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                <title>भारत  - Parakh Khabar</title>
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                <description>भारत  RSS Feed</description>
                
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                <title>19,061 से अधिक लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई,</strong> अगस्त 2026: डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और भ्रामक मैसेज को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से एसवीसी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया।</p>
<p>बैंक ने 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में स्थित अपनी 203 शाखाओं के माध्यम से यह अभियान संचालित किया। इसके तहत बैंक कर्मचारियों ने आसपास की 213 हाउसिंग सोसाइटीज में पहुंचकर 19,061 से अधिक लोगों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/more-than-19061-people-were-made-aware-about-protection-from/article-34044"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260827-wa0028.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई,</strong> अगस्त 2026: डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और भ्रामक मैसेज को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से एसवीसी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया।</p>
<p>बैंक ने 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में स्थित अपनी 203 शाखाओं के माध्यम से यह अभियान संचालित किया। इसके तहत बैंक कर्मचारियों ने आसपास की 213 हाउसिंग सोसाइटीज में पहुंचकर 19,061 से अधिक लोगों से संवाद किया और उन्हें साइबर ठगी से बचने के आसान और जरूरी उपायों की जानकारी दी।</p>
<p>जागरूकता सत्रों के दौरान लोगों को फिशिंग, फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे साइबर अपराधों के बारे में बताया गया। साथ ही, बैंक की वास्तविक कम्युनिकेशन और आधिकारिक सेंडर आईडी की पहचान करने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई।</p>
<p>एसवीसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंदर सिंह ने कहा, “साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता सबसे जरूरी सुरक्षा बन गई है। हमारा प्रयास है कि लोग फ्रॉड की कोशिशों को समय रहते पहचानें और उसका शिकार होने से बचें।”</p>
<p>बैंक के अनुसार, यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब 2026 के पहले छह महीनों में 12.7 लाख से अधिक साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज की गईं और इनमें 10,178 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध फ्रॉड ट्रांजैक्शन शामिल रहे।</p>
<p>बैंक ने लोगों से अपील की कि वे अपना ओटीपी, बैंकिंग विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी अनजान या संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत बैंक को दें।</p>
<p>साइबर फ्रॉड की स्थिति में लोग 1930 पर कॉल कर सकते हैं या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 07:43:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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                <title>शामली: जिम से बाहर निकलते ही यूट्यूबर और हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शामली।</strong> उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार शाम एक सनसनीखेज वारदात में यूट्यूबर और हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि वह जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी।</p>
<p>गोली लगने से अंकित गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/youtuber-and-haryanvi-singer-ankit-balyan-shot-dead-as-soon/article-34034"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/haryanvi-singer-ankit-balyan-murder-case.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शामली।</strong> उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बुधवार शाम एक सनसनीखेज वारदात में यूट्यूबर और हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि वह जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी।</p>
<p>गोली लगने से अंकित गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जबकि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। हमलावरों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं।</p>
<h3>हत्या की वजह अभी साफ नहीं</h3>
<p>पुलिस के मुताबिक, वारदात के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के बाद ही हत्या की पूरी वजह और हमलावरों के बारे में स्थिति साफ होगी।</p>
<h3>‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे’ गाने से मिली थी पहचान</h3>
<p>अंकित बालियान हरियाणवी संगीत और सोशल मीडिया की दुनिया में सक्रिय थे। उन्हें ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ गाने से काफी लोकप्रियता मिली थी।</p>
<p>बताया जाता है कि वर्ष 2023 में उन्होंने शामली में एक बड़ा रोड शो भी किया था, जिसमें उन्हें बंतीखेड़ा निवासी हरियाणवी कलाकार के रूप में बताया गया था।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंकित बालियान इन दिनों जिला पंचायत चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे। पुलिस अब उनकी हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 06:35:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अपना दल (एस) ने मध्य प्रदेश में संगठन का विस्तार किया, 31 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अगस्त 2026।</strong> अपना दल (एस) ने मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश संगठन और विभिन्न मंचों के लिए कुल 31 नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। पार्टी के अनुसार, ये नियुक्तियां प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन की संस्तुति और राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की स्वीकृति के बाद की गई हैं।</p>
<p>पार्टी नेतृत्व का कहना है कि नई जिम्मेदारियों के जरिए मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और विषय आधारित मंचों तक संगठन की पहुंच को और मजबूत किया जाएगा।</p>
<p>अपना दल (एस) के प्रदेश प्रभारी एवं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/apna-dal-s-expanded-the-organization-in-madhya-pradesh-31/article-34025"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260825-wa0036.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अगस्त 2026।</strong> अपना दल (एस) ने मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश संगठन और विभिन्न मंचों के लिए कुल 31 नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। पार्टी के अनुसार, ये नियुक्तियां प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन की संस्तुति और राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की स्वीकृति के बाद की गई हैं।</p>
<p>पार्टी नेतृत्व का कहना है कि नई जिम्मेदारियों के जरिए मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक वर्गों और विषय आधारित मंचों तक संगठन की पहुंच को और मजबूत किया जाएगा।</p>
<p>अपना दल (एस) के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव आर.बी. सिंह पटेल ने कहा कि नई जिम्मेदारियां केवल पद नहीं, बल्कि संगठन और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने का दायित्व हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास प्रदेश के हर क्षेत्र और वर्ग तक अपनी नीतियों, विचारधारा और जनसरोकारों की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।</p>
<p><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/2026-08/img-20260825-wa0037.jpg" alt="IMG-20260825-WA0037" width="414" height="586"></img><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/2026-08/img-20260825-wa0035.jpg" alt="IMG-20260825-WA0035" width="409" height="586"></img></p>
<p>पार्टी के राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि मध्य प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य में संगठन की मजबूती का आधार जमीनी नेटवर्क है। विभिन्न सामाजिक और विषय आधारित मंचों को सक्रिय जिम्मेदारियां देने से संगठन को बूथ और जनस्तर तक मजबूत करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>प्रदेश संगठन में 20 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी</p>
<p>प्रदेश संगठन में देवेंद्र प्रताप सिंह, अमृत लाल पटेल और कैलाश गवांडे को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं एस.आर. नागले, सीताशरण सिंह और सुखेंद्र सिंह को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>प्रदेश सचिव के पद पर राजेश कुमार पाल, रोशन पटेल, मनभरण कोल, बृजमान सिंह, नरेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र पटेल, विजय सिंह (सेवानिवृत्त आर्मी), राजेश्वर मिश्रा और विजय पटेल को नियुक्त किया गया है।</p>
<p>इसके अलावा रोहित सिंह चन्देल को प्रदेश मीडिया सचिव एवं प्रवक्ता तथा मोहित गुप्ता को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया है। बाबूराम शेषकर, हरीश तलरेजा और डॉ. सुरेन्द्र नाहर को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>नवनियुक्त पदाधिकारी भोपाल, मऊगंज, इंदौर, बैतूल, रीवा, सतना, सिंगरौली, विदिशा और मैहर समेत मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से हैं।</p>
<p>विभिन्न मंचों के लिए भी नई टीम</p>
<p>पार्टी ने सामाजिक और विषय आधारित मंचों को भी विस्तार दिया है। कैलाश वाईकर को प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति मंच, डॉ. एनपी कनाटे को प्रदेश अध्यक्ष, बौद्धिक मंच, झनकलाल पटेल को प्रदेश अध्यक्ष, किसान मंच और डॉ. रमेश कुमार उर्सेटे को प्रदेश अध्यक्ष, चिकित्सा मंच बनाया गया है।</p>
<p>इसी तरह एडवोकेट राघव पटेल को प्रदेश उपाध्यक्ष, विधि मंच, अनिल जयसवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष, व्यापार मंच और राजेन्द्र पटेल को प्रदेश उपाध्यक्ष, आईटी मंच की जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>किसान मंच में अर्जुन सिंह पटेल और हरप्रसाद पटेल को प्रदेश महासचिव बनाया गया है। वहीं एडवोकेट दिनेश पटेल को प्रदेश महासचिव, विधि मंच तथा डीपी पटेल को प्रदेश महासचिव, शिक्षक मंच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।</p>
<p>पार्टी के इस संगठनात्मक विस्तार को मध्य प्रदेश में जमीनी सक्रियता बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश स्तर पर नई टीम के साथ-साथ किसान, व्यापार, चिकित्सा, शिक्षा, विधि, आईटी, बौद्धिक और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति जैसे मंचों को सक्रिय कर अलग-अलग सामाजिक एवं पेशेवर वर्गों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 09:20:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आउटसोर्सिंग और संविदा भर्तियों में आरक्षण लागू करने की मांग, आरबी सिंह पटेल ने सरकार को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>भोपाल,</strong>  <strong>अगस्त 2026:</strong> अपना दल (एस) के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आरबी सिंह पटेल ने सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग और संविदा के माध्यम से होने वाली भर्तियों में भी आरक्षण लागू करने की मांग की है। उन्होंने जातीय जनगणना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कहते हुए कहा कि सरकारी रोजगार में सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है।</p>
<p>आरबी सिंह पटेल ने कहा कि नियमित और सीधी भर्तियों के बजाय आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति का चलन बढ़ रहा है। उनका दावा है कि इसका असर सबसे अधिक उन सामाजिक वर्गों पर पड़ रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/rb-singh-patel-cornered-the-government-demanding-implementation-of-reservation/article-34018"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260825-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल,</strong> <strong>अगस्त 2026:</strong> अपना दल (एस) के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आरबी सिंह पटेल ने सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग और संविदा के माध्यम से होने वाली भर्तियों में भी आरक्षण लागू करने की मांग की है। उन्होंने जातीय जनगणना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कहते हुए कहा कि सरकारी रोजगार में सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है।</p>
<p>आरबी सिंह पटेल ने कहा कि नियमित और सीधी भर्तियों के बजाय आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति का चलन बढ़ रहा है। उनका दावा है कि इसका असर सबसे अधिक उन सामाजिक वर्गों पर पड़ रहा है, जिन्हें आरक्षण के जरिए सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद रहती है।</p>
<p>उन्होंने आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए इसे “कैंसर से भी खतरनाक” बताया और कहा कि यदि आउटसोर्सिंग से होने वाली सरकारी भर्तियों में ओबीसी और एससी/एसटी वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं मिला तो यह वंचित वर्गों के साथ अन्याय होगा।</p>
<p>जातीय जनगणना के आधार पर नीतियों की समीक्षा की मांग</p>
<p>पटेल ने कहा कि जातीय जनगणना से विभिन्न सामाजिक वर्गों की जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है। उनका कहना है कि इसके आंकड़ों के आधार पर आरक्षण संबंधी नीतियों की समीक्षा और निर्धारण किया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पहले आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं के लिए तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियां रोजगार और सामाजिक उन्नति का महत्वपूर्ण माध्यम थीं। आउटसोर्सिंग बढ़ने से ऐसे अवसर सीमित होने की चिंता उन्होंने जताई।</p>
<p>संविदा कर्मचारियों के लिए भी आरक्षण की वकालत</p>
<p>आरबी सिंह पटेल ने संविदा कर्मचारियों के लिए भी आरक्षण की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी विभाग या संस्था में सरकार के अधीन काम हो रहा है और कर्मचारियों की नियुक्ति सरकारी व्यवस्था के माध्यम से की जा रही है, तो वहां सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकारी रोजगार नियमित, संविदा या किसी अन्य व्यवस्था के माध्यम से हो, संवैधानिक आरक्षण की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।</p>
<p>अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की मांग</p>
<p>पटेल ने न्यायपालिका में वंचित और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में सभी सामाजिक वर्गों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।</p>
<p>इसके अलावा उन्होंने पंचायत स्तर पर लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 09:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भोपाल में नया शोरूम लॉन्च, नोल्टे कुचेन ने मध्य भारत में बढ़ाई अपनी पहुंच</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>भोपाल, अगस्त 2026।</strong> जर्मनी के प्रमुख किचन ब्रांड्स में शामिल नोल्टे कुचेन ने भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करते हुए भोपाल में नया शोरूम शुरू किया है। कंपनी अपने प्रीमियम जर्मन किचन, आधुनिक डिजाइन, सटीक कारीगरी और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती है।</p>
<p>ड्रीम किचन्स के साथ साझेदारी में शुरू किया गया यह शोरूम मध्य भारत के तेजी से विकसित हो रहे होम और कमर्शियल इंटीरियर बाजार में नोल्टे कुचेन की पहुंच बढ़ाएगा। यहां घर मालिकों के साथ-साथ आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और प्रॉपर्टी डेवलपर्स को प्रीमियम जर्मन किचन डिजाइन देखने और उनकी खूबियों को समझने का अवसर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/new-showroom-launched-in-bhopal-nolte-kuchen-expands-its-reach/article-34011"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa00211.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल, अगस्त 2026।</strong> जर्मनी के प्रमुख किचन ब्रांड्स में शामिल नोल्टे कुचेन ने भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करते हुए भोपाल में नया शोरूम शुरू किया है। कंपनी अपने प्रीमियम जर्मन किचन, आधुनिक डिजाइन, सटीक कारीगरी और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती है।</p>
<p>ड्रीम किचन्स के साथ साझेदारी में शुरू किया गया यह शोरूम मध्य भारत के तेजी से विकसित हो रहे होम और कमर्शियल इंटीरियर बाजार में नोल्टे कुचेन की पहुंच बढ़ाएगा। यहां घर मालिकों के साथ-साथ आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और प्रॉपर्टी डेवलपर्स को प्रीमियम जर्मन किचन डिजाइन देखने और उनकी खूबियों को समझने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>आधुनिक डिजाइन और प्रीमियम फीचर्स</p>
<p>शोरूम में नोल्टे कुचेन के कई आधुनिक किचन डिजाइन प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें बेहतर स्टोरेज, सुविधाजनक लेआउट, आकर्षक डिजाइन और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। ग्राहक यहां किचन की बनावट, प्रीमियम मटेरियल और आधुनिक फीचर्स को करीब से देख सकेंगे।</p>
<p>नोल्टे मिडिल ईस्ट, एशिया और अफ्रीका के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट सेल्वा कुमार राजुलु ने कहा कि भोपाल में नया शोरूम भारत में कंपनी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारतीय ग्राहक अब घरों में बेहतर डिजाइन और गुणवत्ता को अधिक महत्व दे रहे हैं। ऐसे में कंपनी जर्मन तकनीक, गुणवत्ता और आधुनिक डिजाइन को ग्राहकों के और करीब लाना चाहती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ड्रीम किचन्स के साथ साझेदारी के जरिए भोपाल और आसपास के ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें बेहतर डिजाइन और गुणवत्ता वाले किचन उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p>कई प्रमुख शहरों में मौजूदगी</p>
<p>भोपाल में शोरूम की शुरुआत भारतीय बाजार के प्रति नोल्टे कुचेन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कंपनी स्थानीय साझेदारियों के जरिए देश में अपनी पहुंच बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने की दिशा में काम कर रही है।</p>
<p>1958 में हुई थी शुरुआत</p>
<p>नोल्टे कुचेन की शुरुआत जर्मनी में वर्ष 1958 में हुई थी। करीब सात दशकों के अनुभव वाली यह पारिवारिक कंपनी 100 प्रतिशत जर्मनी में निर्मित मॉड्यूलर किचन तैयार करती है। कंपनी अपने उत्पादों में आधुनिक डिजाइन, कारीगरी और गुणवत्ता के उच्च मानकों पर जोर देती है।</p>
<p>भारत में नोल्टे कुचेन की मौजूदगी मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, भुवनेश्वर, जयपुर, कोच्चि, पुणे, इंदौर, भोपाल और बड़ौदा समेत कई प्रमुख शहरों में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/india-news/new-showroom-launched-in-bhopal-nolte-kuchen-expands-its-reach/article-34011</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 11:28:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली: बच्चे को दवा देने को लेकर विवाद के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या, पत्नी समेत 4 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली के निहाल विहार इलाके के लक्ष्मी पार्क में घरेलू विवाद के बाद 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर पत्नी के मायके पक्ष के लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। विनय नोएडा स्थित एडोबी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में परिवार के सदस्यों की आवाजाही और विनय को गंभीर हालत में घर से बाहर ले जाते हुए देखा गया है।</p>
<p>पुलिस ने मामले में विनय की पत्नी रेखा, उसके दो भाइयों और भाभी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में भारतीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/delhi-software-engineer-beaten-to-death-after-dispute-over-giving/article-34007"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/nlaab0kg_engineer-vinay-gupta-murder-case_625x300_22_august_26.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली के निहाल विहार इलाके के लक्ष्मी पार्क में घरेलू विवाद के बाद 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर पत्नी के मायके पक्ष के लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। विनय नोएडा स्थित एडोबी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में परिवार के सदस्यों की आवाजाही और विनय को गंभीर हालत में घर से बाहर ले जाते हुए देखा गया है।</p>
<p>पुलिस ने मामले में विनय की पत्नी रेखा, उसके दो भाइयों और भाभी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।</p>
<h3>बच्चे को दवा देने को लेकर हुआ था विवाद</h3>
<p>विनय की मां के अनुसार, शुक्रवार को बच्चे को दवा देने को लेकर विनय और रेखा के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद रेखा नाराज होकर मायके चली गई। आरोप है कि कुछ देर बाद वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ वापस लौटी।</p>
<p>परिवार का आरोप है कि इसके बाद विनय के साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे बार-बार पीटा, गला दबाया और छाती पर लात-घूंसे मारे। विनय की मां ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उन्हें भी दूर कर दिया गया।</p>
<h3>12 मिनट में सामने आई पूरी घटना</h3>
<p>पड़ोसी के सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दोपहर करीब 1:12 बजे रेखा के परिवार के कुछ सदस्य घर पहुंचे। करीब 12 मिनट बाद 1:24 बजे पड़ोसी विनय को कंधे पर उठाकर घर से बाहर लाते हुए दिखाई दिए।</p>
<p>बताया गया कि विनय उस समय खुद खड़े होने की स्थिति में नहीं थे। पड़ोसी ने उन्हें कुर्सी पर बैठाया और बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<h3>तीसरी मंजिल पर पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे</h3>
<p>परिवार के अनुसार, विनय अपने माता-पिता के साथ इसी मकान की तीसरी मंजिल पर अलग हिस्से में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। विनय और रेखा की शादी करीब साढ़े तीन वर्ष पहले हुई थी। उनके करीब साढ़े चार महीने पहले जुड़वां बच्चे हुए थे।</p>
<p>परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि रेखा के भाई ने पहले भी छोटी-छोटी बातों को लेकर विनय को धमकी दी थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>
<h3>एडोबी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे विनय</h3>
<p>विनय नोएडा स्थित एडोबी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। परिवार के मुताबिक उनका सालाना पैकेज करीब 60 लाख रुपये था।</p>
<p>पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और हत्या की पूरी वजह की भी जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/india-news/delhi-software-engineer-beaten-to-death-after-dispute-over-giving/article-34007</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 05:01:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: पति ने पत्नी और बेटी की हत्या की, दूसरी बेटी घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गाजियाबाद।</strong> खोड़ा कॉलोनी के लोकप्रिय विहार इलाके में शुक्रवार देर रात घरेलू विवाद के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में पत्नी और एक बेटी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना पड़ोसियों ने चीख-पुकार सुनने के बाद दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल तीनों को जिला एमएमजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/heart-wrenching-incident-in-ghaziabad-husband-kills-wife-and-daughter-second/article-34003"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/घटनास्थल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गाजियाबाद।</strong> खोड़ा कॉलोनी के लोकप्रिय विहार इलाके में शुक्रवार देर रात घरेलू विवाद के बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और नाबालिग बेटी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में पत्नी और एक बेटी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को मौके से गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना पड़ोसियों ने चीख-पुकार सुनने के बाद दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल तीनों को जिला एमएमजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 40 वर्षीय बेबी तबस्सुम और उनकी बेटी सना तबस्सुम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 14 वर्षीय रूबी तबस्सुम का उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।</p>
<h3>वारदात के बाद घर के बाहर बैठा रहा आरोपी</h3>
<p>आरोपी की पहचान मोहम्मद रजा अंसारी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार के अररिया जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने पत्नी के पेट और गले तथा बेटी के गले पर धारदार हथियार से हमला किया। वारदात के बाद वह मौके से फरार नहीं हुआ और घर के बाहर ही बैठा रहा, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।</p>
<h3>आर्थिक तंगी और तनाव की बात सामने आई</h3>
<p>प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने आर्थिक तंगी के तनाव में वारदात को अंजाम देने की बात कही है। बताया जा रहा है कि वह गाजीपुर मुर्गा मंडी में मुंशी का काम करता था। पुलिस को उसके पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में रहने की जानकारी भी मिली है। हालांकि, वारदात की वास्तविक वजह और अन्य परिस्थितियों की पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।</p>
<h3>पुलिस ने शुरू की जांच</h3>
<p>इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य के अनुसार, सूचना मिलते ही खोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/india-news/heart-wrenching-incident-in-ghaziabad-husband-kills-wife-and-daughter-second/article-34003</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:43:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भोपाल में नए शोरूम के साथ नोल्टे क्यूखेन ने मध्य भारत में बढ़ाई अपनी पहुंच</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>भोपाल,</strong> अगस्त 2026: जर्मनी के प्रमुख किचन ब्रांड्स में शामिल नोल्टे क्यूखेन ने भारत में अपने विस्तार को आगे बढ़ाते हुए भोपाल में नया शोरूम शुरू किया है। ब्रांड अपने प्रीमियम जर्मन किचन, सटीक कारीगरी, आधुनिक डिजाइन और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।</p>
<p>ड्रीम किचन्स के साथ साझेदारी में शुरू किया गया यह नया शोरूम मध्य भारत के तेजी से विकसित हो रहे होम और कमर्शियल इंटीरियर बाजार में नोल्टे की मौजूदगी को मजबूत करेगा। शोरूम में घर मालिकों के साथ-साथ आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और प्रॉपर्टी डेवलपर्स को नोल्टे के किचन डिजाइन और उत्पादों को करीब से देखने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/nolte-kuchen-expands-its-reach-in-central-india-with-new/article-34000"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260821-wa0021.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल,</strong> अगस्त 2026: जर्मनी के प्रमुख किचन ब्रांड्स में शामिल नोल्टे क्यूखेन ने भारत में अपने विस्तार को आगे बढ़ाते हुए भोपाल में नया शोरूम शुरू किया है। ब्रांड अपने प्रीमियम जर्मन किचन, सटीक कारीगरी, आधुनिक डिजाइन और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।</p>
<p>ड्रीम किचन्स के साथ साझेदारी में शुरू किया गया यह नया शोरूम मध्य भारत के तेजी से विकसित हो रहे होम और कमर्शियल इंटीरियर बाजार में नोल्टे की मौजूदगी को मजबूत करेगा। शोरूम में घर मालिकों के साथ-साथ आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और प्रॉपर्टी डेवलपर्स को नोल्टे के किचन डिजाइन और उत्पादों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>आधुनिक डिजाइन और बेहतर उपयोगिता पर जोर</p>
<p>भोपाल स्थित शोरूम में नोल्टे के कई किचन डिजाइन प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें आधुनिक डिजाइन के साथ-साथ स्टोरेज, उपयोगिता और स्पेस के बेहतर इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया गया है।</p>
<p>विजिटर्स यहां नोल्टे के किचन की फिनिशिंग, प्रीमियम मटेरियल और आधुनिक फीचर्स को करीब से देख सकेंगे। कंपनी का कहना है कि शोरूम ग्राहकों को अपने घर और जरूरत के अनुसार किचन डिजाइन चुनने का बेहतर अनुभव देगा।</p>
<p>भारत में विस्तार पर कंपनी का फोकस</p>
<p>नोल्टे मिडिल ईस्ट, एशिया और अफ्रीका के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट सेल्वा कुमार राजुलु ने कहा कि भोपाल में नया शोरूम शुरू करना भारत में कंपनी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय ग्राहक अब घर के डिजाइन के साथ-साथ गुणवत्ता और कार्यक्षमता को भी अधिक महत्व दे रहे हैं। ऐसे में कंपनी जर्मन तकनीक, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक डिजाइन वाले किचन को ग्राहकों के और करीब लाना चाहती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ड्रीम किचन्स के साथ साझेदारी के जरिए कंपनी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें बेहतर डिजाइन और गुणवत्ता वाले किचन उपलब्ध कराने के लिए काम करेगी।</p>
<p>मध्य भारत में मजबूत होगी मौजूदगी</p>
<p>भोपाल में नया शोरूम शुरू होना भारतीय बाजार के प्रति नोल्टे क्यूखेन की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कंपनी स्थानीय साझेदारियों के माध्यम से देश में अपनी पहुंच बढ़ाने के साथ ग्राहकों को प्रीमियम जर्मन किचन डिजाइन और बेहतर खरीदारी अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 14:09:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ढाका का बदलता मौसम, पूर्वोत्तर भारत की नई चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत और बांग्लादेश के रिश्ते केवल दो पड़ोसी देशों के संबंध नहीं हैं। यह इतिहास, संस्कृति, सुरक्षा, व्यापार और भूगोल से जुड़ा ऐसा रिश्ता है, जिसका सीधा असर भारत के पूर्वोत्तर पर पड़ता है। पिछले एक दशक में नरेंद्र मोदी और शेख हसीना के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए। लेकिन अगस्त 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों ने इस साझेदारी के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।</p>
<p>भारत-बांग्लादेश संबंधों की बुनियाद 1971 के मुक्ति संग्राम में पड़ी थी। हालांकि आजादी के बाद अवैध प्रवास, सीमा प्रबंधन, तीस्ता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/the-changing-weather-of-dhaka-is-the-new-challenge-of/article-33990"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260818-wa0026.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत और बांग्लादेश के रिश्ते केवल दो पड़ोसी देशों के संबंध नहीं हैं। यह इतिहास, संस्कृति, सुरक्षा, व्यापार और भूगोल से जुड़ा ऐसा रिश्ता है, जिसका सीधा असर भारत के पूर्वोत्तर पर पड़ता है। पिछले एक दशक में नरेंद्र मोदी और शेख हसीना के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों ने कई महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए। लेकिन अगस्त 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों ने इस साझेदारी के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।</p>
<p>भारत-बांग्लादेश संबंधों की बुनियाद 1971 के मुक्ति संग्राम में पड़ी थी। हालांकि आजादी के बाद अवैध प्रवास, सीमा प्रबंधन, तीस्ता जल बंटवारा, व्यापार असंतुलन और उग्रवाद जैसे मुद्दे दोनों देशों के रिश्तों को कई बार प्रभावित करते रहे। 2009 में शेख हसीना के दोबारा सत्ता में आने के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया। बांग्लादेश ने अपनी जमीन से भारत विरोधी उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की और सुरक्षा सहयोग का नया दौर शुरू हुआ।</p>
<p>मोदी सरकार के आने के बाद इस रिश्ते को और गति मिली। 2015 का भूमि सीमा समझौता इसका महत्वपूर्ण उदाहरण था। इसके तहत दोनों देशों ने क्रमशः 111 और 51 एन्क्लेव का आदान-प्रदान किया। दशकों पुरानी इस जटिल समस्या का समाधान केवल सीमा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि यह दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक विश्वास का भी संकेत था।</p>
<p>कनेक्टिविटी बनी रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत</p>
<p>इसके बाद कनेक्टिविटी भारत-बांग्लादेश संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बन गई। नवंबर 2023 में अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक का उद्घाटन हुआ। लगभग 12.24 किलोमीटर लंबा यह रेल संपर्क भारत के पूर्वोत्तर को बांग्लादेश के रास्ते क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>यही वह क्षेत्र है जहां बांग्लादेश का महत्व विदेश नीति से आगे बढ़कर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक रणनीति से जुड़ता है। पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भर रहा है। बांग्लादेश के बंदरगाहों, रेल नेटवर्क और जलमार्गों तक बेहतर पहुंच इस निर्भरता को कम कर सकती है तथा माल ढुलाई के समय और लागत में कमी ला सकती है।</p>
<p>सुरक्षा सहयोग का असर</p>
<p>सुरक्षा के मोर्चे पर भी हसीना सरकार के साथ भारत का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। अतीत में पूर्वोत्तर भारत के कई उग्रवादी संगठनों ने बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल किया था। ढाका की कार्रवाई और भारत-बांग्लादेश के बढ़ते सुरक्षा सहयोग से इस चुनौती को काफी हद तक कमजोर करने में मदद मिली।</p>
<p>इसलिए भारत के लिए बांग्लादेश केवल एक पड़ोसी देश नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की सुरक्षा और स्थिरता का महत्वपूर्ण साझेदार भी है।</p>
<p>आर्थिक रिश्ते भी इसी अवधि में मजबूत हुए। भारत ने बांग्लादेश में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर रियायती ऋण उपलब्ध कराए। बिजली, रेल, सड़क, बंदरगाह और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग ने दोनों अर्थव्यवस्थाओं को करीब लाया।</p>
<p>2024 के बाद बदली तस्वीर</p>
<p>अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के रिश्तों का राजनीतिक आधार बदल गया। हसीना भारत आ गईं और बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का दौर शुरू हुआ। इसके बाद फरवरी 2026 में हुए चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत हुई और तारिक रहमान ने 17 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।</p>
<p>अब नई दिल्ली के सामने चुनौती यह है कि वह पुराने राजनीतिक समीकरणों से आगे बढ़कर नई सरकार के साथ संबंधों को किस तरह मजबूत करे।</p>
<p>सबसे संवेदनशील मुद्दा फिलहाल शेख हसीना का भारत में रहना और उनके प्रत्यर्पण की बांग्लादेश की मांग है। अगस्त 2026 में यह मुद्दा दोनों देशों के बीच बातचीत के केंद्र में बना हुआ है। बांग्लादेश ने भारत से प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया है, जबकि भारत ने कहा है कि अनुरोध की समीक्षा कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है। </p>
<p>हाल के घटनाक्रम बताते हैं कि यह विवाद केवल अतीत का राजनीतिक प्रश्न नहीं है, बल्कि दोनों देशों के मौजूदा कूटनीतिक संबंधों को भी प्रभावित कर रहा है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए अनुकूल माहौल की जरूरत पर जोर दिया है। </p>
<p>भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?</p>
<p>ऐसे समय में भारत के लिए सबसे समझदारी भरा रास्ता टकराव नहीं, बल्कि संतुलित और दीर्घकालिक कूटनीति है।</p>
<p>सुरक्षा सहयोग को कमजोर नहीं होने देना होगा। व्यापार और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को राजनीतिक उतार-चढ़ाव से यथासंभव अलग रखना होगा। साथ ही, नई बांग्लादेशी सरकार के साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करना होगा, ताकि दोनों देशों के रिश्ते किसी एक नेता या सरकार पर निर्भर न रहें।</p>
<p>इसके अलावा चीन और अन्य बाहरी शक्तियों के बढ़ते प्रभाव को केवल राजनीतिक बयानबाजी से चुनौती नहीं दी जा सकती। इसके लिए भारत को बेहतर आर्थिक विकल्प, मजबूत कनेक्टिविटी, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग की पेशकश करनी होगी।</p>
<p>पूर्वोत्तर के लिए क्यों अहम है बांग्लादेश?</p>
<p>बांग्लादेश की स्थिरता भारत के लिए केवल विदेश नीति का विषय नहीं है। इसका सीधा संबंध पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास से है।</p>
<p>यदि भारत-बांग्लादेश संबंध स्थिर रहते हैं तो त्रिपुरा, असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए नए व्यापारिक रास्ते खुल सकते हैं। इसके विपरीत, यदि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो सीमा सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका असर पड़ सकता है।</p>
<p>इसलिए ढाका में बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच नई दिल्ली की असली परीक्षा यही होगी कि वह व्यक्ति-केंद्रित रिश्तों से आगे बढ़कर भारत-बांग्लादेश संबंधों को संस्थागत, व्यावहारिक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों पर आधारित साझेदारी में बदल सके।</p>
<p>यही रास्ता भारत के लिए भी सुरक्षित है और पूर्वोत्तर के लिए भी सबसे अधिक लाभकारी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 20:58:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>तुलसी से स्मृति तक: एक किरदार जिसने दी नई पहचान, और एक सफर जिसने गढ़ी अलग पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई,</strong>  <strong>अगस्त 2026:</strong> कुछ किरदार दर्शकों को सिर्फ दिखाई देते हैं, कुछ याद रह जाते हैं और कुछ उनकी जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी विरानी ऐसा ही एक किरदार थीं। संवेदनशील लेकिन दृढ़, भावुक लेकिन मजबूत और परंपराओं से जुड़ी होने के बावजूद जरूरत पड़ने पर पुरानी सोच को चुनौती देने वाली तुलसी ने भारतीय टेलीविजन की सबसे यादगार महिला नायिकाओं में अपनी जगह बनाई।</p>
<p>परदे पर तुलसी की कहानी आगे बढ़ रही थी, वहीं उन्हें निभाने वाली स्मृति ईरानी अपनी जिंदगी की एक अलग कहानी लिख रही थीं।</p>
<p>स्मृति ईरानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/from-tulsi-to-smriti-a-character-that-gave-a-new/article-33989"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260818-wa0025.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई,</strong> <strong>अगस्त 2026:</strong> कुछ किरदार दर्शकों को सिर्फ दिखाई देते हैं, कुछ याद रह जाते हैं और कुछ उनकी जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी विरानी ऐसा ही एक किरदार थीं। संवेदनशील लेकिन दृढ़, भावुक लेकिन मजबूत और परंपराओं से जुड़ी होने के बावजूद जरूरत पड़ने पर पुरानी सोच को चुनौती देने वाली तुलसी ने भारतीय टेलीविजन की सबसे यादगार महिला नायिकाओं में अपनी जगह बनाई।</p>
<p>परदे पर तुलसी की कहानी आगे बढ़ रही थी, वहीं उन्हें निभाने वाली स्मृति ईरानी अपनी जिंदगी की एक अलग कहानी लिख रही थीं।</p>
<p>स्मृति ईरानी ने मनोरंजन जगत में कदम रखा और तुलसी के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। परिवार के लिए खड़े होने, रिश्तों की जटिलताओं का सामना करने और मुश्किल परिस्थितियों में मजबूती से आगे बढ़ने वाले तुलसी के व्यक्तित्व ने देशभर के दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी।</p>
<p>लेकिन टेलीविजन की इस बड़ी सफलता को अंतिम मंजिल मानने के बजाय स्मृति ने अपने लिए एक नई दिशा चुनी। उनका राजनीति में प्रवेश उनके पेशे और सार्वजनिक पहचान दोनों के लिए बड़ा बदलाव था।</p>
<p>एक तरफ वे पर्दे पर एक काल्पनिक किरदार निभा रही थीं, तो दूसरी तरफ वास्तविक जीवन में राजनीतिक संवाद, चुनावी अभियानों और चुनावी मुकाबलों का हिस्सा बन रही थीं। इस बदलाव के लिए सिर्फ लोकप्रियता पर्याप्त नहीं थी। लोगों से लगातार जुड़ने, सार्वजनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने और लंबे समय तक सक्रिय रहने के लिए अलग तरह के धैर्य और प्रतिबद्धता की जरूरत थी।</p>
<p>समय के साथ उनकी राजनीतिक यात्रा ने उन्हें टेलीविजन की पहचान से आगे एक अलग सार्वजनिक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया। यह सफर आसान नहीं रहा और इसमें चुनौतियां भी आईं, लेकिन कठिन परिस्थितियों और असफलताओं के बावजूद आगे बढ़ते रहने का उनका रवैया उनकी सार्वजनिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।</p>
<p>तुलसी और स्मृति की कहानी में समानता</p>
<p>पीछे मुड़कर देखें तो तुलसी और स्मृति के सफर के बीच एक दिलचस्प समानता नजर आती है। तुलसी जहां काल्पनिक दुनिया में परिवार, रिश्तों और जीवन की जटिलताओं से लड़ती थीं, वहीं स्मृति ने वास्तविक दुनिया के चुनौतीपूर्ण सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई।</p>
<p>दोनों की दुनिया अलग थीं, लेकिन साहस, दृढ़ता, जुझारूपन और अपनी बात के लिए खड़े होने की भावना दोनों कहानियों को एक-दूसरे से जोड़ती नजर आती है।</p>
<p>यही स्मृति ईरानी के सफर को खास बनाता है। यह सिर्फ एक सफल टेलीविजन अभिनेत्री के राजनीति में आने की कहानी नहीं, बल्कि अपनी पहली बड़ी पहचान को अपने भविष्य की सीमा न बनने देने वाली महिला की कहानी है।</p>
<p>टेलीविजन के सेट से राजनीतिक मंच तक का उनका सफर खुद को लगातार नए रूप में गढ़ने और अपनी पहचान का विस्तार करने की कहानी रहा है। तुलसी विरानी की तरह ही उनकी यात्रा में भी चुनौतियों के बीच मजबूती से आगे बढ़ने और अपने फैसलों पर कायम रहने की झलक दिखाई देती है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 20:56:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज का रास्ता साफ, 28 अगस्त को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई, अगस्त 2026:</strong> सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद बहुप्रतीक्षित एनिमेटेड फीचर फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की देशभर में रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। फिल्म अब 28 अगस्त 2026 को Cinépolis के माध्यम से पैन इंडिया रिलीज होगी।</p>
<p>बच्चों और परिवारों तक भक्ति, संस्कृति और भारतीय मूल्यों को मनोरंजक अंदाज में पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ को ओडिशा की पहली एनिमेटेड फीचर फिल्म बताया गया है। यह लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज ‘जय जगन्नाथ’ का सिनेमाई विस्तार है, जिसे यूट्यूब पर 100 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।</p>
<p>रिलीज से पहले कानूनी अड़चन</p>
<p>फिल्म की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/after-the-approval-of-the-supreme-court-the-way-for/article-33988"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260818-wa0022.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई, अगस्त 2026:</strong> सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद बहुप्रतीक्षित एनिमेटेड फीचर फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की देशभर में रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। फिल्म अब 28 अगस्त 2026 को Cinépolis के माध्यम से पैन इंडिया रिलीज होगी।</p>
<p>बच्चों और परिवारों तक भक्ति, संस्कृति और भारतीय मूल्यों को मनोरंजक अंदाज में पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ को ओडिशा की पहली एनिमेटेड फीचर फिल्म बताया गया है। यह लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज ‘जय जगन्नाथ’ का सिनेमाई विस्तार है, जिसे यूट्यूब पर 100 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।</p>
<p>रिलीज से पहले कानूनी अड़चन</p>
<p>फिल्म की प्रस्तावित 17 जुलाई की थिएट्रिकल रिलीज से पहले ओडिशा हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका के आधार पर फिल्म की सामग्री की न्यायिक समीक्षा की मांग को लेकर देशभर में इसकी रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी।</p>
<p>इस आदेश को चुनौती देते हुए निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिका में फिल्म को मिले सीबीएफसी के ‘यू’ सर्टिफिकेशन और देशभर में 300 से अधिक सिनेमाघरों की बुकिंग के चलते हुए वित्तीय नुकसान का भी उल्लेख किया गया।</p>
<p>अब सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद निर्माता और वितरक नई रिलीज रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पैन इंडिया रिलीज को ध्यान में रखते हुए सिनेपोलिस ने फिल्म को 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज करने का फैसला किया है।</p>
<p>निर्माता ने जताई खुशी</p>
<p>एले एनिमेशंस के संस्थापक और फिल्म के निर्माता दुर्गा प्रसाद दलई ने कहा कि फिल्म को भारतीय संस्कृति और भगवान जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा और सम्मान के साथ बनाया गया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रति आभार जताते हुए कहा कि फिल्म का उद्देश्य एनीमेशन और सिनेमा के माध्यम से भगवान जगन्नाथ की भक्ति और उनकी संस्कृति को बच्चों और परिवारों तक पहुंचाना है।</p>
<p>‘जय जगन्नाथ’ से बनी पहचान</p>
<p>भुवनेश्वर स्थित एले एनिमेशंस प्राइवेट लिमिटेड वर्ष 2008 से विजुअल कंटेंट का निर्माण कर रही है। स्टूडियो को ‘जय जगन्नाथ’ की सफलता से विशेष पहचान मिली, जिसके बाद ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ जैसे बड़े फीचर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया।</p>
<p>फिल्म का निर्माण दुर्गा प्रसाद दलई ने किया है और निर्देशन श्रीपाद वारखेडकर ने किया है। कहानी और पटकथा पल्लवी शर्मा ने लिखी है। फिल्म के मूल गीत अर्जित श्रीवास्तव ने तैयार किए हैं, जबकि बैकग्राउंड स्कोर अविरल कुमार और गीतों के बोल अतुल कुमार वर्मा ने लिखे हैं।</p>
<p>कानूनी चुनौतियों के बाद अब ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ 28 अगस्त 2026 को सिनेपोलिस के जरिए पैन इंडिया रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म में भक्ति, भारतीय संस्कृति और एनीमेशन के मेल के जरिए भगवान जगन्नाथ की कथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 20:53:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विझिंजम सीपोर्ट पर शुरू हुआ इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट ऑपरेशन, विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता होगी कम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>तिरुवनंतपुरम, अगस्त 2026:</strong> केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूर्ण रूप से इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट (EXIM) ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। इससे भारत में आने वाले और देश से बाहर जाने वाले कंटेनर कार्गो को सीधे संभालने की सुविधा बढ़ेगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं के बीच ट्रांसशिपमेंट कार्गो के संचालन में भी पोर्ट की भूमिका बनी रहेगी।</p>
<p>EXIM ऑपरेशन की शुरुआत केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की मौजूदगी में हुई। कार्यक्रम में केरल के उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी, विधायक एम. विंसेंट और भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन के आईएएस अधिकारी श्याम जगन्नाथन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/india-news/import-export-operation-started-at-vizhinjam-seaport-dependence-on-foreign-transshipment/article-33987"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-08/img-20260818-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तिरुवनंतपुरम, अगस्त 2026:</strong> केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूर्ण रूप से इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट (EXIM) ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। इससे भारत में आने वाले और देश से बाहर जाने वाले कंटेनर कार्गो को सीधे संभालने की सुविधा बढ़ेगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं के बीच ट्रांसशिपमेंट कार्गो के संचालन में भी पोर्ट की भूमिका बनी रहेगी।</p>
<p>EXIM ऑपरेशन की शुरुआत केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की मौजूदगी में हुई। कार्यक्रम में केरल के उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी, विधायक एम. विंसेंट और भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन के आईएएस अधिकारी श्याम जगन्नाथन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।</p>
<p>मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि विझिंजम अब दुनिया के लिए केरल का एक महत्वपूर्ण गेटवे बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार समुद्री मार्ग से मिलने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के साथ-साथ मजबूत सड़क और रेल कनेक्टिविटी तथा निजी निवेश पर भी जोर देगी। इसके लिए रिंग रोड के भूमि अधिग्रहण पर ₹3,200 करोड़ खर्च किए जाने की बात कही गई।</p>
<p>विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता घटाने में मदद</p>
<p>विझिंजम में EXIM ऑपरेशन शुरू होने से भारत के समुद्री व्यापार को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर निर्भरता कम करने, ट्रांजिट टाइम घटाने और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>वर्तमान में भारत के 75 प्रतिशत से अधिक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों के जरिए संभाले जाते हैं। ऐसे में विझिंजम जैसे रणनीतिक रूप से स्थित बंदरगाह की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p>विझिंजम प्रमुख ईस्ट-वेस्ट शिपिंग रूट के करीब स्थित है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से करीब 10 नॉटिकल मील की दूरी पर है। यहां प्राकृतिक रूप से 18 से 20 मीटर का ड्राफ्ट उपलब्ध है, जिससे पोर्ट बड़े अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (ULCVs) को संभाल सकता है।</p>
<p>₹30,000 करोड़ तक पहुंचेगा अदाणी ग्रुप का निवेश</p>
<p>विझिंजम परियोजना में दूसरे चरण के निवेश के बाद अदाणी ग्रुप का कुल निवेश करीब ₹30,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। अगले फेज में करीब ₹16,000 करोड़ का विस्तार प्रस्तावित है।</p>
<p>इस विस्तार के बाद पोर्ट की वार्षिक क्षमता बढ़कर 57 लाख TEUs हो जाएगी। इसके साथ करीब 1,200 मीटर कंटेनर बर्थ, स्थायी रेल कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क संपर्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।</p>
<p>पूरे विस्तार को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>अब तक 1,100 से ज्यादा जहाज संभाल चुका पोर्ट</p>
<p>विझिंजम में कमर्शियल ऑपरेशन 3 दिसंबर 2024 को शुरू हुए थे। इसके बाद से पोर्ट करीब 23 लाख TEUs से अधिक कार्गो और 1,100 से ज्यादा जहाजों को संभाल चुका है। इनमें 80 से अधिक अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स शामिल हैं।</p>
<p>EXIM ऑपरेशन का शुरुआती कैचमेंट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक रहेगा। इससे दक्षिण भारत के कारोबार और उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>बेंगलुरु, कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं कारोबारी केंद्रों को इससे लॉजिस्टिक्स लागत और समय के स्तर पर फायदा मिल सकता है। साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, फ्रेट फॉरवर्डिंग और संबंधित सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।</p>
<p>कंपनी के अनुसार, परियोजना के विकास से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत </category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 20:51:52 +0530</pubDate>
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