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                <title>हिमाचल प्रदेश  - Parakh Khabar</title>
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                <description>हिमाचल प्रदेश  RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हिमाचल में चेरी की खरीद शुरू करेगा अदाणी एग्री फ्रेश, किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हिमाचल प्रदेश, मई 2026:</strong> अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड (एएएफएल) ने स्टोन फ्रूट श्रेणी में प्रवेश करने की घोषणा की है। कंपनी अब हिमाचल प्रदेश में चेरी की खरीद शुरू करेगी। इसके साथ ही भविष्य में आड़ू, प्लम समेत अन्य स्टोन फ्रूट्स में भी विस्तार की योजना है।</p>
<p>कंपनी का कहना है कि इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार, उपज का उचित मूल्य और फलों के भंडारण की आधुनिक सुविधा मिल सकेगी।</p>
<p>आधुनिक स्टोरेज से मिलेगा फायदा</p>
<p>एएएफएल ने हिमाचल प्रदेश में मौजूद अपनी कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज सुविधाओं को चेरी के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/adani-agri-fresh-will-start-purchasing-cherries-in-himachal-farmers/article-32778"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-05/img-20260509-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हिमाचल प्रदेश, मई 2026:</strong> अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड (एएएफएल) ने स्टोन फ्रूट श्रेणी में प्रवेश करने की घोषणा की है। कंपनी अब हिमाचल प्रदेश में चेरी की खरीद शुरू करेगी। इसके साथ ही भविष्य में आड़ू, प्लम समेत अन्य स्टोन फ्रूट्स में भी विस्तार की योजना है।</p>
<p>कंपनी का कहना है कि इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार, उपज का उचित मूल्य और फलों के भंडारण की आधुनिक सुविधा मिल सकेगी।</p>
<p>आधुनिक स्टोरेज से मिलेगा फायदा</p>
<p>एएएफएल ने हिमाचल प्रदेश में मौजूद अपनी कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज सुविधाओं को चेरी के भंडारण और वितरण के अनुरूप आधुनिक बनाया है। कंपनी के पास प्रदेश में छह स्थानों पर स्टोरेज नेटवर्क उपलब्ध है।</p>
<p>फ्रूट होराइजन 2026 कार्यक्रम में बोलते हुए कंपनी के प्रतिनिधि मनीष अग्रवाल ने कहा,</p>
<p>“हम आगामी सीजन से चेरी की खरीद शुरू करेंगे और धीरे-धीरे अन्य स्टोन फ्रूट्स में भी विस्तार करेंगे। यह किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की हमारी निरंतर कोशिश का हिस्सा है।”</p>
<p>20 वर्षों में 17 हजार किसानों से खरीदे 3 लाख मीट्रिक टन सेब</p>
<p>अदाणी एग्री फ्रेश हिमाचल प्रदेश में संगठित तरीके से सेब खरीद, भंडारण और मार्केटिंग करने वाली शुरुआती कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी ने वर्ष 2006 में ‘फार्म-पिक’ ब्रांड के तहत काम शुरू किया था।</p>
<p>कंपनी के अनुसार अब तक वह 17,000 से अधिक किसानों से 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा सेब खरीद चुकी है और किसानों को सीधे लगभग 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश में कंपनी ने 25,000 मीट्रिक टन की स्टोरेज क्षमता विकसित की है, जिससे फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है।</p>
<p>डिजिटल मंडी से किसानों को सुविधा</p>
<p>एएएफएल किसानों के लिए डिजिटल मंडी प्लेटफॉर्म का भी विस्तार कर रही है। इस सुविधा के जरिए किसान बिना खरीद केंद्र पहुंचे ही अपनी उपज बेच सकेंगे।</p>
<p>कंपनी गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग और सॉर्टिंग सिस्टम अपनाती है, जिससे किसानों को पारदर्शी तरीके से उपज का मूल्य मिल सके और पारंपरिक मंडियों पर निर्भरता कम हो।</p>
<p>700 गांवों तक पहुंच</p>
<p>कंपनी का खरीद नेटवर्क हिमाचल प्रदेश के 700 गांवों में फैले 17,000 से अधिक किसानों तक पहुंच चुका है, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक छोटे और सीमांत किसान हैं।</p>
<p>एएएफएल का वितरण नेटवर्क देशभर में 76 थोक विक्रेताओं और करीब 1,500 रिटेलर्स तक फैला हुआ है। कंपनी भारतीय फलों के साथ-साथ सेब, नाशपाती, कीवी, संतरा और अंगूर जैसे फलों का आयात भी करती है।</p>
<p>कंपनी अदाणी फाउंडेशन के साथ मिलकर बागवानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी कार्य कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 05:40:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भटियात क्षेत्र में अनियंत्रित बस खाई में गिरी, सभी यात्री सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भटियात क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सिंहता थाना क्षेत्र के अंतर्गत समोट गांव के पास बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलती हुई कुछ फीट नीचे खाई में जा गिरी।</p>
<p>राहत की बात यह रही कि बस गहरी खाई में गिरने से पहले ही रुक गई और पलटने से बच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/uncontrolled-bus-fell-into-ditch-in-bhatiyat-area-all-passengers/article-31299"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-01/35ce0e2789910b08022b824b54912dcf_1363565890.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भटियात क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सिंहता थाना क्षेत्र के अंतर्गत समोट गांव के पास बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलती हुई कुछ फीट नीचे खाई में जा गिरी।</p>
<p>राहत की बात यह रही कि बस गहरी खाई में गिरने से पहले ही रुक गई और पलटने से बच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय बस में यात्रियों की संख्या कम थी, जिस कारण नुकसान सीमित रहा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस अचानक नियंत्रण से बाहर होकर सड़क से नीचे उतर गई, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि मौके पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था और किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। मामले की जांच जारी है, जिसमें तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति या अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है।</p>
<p>गौरतलब है कि हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश में बस हादसों के मामले बढ़े हैं। इससे पहले 9 जनवरी को सिरमौर जिले के हरिपुरधार क्षेत्र में एक निजी बस के गहरी खाई में गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। वहीं, तीन दिन बाद मंडी जिले के निहरी क्षेत्र में हुए बस हादसे में एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई थी और चार अन्य यात्री घायल हुए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 15:50:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चंडीगढ़–मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा, दिल्ली के तीन पर्यटकों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कुल्लू।</strong> कुल्लू जिले में चंडीगढ़–मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में दिल्ली से आए तीन पर्यटकों की मौत हो गई, जिनमें एक पांच वर्षीय बच्चा भी शामिल है। इस दुर्घटना में तीन अन्य पर्यटक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।</p>
<p>हादसा कुल्लू से करीब 10 किलोमीटर दूर बबेली क्षेत्र में आईटीबीपी परिसर के गेट के पास हुआ। जानकारी के अनुसार पर्यटकों का वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पोल और पैरापिट से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।</p>
<p>दुर्घटना में सोनिया (40), साक्षी (26) और देवीशा (5) की मौके पर ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/three-tourists-from-delhi-died-in-a-tragic-accident-on/article-31298"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-01/a7db5546a2a784bae911818b94529d03_1525282936.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कुल्लू।</strong> कुल्लू जिले में चंडीगढ़–मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में दिल्ली से आए तीन पर्यटकों की मौत हो गई, जिनमें एक पांच वर्षीय बच्चा भी शामिल है। इस दुर्घटना में तीन अन्य पर्यटक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।</p>
<p>हादसा कुल्लू से करीब 10 किलोमीटर दूर बबेली क्षेत्र में आईटीबीपी परिसर के गेट के पास हुआ। जानकारी के अनुसार पर्यटकों का वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पोल और पैरापिट से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।</p>
<p>दुर्घटना में सोनिया (40), साक्षी (26) और देवीशा (5) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सचिन, साहिल और अनिका गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।</p>
<p>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/three-tourists-from-delhi-died-in-a-tragic-accident-on/article-31298</link>
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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 15:49:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिट्टी सुधरेगी, तो फसल निखरेगी: अदाणी एग्री फ्रेश का सेब बागवानों के लिए सॉइल टेस्टिंग कैंपेन</title>
                                    <description><![CDATA[<ul>
<li>हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए 5 जनवरी से 22 जनवरी तक रोहड़ू, सेंज और रामपुर में चरणबद्ध तरीके से कैंपेन</li>
<li>बेहतर और संतुलित खेती के लिए किसानों को खाद डालने से पहले मिट्टी की वैज्ञानिक जाँच कर दी जा रही पोषक तत्वों की सही जानकारी </li>
</ul>
<p><strong>शिमला, जनवरी, 2026:</strong> हिमाचल प्रदेश के सेब बागवान पिछले कुछ वर्षों से लगातार बदलते मौसम, कम चिलिंग आवर्स, अनियमित बारिश और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इन हालातों का सीधा असर न सिर्फ पैदावार पर पड़ा है, बल्कि सेब की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। ऐसे समय में मिट्टी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/if-the-soil-improves-the-crop-will-flourish-adani-agri/article-31149"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2026-01/img-20260114-wa0032.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li>हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए 5 जनवरी से 22 जनवरी तक रोहड़ू, सेंज और रामपुर में चरणबद्ध तरीके से कैंपेन</li>
<li>बेहतर और संतुलित खेती के लिए किसानों को खाद डालने से पहले मिट्टी की वैज्ञानिक जाँच कर दी जा रही पोषक तत्वों की सही जानकारी </li>
</ul>
<p><strong>शिमला, जनवरी, 2026:</strong> हिमाचल प्रदेश के सेब बागवान पिछले कुछ वर्षों से लगातार बदलते मौसम, कम चिलिंग आवर्स, अनियमित बारिश और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इन हालातों का सीधा असर न सिर्फ पैदावार पर पड़ा है, बल्कि सेब की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। ऐसे समय में मिट्टी की सेहत किसानों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकती है। इसी विचार के साथ अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड द्वारा प्रदेश में सॉइल टेस्टिंग कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसमें किसानों को यह समझाया जा रहा है कि खाद और उर्वरक डालने से पहले मिट्टी की जाँच क्यों जरूरी है और इससे फसल की गुणवत्ता कैसे बेहतर हो सकती है, क्योंकि जब मिट्टी स्वस्थ होगी, तभी फसल भी बेहतर होगी।</p>
<p>कैंपेन की शुरुआत 5 जनवरी से सेंज से हुई, जो कि 12 जनवरी तक चलेगा, इसके बाद रोहड़ू में 13 से 18 जनवरी और रामपुर में 18 से 22 जनवरी तक यह कैंप लगाया जाना तय है। इस पूरे कैंपेन में 3 से 4 हजार से अधिक किसानों के शामिल होने की उम्मीद है। </p>
<p><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/2026-01/img-20260114-wa0033.jpg" alt="IMG-20260114-WA0033" width="591" height="1280"></img></p>
<p>इस अभियान के दौरान सॉइल टेस्टिंग से जुड़े विशेषज्ञ, लैब टेक्नीशियन, नौनी यूनिवर्सिटी से जुड़े वैज्ञानिक और प्लांट पैथोलॉजी एक्सपर्ट्स किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। किसानों को यह जानकारी दी जा रही है कि मिट्टी में किन पोषक तत्वों की कमी है, किस तरह की खाद की जरूरत है, सही प्रूनिंग कैसे करें और मिट्टी की सेहत कैसे बनाए रखें, ताकि सेब की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके। </p>
<p>गौरतलब है कि अदाणी एग्री फ्रेश लिमिटेड लंबे समय से हिमाचल के सेब बागवानों के साथ ज़मीनी स्तर पर जुड़कर काम करता आ रहा है। खरीद सीज़न के दौरान लगातार सेब की खरीदी हो या किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देना, कंपनी की कोशिश रही है कि किसान सिर्फ आज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में भी टिकाऊ खेती कर सकें। एएएफएल इससे पहले भी नवंबर माह में इसी तरह का सॉइल टेस्टिंग कैंपेन चला चुका है, जिसे किसानों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। कई किसानों का कहना है कि मिट्टी की जाँच के बाद उन्होंने खाद के इस्तेमाल में बदलाव किया, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला।</p>
<p>अदाणी एग्री फ्रेश का यह कैंपेन सिर्फ मिट्टी की जाँच तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे किसानों को लंबे समय तक टिकाऊ और वैज्ञानिक खेती की दिशा में मार्गदर्शन देने की एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/if-the-soil-improves-the-crop-will-flourish-adani-agri/article-31149</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 04:16:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Himachal News: प्रदेश में अगले सत्र से शुरू होंगे 100 CBSE स्कूल, भवन और बच्चों की वर्दी का रंग होगा अलग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिमला।</strong> मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रथम चरण में प्रदेश भर में 100 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पर संचालित किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग को इस संबंध में सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीबीएसई पैटर्न आधारित स्कूलों का अलग रंग होगा और यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की अलग रंग की वर्दी होगी। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं के साथ-साथ मैस का प्रबंध भी किया जाएगा और विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा।</p>
<p>शिक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-100-cbse-school-buildings-will-start-in-the/article-29402"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-10/untitled-11-copy-6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शिमला।</strong> मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रथम चरण में प्रदेश भर में 100 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पर संचालित किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग को इस संबंध में सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीबीएसई पैटर्न आधारित स्कूलों का अलग रंग होगा और यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की अलग रंग की वर्दी होगी। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं के साथ-साथ मैस का प्रबंध भी किया जाएगा और विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा।</p>
<p>शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में सीबीएसई के मापदंड पूरा करने वाले अब तक 86 स्कूलों की पहचान की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शेष स्कूलों में सीबीएसई के मापदंड जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के प्रयास कर रही है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। शिक्षा विभाग में खाली पड़े अध्यापकों के पदों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंच गया है और राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाने की समीक्षा भी की और अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में एक अच्छा कैम्पस तैयार होना चाहिए, जहां खेलकूद गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल मील का पत्थर सिद्ध होंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि हर जिला में स्टेट ऑफ आर्ट कॉलेज बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ सभी प्रकार की गतिविधियां उपलब्ध होंगी ताकि इनका सर्वांगीण विकास हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 17:32:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिमाचल में दर्दनाक हादसा : बस पर मलबा गिरने से 18 की मौत, राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने जताया शोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम हुए भीषण भूस्खलन में एक बस पर मलबा गिर गया, जिससे 18 लोगों की मौत हो गई। हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा दुख व्यक्त किया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से देने की घोषणा की गई है।</p>
<h2>पीएम</h2>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/tragic-accident-in-himachal-18-killed-due-to-debris-falling/article-29361"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-10/1463008-screenshot-2025-10-08-012958.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम हुए भीषण भूस्खलन में एक बस पर मलबा गिर गया, जिससे 18 लोगों की मौत हो गई। हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा दुख व्यक्त किया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से देने की घोषणा की गई है।</p>
<h2>पीएम मोदी बोले — जनहानि से दुखी हूं</h2>
<p>प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में पीएम मोदी ने लिखा,</p>
<p>“हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुई दुर्घटना में जनहानि से दुखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”</p>
<h2>राष्ट्रपति और गृहमंत्री ने भी जताया दुख</h2>
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “बिलासपुर में भूस्खलन के कारण हुई बस दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करती हूं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।”</p>
<p>वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “बिलासपुर में भूस्खलन के कारण हुए बस हादसे से मन अत्यंत व्यथित है। NDRF की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”</p>
<p>राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है, जबकि राहत और बचाव कार्य देर रात तक जारी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/tragic-accident-in-himachal-18-killed-due-to-debris-falling/article-29361</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 06:33:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Himachal News : आईएएस और आईएफएस अधिकारियों का फिर होगा तबादला, नया मुख्य सचिव जल्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Himachal News:</strong> हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर अफसरशाही में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर कार्मिक विभाग अधिकारियों की सूची तैयार करने में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक, कई आईएएस अधिकारियों को अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।</p>
<p>वर्तमान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, जो 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, इस महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्हें पहले छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया था, जो अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में अगले महीने प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलेगा।</p>
<p>मुख्य सचिव पद के लिए अब लॉबिंग भी शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-ias-and-ifs-officers-will-be-transferred-again/article-28913"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-09/tarasafara-sakataka-fata.png" alt=""></a><br /><p><strong>Himachal News:</strong> हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर अफसरशाही में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर कार्मिक विभाग अधिकारियों की सूची तैयार करने में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक, कई आईएएस अधिकारियों को अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।</p>
<p>वर्तमान मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, जो 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, इस महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्हें पहले छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया था, जो अब समाप्त होने वाला है। ऐसे में अगले महीने प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलेगा।</p>
<p>मुख्य सचिव पद के लिए अब लॉबिंग भी शुरू हो गई है। वरिष्ठता के आधार पर 1988 बैच के संजय गुप्ता का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है। उनके बाद 1993 बैच के केके पंत और 1994 बैच के ओंकार शर्मा का नाम चर्चा में है। ओंकार शर्मा मूल रूप से चंबा जिले से ताल्लुक रखते हैं।</p>
<p>हालांकि, यह भी अटकलें हैं कि मौजूदा मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना के कार्यकाल को और आगे बढ़ाया जा सकता है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हाथों में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-ias-and-ifs-officers-will-be-transferred-again/article-28913</link>
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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 11:09:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिमाचल में अनोखी शादी : दो भाइयों ने एक ही दुल्हन से रचाई शादी, तीनों ने साथ लिए सात फेरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Himachal Pradesh News</strong> : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यहां दो सगे भाइयों ने एक ही दुल्हन से शादी की और तीनों ने साथ-साथ सात फेरे लिए। यह शादी न केवल अनोखी है, बल्कि एक प्राचीन परंपरा का भी प्रतीक है, जो आज भी कुछ इलाकों में निभाई जाती है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में हट्टी जनजाति के दो भाइयों – प्रदीप और कपिल नेगी – ने सुनीता चौहान नाम की युवती से शादी की। तीनों ने समाज और परिवार की मौजूदगी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/unique-wedding-in-himachal-two-brothers-got-married-to-the/article-28188"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-07/44-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Himachal Pradesh News</strong> : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक अनोखी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यहां दो सगे भाइयों ने एक ही दुल्हन से शादी की और तीनों ने साथ-साथ सात फेरे लिए। यह शादी न केवल अनोखी है, बल्कि एक प्राचीन परंपरा का भी प्रतीक है, जो आज भी कुछ इलाकों में निभाई जाती है।</p>
<p>मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में हट्टी जनजाति के दो भाइयों – प्रदीप और कपिल नेगी – ने सुनीता चौहान नाम की युवती से शादी की। तीनों ने समाज और परिवार की मौजूदगी में पूरे रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। इस अनोखी शादी को स्थानीय परंपरा "बहुपतित्व" के तहत संपन्न किया गया। यह परंपरा सिरमौर और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में सदियों से चली आ रही है, जिसमें एक महिला एक से अधिक पुरुषों की पत्नी हो सकती है, और अक्सर ये पुरुष आपस में भाई होते हैं।</p>
<p>सुनीता चौहान ने साफ कहा कि उसने यह फैसला पूरी स्वतंत्रता के साथ लिया है और इस रिश्ते में कोई दबाव नहीं है। दोनों दूल्हों ने भी इस रिश्ते को पारदर्शिता और आपसी सहमति का प्रतीक बताया। विदेश में रहने वाले दूल्हे कपिल ने कहा, "हमने एक संयुक्त परिवार के रूप में पत्नी के लिए सहयोग, स्थिरता और प्रेम सुनिश्चित करने का प्रयास किया है।"</p>
<p>12 जुलाई से शुरू हुआ यह विवाह समारोह तीन दिनों तक चला, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए और पारंपरिक लोक गीतों व नृत्यों का आनंद लिया।</p>
<h2>बहुपतित्व की परंपरा और उसका सामाजिक आधार</h2>
<p>हट्टी जनजाति, जिसे तीन साल पहले अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिला है, हिमाचल-उत्तराखंड सीमा क्षेत्र में निवास करती है। इस समुदाय में बहुपतित्व की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। समाजशास्त्रियों के अनुसार, इस परंपरा का मूल उद्देश्य पैतृक संपत्ति के बंटवारे को रोकना और पारिवारिक एकता बनाए रखना था।</p>
<p>हालांकि, शिक्षा और सामाजिक बदलाव के साथ अब ऐसे विवाह बहुत कम देखने को मिलते हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि अब ये शादियां अक्सर गुप्त रूप से होती हैं और समाज उन्हें मौन स्वीकृति देता है।</p>
<h2>किन्नौर में भी है यह परंपरा</h2>
<p>सिरमौर की ही तरह हिमाचल के किन्नौर जिले में भी "भ्रातृ बहुपतित्व" की परंपरा निभाई जाती है। यहां भी इसका उद्देश्य पारिवारिक आर्थिक मजबूती और भूमि के बंटवारे को रोकना होता है। स्थानीय जानकारों के अनुसार, यह परंपरा अब किसी पर थोपी नहीं जाती। यदि कोई महिला या पुरुष पारंपरिक विवाह नहीं करना चाहता, तो उन्हें स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार है।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार ने भी बहुपतित्व प्रथा पर शोध कर पीएचडी की थी, जो इस परंपरा के सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/unique-wedding-in-himachal-two-brothers-got-married-to-the/article-28188</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 06:30:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Himachal News: मूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, 261 सड़कें बंद, 797 जल योजनाएं ठप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा 3 जुलाई सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 261 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, 599 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप हो गए हैं और 797 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।</p>
<h2>मानसून से बढ़ा संकट</h2>
<p>हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 2 जुलाई की शाम की तुलना में इन आंकड़ों में वृद्धि हुई है। उस समय 245 सड़कें, 918 DTR और 683 जल योजनाएं बाधित थीं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-torrential-rains-stalled-261-roads-affected-by-797/article-28037"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-07/4720178-1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा 3 जुलाई सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 261 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, 599 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप हो गए हैं और 797 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।</p>
<h2>मानसून से बढ़ा संकट</h2>
<p>हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 2 जुलाई की शाम की तुलना में इन आंकड़ों में वृद्धि हुई है। उस समय 245 सड़कें, 918 DTR और 683 जल योजनाएं बाधित थीं। नए आंकड़े बताते हैं कि मानसून का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है।</p>
<h2>सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला</h2>
<p>मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से एक है। यहां 186 सड़कें बंद हैं, जिनमें धरमपुर (42), सेराज (37), थलौट (31) और करसोग (27) उपखंड शामिल हैं। जिले में 511 DTR और 580 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। खासतौर पर गोहर (258 DTR) और सुंदरनगर (559 जल योजनाएं) में स्थिति चिंताजनक है।</p>
<h2>अन्य जिलों की स्थिति</h2>
<p>कुल्लू: 37 सड़कें बंद (निरमंड में 21, बंजार में 11), 15 DTR और 33 जल योजनाएं प्रभावित।</p>
<p>हमीरपुर: सड़कें बाधित नहीं, लेकिन 62 DTR और 144 जल योजनाएं ठप।</p>
<p>कांगड़ा: 12 सड़कें बंद, 3 DTR प्रभावित, जल आपूर्ति सामान्य।</p>
<p>शिमला: 3 सड़कें और 1 DTR प्रभावित, 12 जल योजनाएं (मुख्य रूप से कुपवी और रामपुर में) प्रभावित।</p>
<p>सिरमौर: 9 सड़कें और 24 जल योजनाएं प्रभावित, DTR सामान्य।</p>
<p>चंबा: 9 सड़कें, 6 DTR प्रभावित।</p>
<p>सोलन: 7 सड़कें बाधित।</p>
<p>ऊना: 3 सड़कें प्रभावित, लेकिन बिजली-पानी की सेवाएं सामान्य।</p>
<p>किन्नौर: 1 सड़क और 1 DTR बाधित।</p>
<p>लाहौल-स्पीति: किसी भी प्रकार की बाधा नहीं।</p>
<h2>सरकार की तैयारियां और अपील</h2>
<p>राज्य सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। SEOC ने पीडब्ल्यूडी, हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (HPSEB) और आईपीएच जैसे विभागों को आवश्यक सेवाएं बहाल करने के लिए आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जहां सड़कें बंद हैं, वहां वैकल्पिक मार्ग बनाए जा रहे हैं और बहाली दल बिजली व पानी की सप्लाई को प्राथमिकता पर सुधारने में लगे हुए हैं।</p>
<p>प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों से सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर ध्यान देने की अपील की है, क्योंकि राज्य में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 12:03:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Himachal News: हिमाचल में मानसून का कहर, शिमला में 5 मंजिला इमारत जमींदोज, बादल फटा, सड़कों पर मलबा, रेड अलर्ट जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून ने तबाही मचा दी है। सोमवार को प्रदेश भर में भारी बारिश के चलते कई गंभीर हादसे हुए। राजधानी शिमला में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई, जबकि रामपुर के सिकासेरी गांव में बादल फटने से दो गौशालाएं बह गईं और कई मवेशी मारे गए। जगह-जगह भूस्खलन से प्रमुख राजमार्ग बाधित हो गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।</p>
<h3>शिमला में पांच मंजिला इमारत ढही, प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा</h3>
<p>शिमला के भट्टाकुफर इलाके में चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के पास स्थित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-monsoon-havoc-in-himachal-5-storey-building-in/article-28000"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-06/cats537.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून ने तबाही मचा दी है। सोमवार को प्रदेश भर में भारी बारिश के चलते कई गंभीर हादसे हुए। राजधानी शिमला में एक पांच मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई, जबकि रामपुर के सिकासेरी गांव में बादल फटने से दो गौशालाएं बह गईं और कई मवेशी मारे गए। जगह-जगह भूस्खलन से प्रमुख राजमार्ग बाधित हो गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।</p>
<h3>शिमला में पांच मंजिला इमारत ढही, प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा</h3>
<p>शिमला के भट्टाकुफर इलाके में चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के पास स्थित माथू कॉलोनी की एक जर्जर इमारत सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे ढह गई। राहत की बात यह रही कि प्रशासन ने खतरा भांपते हुए इमारत को पहले ही खाली करवा लिया था। पास की दो और इमारतों पर भी खतरा मंडरा रहा है।</p>
<p>इमारत की मालकिन रंजना वर्मा ने बताया कि शनिवार की बारिश के बाद से जमीन खिसकने लगी थी, इसलिए रविवार रात ही परिवार बाहर निकल गया था। उनका आरोप है कि पास में बन रही कैथलीघाट-ढली चार लेन सड़क की खुदाई से इमारत कमजोर हो गई थी और निर्माण कंपनी ने समय रहते कोई एहतियात नहीं बरता।</p>
<h3>बादल फटने से रामपुर में नुकसान, मवेशी बह गए</h3>
<p>रामपुर के सिकासेरी गांव में बादल फटने से दो गौशालाएं, तीन गायें और दो बछड़े बह गए। साथ ही एक रसोईघर और एक कमरा भी मलबे में समा गया। यह नुकसान राजिंदर, विनोद और गोपाल (पलास राम के बेटे) के घरों में हुआ। हालांकि, जनहानि नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि पिछले साल इसी पंचायत के समेज क्षेत्र में बादल फटने से 21 लोगों की जान गई थी।</p>
<h3>हाईवे बाधित, सड़कों पर फंसे वाहन</h3>
<p>शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर पांच स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात को एक ही लेन से चलाया गया और जाम की स्थिति बन गई। सोलन जिले में कोटी के पास चक्की मोड़ पर भी पत्थर गिरने से सड़क बाधित हुई। डेलगी में भूस्खलन के चलते सुबाथू-वाकनाघाट मार्ग बंद हो गया है। बिलासपुर जिले में भी कई स्थानों पर सड़कों पर मलबा आ गया है।</p>
<h3>भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल खुले</h3>
<p>बारिश के बावजूद राज्य के अधिकतर स्कूल खुले रहे, जिससे अभिभावकों में नाराजगी दिखी। प्रशासन ने बताया कि सड़कें साफ करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।</p>
<h3>रेड अलर्ट, आगे और बारिश की चेतावनी</h3>
<p>मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में अगले 24 घंटे के भीतर बाढ़ और भारी बारिश की आशंका जताई है। 6 जुलाई तक राज्य में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बुधवार के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।</p>
<h3>कुछ इलाकों में रिकॉर्ड बारिश</h3>
<p>रविवार शाम से सोमवार सुबह तक राज्य में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई। पंडोह में सर्वाधिक 123 मिमी, मंडी में 119.4 मिमी, मुरारी देवी में 113.2 मिमी, पालमपुर में 83 मिमी, भरारी में 65.2 मिमी, कसौली में 64 मिमी, धरमपुर में 56.6 मिमी और सुजानपुर टीरा में 53 मिमी वर्षा दर्ज की गई।</p>
<h3>अब तक 20 की मौत, 4 लापता</h3>
<p>राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मानसून के आगमन (20 जून) से 29 जून तक हिमाचल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 18:09:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Himachal News: शिमला समझौते की ऐतिहासिक टेबल से पाकिस्तानी झंडा गायब, राजभवन अधिकारियों ने की पुष्टि</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Shimla News:</strong> हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित राजभवन की उस ऐतिहासिक टेबल से पाकिस्तान का झंडा गायब हो गया है, जिस पर 1972 में भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक शिमला समझौता हुआ था। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान ने हाल ही में भारत के साथ हुए शिमला समझौते और अन्य द्विपक्षीय समझौतों को स्थगित करने की घोषणा की है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह यह पता चला कि टेबल पर रखा गया पाकिस्तानी झंडा वहां मौजूद नहीं है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि झंडा कब और किसके द्वारा हटाया गया, लेकिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-raj-bhavan-officials-disappear-from-the-historic-table/article-26900"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-04/shimla_raj_bhavan_1745576675648_1745576691031.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Shimla News:</strong> हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित राजभवन की उस ऐतिहासिक टेबल से पाकिस्तान का झंडा गायब हो गया है, जिस पर 1972 में भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक शिमला समझौता हुआ था। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान ने हाल ही में भारत के साथ हुए शिमला समझौते और अन्य द्विपक्षीय समझौतों को स्थगित करने की घोषणा की है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह यह पता चला कि टेबल पर रखा गया पाकिस्तानी झंडा वहां मौजूद नहीं है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि झंडा कब और किसके द्वारा हटाया गया, लेकिन राजभवन के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि अब वह झंडा वहां नहीं है।</p>
<p>बता दें कि यह टेबल शिमला स्थित राजभवन के कीर्ति हॉल में एक ऊंचे लाल रंग के मंच पर रखी गई है। टेबल को सुरक्षा देने के लिए इसके चारों ओर पीतल की रेलिंग लगाई गई है और इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाने वाली एक प्लेट भी यहां लगी हुई है, जिस पर लिखा है — "3-7-1972 को यहां शिमला समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।"</p>
<p>इस टेबल के साथ इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो की वह प्रसिद्ध तस्वीर भी रखी गई है, जिसमें दोनों नेता शिमला समझौते पर हस्ताक्षर करते नजर आ रहे हैं। वहीं दीवारों पर उस समय के भारत-पाकिस्तान शिखर सम्मेलन की कई अन्य दुर्लभ तस्वीरें भी लगी हुई हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने शिमला समझौते को अस्थायी रूप से निलंबित करने और भारत के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया था। इसके ठीक एक दिन बाद ही राजभवन की ऐतिहासिक टेबल से पाकिस्तानी झंडा हटने की खबर सामने आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Apr 2025 17:05:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Himachal News: शिमला में बारिश और ओलावृष्टि ने लौटाई ठंड, 22 अप्रैल से सुधरेगा मौसम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली और गर्मी के बीच कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। शिमला सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में दोपहर के समय तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का असर फिर से महसूस किया जाने लगा।</p>
<p>शिमला में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर होते-होते मौसम बिगड़ गया। कई जगहों पर बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंडी हवाओं और बारिश ने स्थानीय लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-rain-and-hailstorm-in-shimla-returned-cold-weather/article-26750"><img src="https://www.parakhkhabar.com/media/400/2025-04/2024_12image_10_01_575016610rain.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली और गर्मी के बीच कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली। शिमला सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में दोपहर के समय तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का असर फिर से महसूस किया जाने लगा।</p>
<p>शिमला में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर होते-होते मौसम बिगड़ गया। कई जगहों पर बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंडी हवाओं और बारिश ने स्थानीय लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया।</p>
<p>पर्यटक जो गर्मी से राहत की उम्मीद लेकर शिमला पहुंचे थे, वे भी अचानक बढ़ी ठंड से परेशान नजर आए। शहर की सड़कों पर फिसलन बढ़ने से यातायात पर असर पड़ा, वहीं बाजारों में स्वेटर और जैकेट की मांग फिर से बढ़ गई।</p>
<p>मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति 21 अप्रैल तक बनी रह सकती है, जबकि 22 अप्रैल से मौसम के साफ होने की संभावना जताई गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हिमाचल प्रदेश </category>
                                    

                <link>https://www.parakhkhabar.com/himachal-pradesh/himachal-news-rain-and-hailstorm-in-shimla-returned-cold-weather/article-26750</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 05:54:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Parakh Khabar]]></dc:creator>
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