<p><strong>वाशिंगटन, अप्रैल 2026</strong> : अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि जब तक ईरान कोई समझौता नहीं करता, तब तक अमेरिका Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। उन्होंने साफ कहा कि इस अहम तेल मार्ग को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<p>ट्रंप ने कहा, “इस पर हमारा पूरा नियंत्रण है। यह रास्ता तभी खुलेगा, जब वे कोई समझौता करेंगे या फिर कोई और सकारात्मक स्थिति बनेगी।”</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रास्ते को बंद रखने का मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालना है। ट्रंप बोले, “अगर हम यह रास्ता खोल देते हैं, तो ईरान रोज़ाना करीब 500 मिलियन डॉलर कमाएगा। जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, मैं नहीं चाहता कि वे इतना पैसा कमाएं।”</p>
<p>Strait of Hormuz एक संकरा समुद्री रास्ता है, जो खाड़ी के तेल उत्पादक देशों को दुनिया के बाजारों से जोड़ता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ जाती है।</p>
<p>ट्रंप ने माना कि इसका असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। ईंधन की कीमतों को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “थोड़े समय के लिए असर होगा।”</p>
<p>हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बाजार अभी स्थिर हैं। ट्रंप बोले, “शेयर बाजार अपने उच्चतम स्तर पर है। मुझे लगा था कि तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कीमतें उम्मीद से काफी अलग हैं।”</p>
<p>प्रशासन ने कहा कि देश में ज्यादा उत्पादन होने से स्थिति संभली हुई है। ट्रंप ने बताया, “हम इस समय अपने इतिहास में सबसे ज्यादा तेल और गैस का उत्पादन कर रहे हैं।”</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, “जब तक यह रास्ता बंद है, दुनिया भर से जहाज टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का आ रहे हैं, ताकि अमेरिका से तेल ले सकें।”</p>
<p>ट्रंप ने इस पूरे दबाव को सुरक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, “हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते।”</p>
<p>उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मामले का हल जल्दी नहीं निकलेगा। ट्रंप ने कहा, “मुझे कोई जल्दबाजी नहीं है, हमारे पास काफी समय है।” इससे साफ है कि तेल के सीमित प्रवाह के कारण ईरान पर दबाव बढ़ता जाएगा।</p>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News </category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 08:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूंडरी मंडी विवाद: खरीद में देरी की असली वजह नमी और जांच प्रक्रिया, अदाणी साइलो पर सवालों के बीच सामने आई जमीनी तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कैथल।</strong> हरियाणा के कैथल जिले की पूंडरी अनाज मंडी में गेहूं खरीद को लेकर चल रहा विवाद लगातार चर्चा में है। हालांकि जमीनी स्तर पर सामने आ रही जानकारी बताती है कि खरीद में देरी की प्रमुख वजह बारिश के बाद गेहूं में बढ़ी नमी, चमक कम होना और गुणवत्ता जांच है, न कि केवल किसी एक निजी कंपनी की भूमिका। हाल में जिला प्रशासन ने भी मंडी में तैयारियों और किसान सुविधाओं की समीक्षा की थी।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, बारिश के कारण कई जगह गेहूं में नमी अधिक पाई गई है। इसी वजह से एफसीआई ने सैंपल लेकर कृषि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कैथल।</strong> हरियाणा के कैथल जिले की पूंडरी अनाज मंडी में गेहूं खरीद को लेकर चल रहा विवाद लगातार चर्चा में है। हालांकि जमीनी स्तर पर सामने आ रही जानकारी बताती है कि खरीद में देरी की प्रमुख वजह बारिश के बाद गेहूं में बढ़ी नमी, चमक कम होना और गुणवत्ता जांच है, न कि केवल किसी एक निजी कंपनी की भूमिका। हाल में जिला प्रशासन ने भी मंडी में तैयारियों और किसान सुविधाओं की समीक्षा की थी।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, बारिश के कारण कई जगह गेहूं में नमी अधिक पाई गई है। इसी वजह से एफसीआई ने सैंपल लेकर कृषि विभाग को जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट और निर्देश मिलने के बाद ही खरीद प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। इसी बीच मंडी में किसानों की सुविधा के लिए अटल कैंटीन, पेयजल, बायोमेट्रिक मशीन और गेट मैनेजमेंट जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। </p>
<p>यह समझना जरूरी है कि गेहूं की सरकारी खरीद, भंडारण और आगे वितरण का मुख्य निर्णय भारतीय खाद्य निगम (FCI) और अधिकृत सरकारी एजेंसियों के स्तर पर होता है। निजी साइलो ऑपरेटर, जैसे Adani Group की लॉजिस्टिक्स इकाई, मुख्य रूप से भंडारण और हैंडलिंग सुविधा उपलब्ध कराते हैं। खरीद शुरू करने, भुगतान, गुणवत्ता मानक और एजेंसी आवंटन जैसे फैसले सरकारी प्रक्रिया के तहत होते हैं। इस मॉडल का इस्तेमाल हरियाणा में पहले भी हो चुका है। </p>
<p>मंडी में हाल में लागू बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-फेंसिंग, गेट पास और ट्रॉली पंजीकरण जैसी नई व्यवस्थाएं भी किसानों के लिए शुरुआती असुविधा का कारण बन रही हैं। प्रशासन का कहना है कि इनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। </p>
<p>स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि विरोध में शामिल कुछ लोग वास्तविक किसान नहीं हैं और नए नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि अफवाहों से बचते हुए एफसीआई और जिला प्रशासन के आधिकारिक निर्देशों का इंतजार करना ही बेहतर होगा।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने के बाद अगले कुछ दिनों में खरीद शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में किसी एक नाम या संस्था को बिना पूरी प्रक्रिया समझे जिम्मेदार ठहराना विवाद को और बढ़ा सकता है, जबकि वास्तविक मुद्दा इस समय नमी, गुणवत्ता जांच और प्रशासनिक मंजूरी का है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/top-news/pundri-mandi-dispute-real-reason-for-delay-in-procurement-ground/article-32402</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 06:14:17 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल चुनाव में पीएम मोदी ने महिला आरक्षण पर विपक्ष से सहयोग मांगा, 2029 से लागू करने का भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>तिरुअनंतपुरम/नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान शनिवार को महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष से आम सहमति बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसका लाभ 2029 के आम चुनाव से मिलना शुरू होगा।</p>
<p>तिरुअनंतपुरम और तिरुवल्ला में आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा किसी दल की राजनीति से ऊपर है और महिलाओं के सशक्तिकरण व लोकतंत्र को मजबूत करने से जुड़ा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, खासकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/in-kerala-elections-pm-modi-sought-cooperation-from-the-opposition/article-32290"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-04/033.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तिरुअनंतपुरम/नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान शनिवार को महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष से आम सहमति बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसका लाभ 2029 के आम चुनाव से मिलना शुरू होगा।</p>
<p>तिरुअनंतपुरम और तिरुवल्ला में आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा किसी दल की राजनीति से ऊपर है और महिलाओं के सशक्तिकरण व लोकतंत्र को मजबूत करने से जुड़ा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, खासकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन से इस पहल का समर्थन करने की अपील की।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने बताया कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद की विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसमें नारी शक्ति वंदन कानून को लागू करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।</p>
<p>उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों में सीटें घटने की आशंकाओं को भी खारिज करते हुए कहा कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं की जाएंगी, बल्कि लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे केरल समेत दक्षिण भारत के राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए शौचालय, जन-धन खाते, महिलाओं के नाम पर आवास, मुद्रा ऋण, स्वयं सहायता समूह और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं के जरिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और इतने ही नए लक्ष्य पर काम चल रहा है।</p>
<p>केरल चुनाव के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि राज्य में भाजपा नीत राजग की सरकार बनती है, तो महिलाओं, मछुआरों और किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से मतदान की अपील भी की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                            <category>Top News </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 06:54:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उज्जैन में ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>भोपाल/उज्जैन</strong> : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में आयोजित ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 3 से 5 अप्रैल तक उज्जैन के समीप डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री नव-निर्मित उज्जैन साइंस सेंटर का भी लोकार्पण करेंगे।</p>
<p>उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और विचारक सुरेश सोनी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।</p>
<p>यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान के समन्वय पर केंद्रित है, जिसमें देश-विदेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/chief-minister-dr-yadav-will-inaugurate-mahakal-the-master-of/article-32272"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-04/1502131-screenshot-2026-04-03-021254.webp" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल/उज्जैन</strong> : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में आयोजित ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 3 से 5 अप्रैल तक उज्जैन के समीप डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री नव-निर्मित उज्जैन साइंस सेंटर का भी लोकार्पण करेंगे।</p>
<p>उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और विचारक सुरेश सोनी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।</p>
<p>यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान के समन्वय पर केंद्रित है, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, खगोलविद, शिक्षाविद, शोधार्थी और नीति-निर्माता भाग लेंगे। इसमें स्पेस इकोनॉमी, खगोल विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स, कॉस्मोलॉजी, भारतीय काल गणना पद्धति और कालचक्र जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।</p>
<p>उज्जैन में 15 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्मित नए साइंस सेंटर में गैलरी ऑन साइंस, आउटडोर साइंस पार्क, इनोवेशन हॉल, स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर, हेरिटेज थीम गैलरी और एग्जिबिट डेवलपमेंट लैब जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>सम्मेलन में यूएवी, रिमोट कंट्रोल तकनीक, सैटेलाइट निर्माण, सूर्य के सन स्पॉट का सुरक्षित अवलोकन, टेलीस्कोप से रात्रि आकाश अध्ययन, छात्र-शिक्षक संवाद और अंतरिक्ष तकनीक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे।</p>
<p>विशेष आकर्षण के रूप में टेक्नोलॉजी एक्सपो, स्टार्ट-अप कॉन्फ्रेंस, डोंगला वेधशाला भ्रमण, पुस्तक विमोचन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें इसरो, डीआरडीओ, सीएसआईआर, आईआईटी इंदौर, ब्रह्मोस एयरोस्पेस समेत कई संस्थान अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगे।</p>
<p>सम्मेलन में उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन (मध्यान्ह रेखा) के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। राज्य सरकार उज्जैन को पुनः वैश्विक ‘टाइम स्केल सेंटर’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, उज्जैन में प्रस्तावित साइंस सिटी और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा देगा।</p>
<div class="hocal-draggable"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                            <category>Top News </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 06:06:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>T20 World Cup 2026: पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हाथ न मिलाने की नीति बरकरार, सूर्यकुमार ने नहीं किया सलमान से हैंडशेक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो।</strong> भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने रविवार को यहां टी20 विश्व कप 2026 के मुकाबले में टॉस के दौरान अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ हाथ न मिलाने की अपनी नीति को बरकरार रखा, जो पिछले वर्ष दुबई में हुए एशिया कप के बाद से लागू है।</p>
<p>मैच शुरू होने से करीब एक घंटे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि भारतीय टीम की नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारी ने कहा, “हाथ नहीं मिलाने की नीति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/t20-world-cup-2026-indias-policy-of-not-shaking-hands/article-31667"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-02/cats164.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने रविवार को यहां टी20 विश्व कप 2026 के मुकाबले में टॉस के दौरान अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ हाथ न मिलाने की अपनी नीति को बरकरार रखा, जो पिछले वर्ष दुबई में हुए एशिया कप के बाद से लागू है।</p>
<p>मैच शुरू होने से करीब एक घंटे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि भारतीय टीम की नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारी ने कहा, “हाथ नहीं मिलाने की नीति जारी रहेगी।” बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि मैच समाप्त होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के बीच भी हैंडशेक नहीं होगा।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, सूर्यकुमार यादव ने यह रुख हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति सम्मान और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से अपनाया है। टॉस के दौरान यह स्पष्ट दिखा जब दोनों कप्तानों के बीच किसी भी प्रकार का हैंडशेक नहीं हुआ।</p>
<p>पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने हालांकि मैच से पहले कहा था कि वह क्रिकेट की भावना को बनाए रखना चाहेंगे, लेकिन भारतीय कप्तान की ओर से किसी तरह का संकेत नहीं दिया गया कि नीति में बदलाव किया जाएगा।</p>
<p>अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले की स्मृतियां अब भी भारतीय टीम के सदस्यों के मन में ताजा बताई जा रही हैं। इससे पहले दुबई में टूर्नामेंट से पहले आयोजित कप्तानों की प्रेस कांफ्रेंस में सूर्यकुमार यादव के पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से हाथ मिलाने पर सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।</p>
<p>बीसीसीआई सूत्रों ने संकेत दिया कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत-पाकिस्तान मैचों में यह नीति आगे भी जारी रह सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                            <category>स्पोर्ट्स</category>
                                            <category>Top News </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 21:20:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>यूजीसी के नए नियमों पर रोक का यूपी में स्वागत, वाराणसी में जश्न और हनुमान चालीसा पाठ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव रोकने से जुड़े विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हालिया समानता विनियमों के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। न्यायालय ने कहा कि ये विनियम प्रथम दृष्टया अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया तो इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं और समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।</p>
<p>यह आदेश उन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया, जिनमें दलील दी गई थी कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/uttar-pradesh/varanasi/ban-on-new-ugc-rules-welcomed-in-up-celebration-and/article-31404"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(39)5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव रोकने से जुड़े विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हालिया समानता विनियमों के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। न्यायालय ने कहा कि ये विनियम प्रथम दृष्टया अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया तो इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं और समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।</p>
<p>यह आदेश उन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया, जिनमें दलील दी गई थी कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जाति-आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है और कुछ वर्गों को संस्थागत संरक्षण से बाहर रखा गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में इन नियमों के खिलाफ छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे तथा नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग उठ रही थी।</p>
<p>केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी करते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सुझाव दिया कि इन विनियमों पर प्रख्यात न्यायविदों की समिति बनाकर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। पीठ ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार और यूजीसी 19 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करें।</p>
<h2>जौनपुर में सवर्ण संगठनों ने किया फैसले का स्वागत</h2>
<p>उच्चतम न्यायालय द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाए जाने के बाद जौनपुर में सवर्ण सेना, करणी सेना सहित विभिन्न सवर्ण संगठनों ने फैसले का स्वागत किया। संगठनों ने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और न्यायालय का हर निर्णय उन्हें स्वीकार्य है। उनका कहना है कि 13 जनवरी 2026 को अधिसूचित नियमों को लेकर देशभर में असंतोष व्याप्त था।</p>
<p>इन नियमों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में समान अवसर केंद्र, समानता समिति और 24 घंटे की सहायता व्यवस्था को अनिवार्य किया गया था, लेकिन “जाति-आधारित भेदभाव” की परिभाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन प्रावधानों की संवैधानिक वैधता की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वर्ष 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे। स्थगन आदेश के बाद संगठनों ने फिलहाल विरोध रोकने और अंतिम निर्णय का इंतजार करने की बात कही है।</p>
<h2>वाराणसी में जश्न, अबीर-गुलाल और हनुमान चालीसा पाठ</h2>
<p>यूजीसी की नई नियमावली पर रोक लगने की खबर मिलते ही वाराणसी में चल रहा विरोध प्रदर्शन जश्न में बदल गया। जिला मुख्यालय पर बीते कई दिनों से जारी धरना बृहस्पतिवार को उत्सव में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाइयां दीं और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।</p>
<p>प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह फैसला सामाजिक समरसता और समानता के पक्ष में है। अधिवक्ता सारिका दुबे ने बताया कि पिछले तीन दिनों से जिला मुख्यालय पर यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ लगातार विरोध चल रहा था। केसरिया भारत संस्था के गौरीश सिंह और अधिवक्ता संतोष सिंह ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसी वर्ग विशेष की जीत या हार नहीं, बल्कि न्याय और समानता की जीत है।</p>
<h2>राजनीतिक प्रतिक्रियाएं</h2>
<p>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सच्चा न्याय वही है, जिसमें किसी के साथ अत्याचार या अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि कानून की भाषा और भावना दोनों स्पष्ट होनी चाहिए।</p>
<p>वहीं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से समाज में तनाव का वातावरण बन रहा था। ऐसे में उच्चतम न्यायालय द्वारा इन पर रोक लगाना उचित और समयोचित निर्णय है। उन्होंने कहा कि यदि नियम लागू करने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लिया जाता, तो सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इस मामले में 19 मार्च को अगली सुनवाई होगी, जिसमें केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को अपना पक्ष रखना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                            <category>Top News </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 22:09:15 +0530</pubDate>
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                <title>नई दिल्ली के गणतंत्र दिवस परेड में असम की झांकी ने जीता दर्शकों का दिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गुवाहाटी।</strong> देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस सोमवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड में असम की झांकी ने अपनी समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक कला की मनमोहक प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। खास बात यह रही कि इस वर्ष परेड की शुरुआत असम की झांकी से हुई, जो राज्य के लिए गर्व का विषय बना।</p>
<p>असम की झांकी इस बार धुबड़ी जिले के आशारिकांदी क्षेत्र की प्रसिद्ध टेराकोटा कला पर आधारित थी। झांकी के आगे बढ़ते ही तीन बिहुवती कलाकारों ने पारंपरिक बिहू नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/top-news/assams-tableau-won-the-hearts-of-the-audience-in-new/article-31360"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-01/1113.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गुवाहाटी।</strong> देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस सोमवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड में असम की झांकी ने अपनी समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक कला की मनमोहक प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। खास बात यह रही कि इस वर्ष परेड की शुरुआत असम की झांकी से हुई, जो राज्य के लिए गर्व का विषय बना।</p>
<p>असम की झांकी इस बार धुबड़ी जिले के आशारिकांदी क्षेत्र की प्रसिद्ध टेराकोटा कला पर आधारित थी। झांकी के आगे बढ़ते ही तीन बिहुवती कलाकारों ने पारंपरिक बिहू नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और असम की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।</p>
<p>परेड मार्ग से गुजरते समय असम की झांकी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित यूरोपीय संघ की नेता उर्सुला वॉन डेर लेएन और एंटोनियो कोस्टा ने तालियों के साथ अभिवादन किया।</p>
<p>झांकी में हीरामाटी (पवित्र मिट्टी) से निर्मित देवी-देवताओं की मूर्तियां, पारंपरिक सराई, बांस शिल्प और असम की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती मोरपंखी नाव को प्रदर्शित किया गया। इन सभी तत्वों ने राज्य की लोककला, आध्यात्मिक परंपरा और हस्तशिल्प कौशल को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया।</p>
<p>गौरतलब है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल रहीं, जिनमें 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की झांकियां थीं। सभी झांकियां ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर आधारित थीं।</p>
<p>अपनी जीवंत और आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से असम की झांकी ने न केवल दर्शकों का मन मोहा, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                            <category>Top News </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/top-news/assams-tableau-won-the-hearts-of-the-audience-in-new/article-31360</link>
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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 20:42:23 +0530</pubDate>
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